अंतरिक्ष में विज्ञान पर निबंध | Essay On Science In Space In Hindi

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Essay On Science In Space In Hindi

Essay On Science In Space In Hindi

यह मनुज
जिसका गगन में जा रहा है यान
कांपते जिसके करों को देखकर परमाणु
यह मनुज विज्ञान में निष्णात
जो करेगा, स्यात् मंडल और विधु से बात

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प्रस्तावना– प्रस्तुत शताब्दी विज्ञान के नित नवीन प्रयोगों और आविष्कारों की हैं. विज्ञान ने पृथ्वी की पुस्तक के सभी पृष्ट खोलकर पढ़ डाले हैं. अब वह धरती पर अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं हैं. अब उनका ध्यान अंतरिक्ष की ओर हैं.

धरती एक परिवार– यह विज्ञान की ही देन है कि अमेरिका आदि दूरस्थ स्थानों पर घटित घटना का पता भारत को चंद मिनटों में ही चल पाता हैं. मोबाइल फोन, इंटरनेट आदि यंत्रों से हम बातें कर सकते हैं. तथा सब कुछ जान सकते हैं. विज्ञान ने धरती को एक परिवार बना दिया हैं.

अन्य ग्रहों का ज्ञान– आज मनुष्य का ध्यान धरती से बाहर अन्य ग्रहों की ओर जा पहुंचा है, जो इसी सौरमंडल में स्थित हैं. पहले वह धरती के उपग्रह चन्द्रमा पर पहुंचा. अब तो चन्द्रमा पर बस्ती बसाने की योजनायें बनने लगी हैं. अमेरिका, यूरोप आदि के देशों में चन्द्रमा पर कॉलोनी बसाने के लिए भूमि की बुकिंग भी हो रही हैं.

वर्तमान में वैज्ञानिकों का ध्यान अंतरिक्ष में सुदूर स्थित ग्रहों की ओर हैं इसके रॉकेटयान शनि तथा मंगल ग्रहों तक पहुँच चुके हैं. मंगल पर जल होने का विश्वास व्यक्त किया जा रहा हैं. शनि के उपग्रह टाईटनिक का अध्ययन भी आरम्भ हो चुका हैं.

कल्पना का यथार्थ में परिवर्तन– अंग्रेजी भाषा के लेखक एच जी वेल्स ने धरती पर मंगलग्रह के निवासियों के काल्पनिक आक्रमण का वर्णन अपने उपन्यास में किया था. यह कल्पना इंग्लैंड तथा यूरोप के लोगों के मस्तिष्क में सजीव रही हैं. आज विज्ञान इस कल्पना को यथार्थ में परिवर्तित करने में लगा हैं.

इसका राकेटयान मंगल की धरती पर उतर चुका हैं. और वहां के चित्र पृथ्वी पर प्राप्त हो रहे हैं. वैज्ञानिक इनका  अध्ययन  कर रहे हैं. उनका विचार है कि मंगल की जलवायु पृथ्वी के निवासियों के रहने के लिए उपयुक्त हो सकती हैं. मंगल ग्रह पर पानी की उपस्थिति तो नहीं मिली है. परन्तु रेत पर बनी हुई लकीरों से उनको वहां पानी होने का विश्वास हो रहा हैं.

अंतरिक्ष में अध्ययन– अंतरिक्ष में हमारा सौरमंडल है, जिसमें नौ ग्रह तथा उनके उपग्रह स्थित हैं. वैज्ञानिक नौ से अधिक ग्रहों की खोज कर चुके हैं. यूरेनस ग्रह भी खोजा जा चुका है. विज्ञान धरती पर बढ़ती जनसंख्या के लिए चन्द्रमा तथा मंगल आदि ग्रहों पर आवास बनाने की दिशा में काम कर रहा हैं.

अंतरिक्ष बहुत विस्तृत तथा विशाल हैं. हमारे सौरमंडल तथा आकाशगंगा के समान अनेक सौरमंडल तथा आकाशगंगाएं हैं. ये हमारी पृथ्वी से बहुत दूर स्थित हैं. अभी वहां तक पहुंचना संभव नहीं हैं. किन्तु विज्ञान उनके बारे में जानने का प्रयास कर रहा हैं. अत्यंत विशाल और शक्तिशाली दूरबीनों के आविष्कार से इनका अध्ययन संभव हो सका हैं. विज्ञान ने इन ग्रह नक्षत्रों की पृथ्वी से दूरी को नापने के लिए प्रकाश वर्ष का आविष्कार किया हैं.

विज्ञान और अंतरिक्ष में यातायात– विज्ञान ने अंतरिक्ष में यात्रा करने की कल्पना ही नहीं की हैं. अपितु उसे यथार्थ रूप देने में भी वह लगा हैं. आकाश में उड़ने का पहला साधन वायुयान था. चन्द्रमा में स्थित अन्य ग्रहों में अध्ययन के उपकरण भेजने के लिए राकेट मिसाइल आदि का सहारा लिया गया हैं.

उपसंहार– विज्ञान का अंतरिक्ष के अध्ययन का पूरा ध्यान हैं. उसने ऐसे अनेक उपकरण बनाये हैं. जिनसे अंतरिक्ष का ज्ञान प्राप्त करना सम्भव हो सका हैं. उसने शक्तिशाली दूरबीनों तथा कैमरों का निर्माण किया है, जो अंतरिक्ष को जानने में मनुष्य के सहायक हैं.

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