कविता पर सुविचार | Poetry Quotes In Hindi

Poetry Quotes In Hindi:- कविता मनुष्य के मन के भावों की अभिव्यक्ति है, जो शब्द के रूप में बाहर आती तो पद्य के कई स्वरूप शायरी, गजल, गीत आदि में रूप में पढ़ते है. रचनात्मक प्रवृति इन्सान में प्रकृति प्रदत्त होती है, जिसके चलते ही वह ढेरों कल्पनाएँ कर इसे शब्द रूप में हमारे समक्ष प्रस्तुत करता हैं. जीवन पर कविता (hindi poetry on life) पर आज हम आपके साथ quotes on poetry शेयर कर रहे हैं. यहाँ हम जानेगे कि विद्वानों ने कविता गद्य के बारे में क्या कहा हैं.

कविता पर सुविचार | Quotes On Poetry In Hindiकविता पर सुविचार | Poetry Quotes In Hindi

Poetry Poem Quotes (कविता सुविचार)

कविता सर्वाधिक सुखी और सर्वोत्तम मस्तिष्कों के सर्वोत्तम एवं सर्वाधिक सुखी क्षणों का लेखा होती हैं.


कविता आनंद में आरम्भ होती है और ज्ञान में उसका अंत होता हैं.


एक अच्छी कविता समझने की अपेक्षा एक सामान्य कोटि की कविता लिखना अधिक आसान हैं.


यदि किसी कविता के लेखक की टीका द्वारा उसकों अधिक अच्छा बनाया जा सकता है, तो उसको कभी प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए था.


एक कविता को सत्य नहीं बल्कि सत्य के समकक्ष होना चाहिए, कविता का अर्थ नहीं, होना चाहिए, इसको केवल कविता ही होना चाहिए.


सर्वकालीन सत्य के माध्यम से अभिव्यक्त जीवन की कल्पना कविता हैं.


अतुकांत कविता लिखना जाल खोलकर टेनिस खेलने के समान हैं.


Poet Quotes In Hindi – कवि पर सुविचार 

प्रत्येक व्यक्ति कवि हो जाता है जब वह किसी के प्रेम में होता हैं तो


कवि सिवाय छापे की गलती के सब कुछ पार कर सकता हैं.


पागलपन के मसाले के अभाव में कोई भी महान कवि नहीं बन सकता हैं.,


मनुष्य के स्वभाव की सुरक्षा के लिए कविता चट्टान का काम करती हैं.


सच्चे कवि राज्य के संरक्षक होते हैं.


कवि मानव जाति के प्रथम शिक्षक होते हैं.


कवि विश्व के अस्वीकृत विधायक होते हैं.


कवियोचित दर्द में एक प्रकार का सुख होता है, जिसको केवल कवि ही जानते हैं.


हम सब कवि बन जाते है, जब हम किसी कविता को अच्छी तरह पढ़ते हैं.


कवि पैदा होते है बनाए नहीं जाते हैं.


Poetry Quotes In Hindi पद्य काव्य पर सुविचार

पद्य की एक विशेषता को कम लोग अस्वीकार करेगे- यह बात किसी को गद्य की अपेक्षा कम शब्दों में अधिक कह देता हैं.


काव्य शक्तिशाली भावनाओं का स्वयं प्रवर्तित प्रवाह होता है, शान्ति के क्षणों में मनोवेग के ध्यान के क्षणों में इसका जन्म होता हैं.


जब अमर कविता के साथ ज्ञान का विवाह होता है तब पद्य काव्य का जन्म होता हैं.


पद्य काव्य मूलतः जीवन की समालोचना हैं.


विज्ञान उनके लिए है जो सीखते है, पद्य उनके लिए है जो जानते हैं.


पद्य में सदैव एक गूढार्थ होना चाहिए.


जमीन से जुड़ा हुआ पद्य कभी नहीं मरता हैं.


पद्य इतिहास की अपेक्षा अधिक मनोहर एवं दार्शनिक होता है, क्योंकि पद्य विश्व सम्बन्धी अभिव्यक्ति करता है, जबकि इतिहास केवल विशेष से संबंद्ध रहता हैं.


यदि पद्य का जन्म इतने स्वाभाविक रूप में नहीं होता है, जितने स्वाभाविक रूप में पेड़ में पत्तियां लगती है, तो यह अधिक अच्छा था कि पद्य की रचना ही न हुई होती.


रोष क्रोध ही काव्य रचना को अग्रसर करता हैं.

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