राजस्थान के सबसे खतरनाक गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की कहानी खत्म

पिछले दो वर्षो से राजस्थान पुलिस के नाक में दम करने वाला खुखार गैंगस्टर आनंदपाल सिंह Anand Pal कल रात चुरू में पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया| करीब 30 से अधिक उच्च पुलिस अधिकारियो की टीम इसे पिछले डेढ़ साल से राजस्थान के अलावा हरियाणा,मध्यप्रदेश, दिल्ली और बिहार में खोज कर रही थी| मगर कल रात चुरू जिले में एक घर में छिपे होने की सुचना मिलते ही राज पुलिस ने आनंदपाल सिंह को मार गिराया|

राज्य में पिछले कुछ वर्षो से आतंक का दूसरा नाम आनंदपाल सिंह था, उनकी गैंग राज्य के प्रत्येक कोने और पड़ोसी राज्य तक हैं| जिनके पास कई आधुनिक हथियार हैं| सिंह सावरंद तहसील लाडनू नागौर का रहने वाला था| हलाकि इस गाँव की कोई पहचान नही थी| मगर पिछले कुछ सालो में आनंदपाल सिंह की गतिविधियों के कारण काफी सुर्खियों में रहा|

आनंदपाल सिंह की कहानी

यह आनंदपाल सिंह अपनी पूर्व की जिन्दगी में एक मेधावी छात्र था जो समाज की असमानता और शोषण की वजह से अपराध की दुनिया में चला गया| इन्हे भी पता नही चला कब एक गाँव का साधारण लड़का राजस्थान का सबसे बड़ा गेंगस्टर बन गया| 2006 में इसके गुनाही की कहानी शुरू हुई| जिनका अंतिम अध्याय 24 जून 2017 को राजस्थान पुलिस ने लिखा|

आनंदपाल सिंह बेहद चतुर श्रेणी का अपराधी था जो कई बार पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद भी भाग निकला| इस पर लूटमार,हत्या,चोरी जैसे कई दर्जन मुकदमे दर्ज थे| राज्य सरकार ने आनंदपाल सिंह पर 5 लाख रूपये का ईनाम भी रखा था| इनका जीवन किसी फिल्म की कहानी से कम नही हैं| हो सकता हैं आनंदपाल सिंह फिल्म भी बन जाए ..

ये आनंदपाल सिंह अपराध की दुनिया का बादशाह था, 2015 में इसे पेशी पर ले जाया जा रहा था, तब इनके शैतान दिमाग ने ऐसा प्लान बनाया जिससे सुनकर हर किसी को हंसी आ जाए| आनंदपाल सिंह ने एक नशीली मिठाई का डिब्बा लेकर आया और सभी सुरक्षाकर्मी के बिच वितरित करने के बाद क्या था| बारी बारी से सभी सो गये| आनंदपाल को जहा जाना था चला गया|

कई बार उनसे पुलिस का सामना हुआ जिनमे बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी मारे गये कई जख्मी भी हुए| आनंदपाल सिंह बुलेट प्रूफ जैकेट, AK47 और ऑटोमेटिक गन मशीन जैसे खतरनाक हथियारों से लैस रहता था| जबकि पुलिस के पास दो नाल की बंदूक|

आनंदपाल सिंह कैसे बना अपराधी

भले ही मिडिया या लोग इसे खूखार आतंकी कहे मगर आनंदपाल सिंह को चाहने वालों की भी कमी नही हैं| दरअसल अपराधी बनने की वजह यह समाज और प्रशासन ही बना| इसके पिता का नाम हुकुम सिंह था| ये कोई 17-18 साल के रहे होंगे| पढ़ाई में बड़ा मेघावी था| बड़ा होकर स्कुल टीचर बनना चाहता था| मगर फिर जो बना उसकी विस्तृत कहानी आपकों यहाँ बता रहे हैं|

1990 के दशक में इन्होने बीए की डिग्री प्राप्त की| वह बचपन से ही सामाजिक असमानता और भेदभाव का शिकार रहा| मगर एक घटना जिसने आनंदपाल सिंह को साधारण लड़के से खूखार अपराधी बना दिया| वो था उसका विवाह| जब उसकी बरात गाँव से होकर जा रही थी| तो उच्च जाति के लोगों ने इसे जाने नही दिया और रोक कर रख दिया|

आनंदपाल सिंह और जीवन गोदारा

उस समय आनन्दपाल की एक ही व्यक्ति मदद कर सकता था वो था जीवन गोदारा| जो छात्र नेता राजनीती में सक्रिय होने के साथ-साथ कम्पीटीशन परीक्षाओ की तैयारी कर रहा था| जीवन और उसके दोस्त उस गाँव पहुचे और सिंह को वहां से ले जाकर शादी करवाई|

बस अब आनन्दपाल सिंह का एक ही लक्ष्य था असमानता को समाप्त करना | इसके लिए उसने राजनीती में जाने का निश्चय किया मगर सफल न हो सका| इसके बाद आनंदपाल सिंह ने हथियार उठा लिए और अपराध की दुनिया के बदमाशो के साथ गहरी दोस्ती ने इसे प्रदेश का सबसे खूखार अपराधी बना दिया|

किसी कहा सुनी के बाद अपने सबसे अच्छे दोस्त जीवन चौधरी को भी इसने नही बक्शा सारे आम बाजार में एक दूकान पर गोलियों से भुनकर इसकी हत्या कर दी| इसके बाद यह प्रशासन की आखों में धुल झोकता रहा| anand pal singh history in hindi 

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