चन्द्रशेखर आजाद शायरी जयंती 2019 | Chandrashekhar Azad Shayari In Hindi

चन्द्रशेखर आजाद शायरी जयंती 2019 Chandrashekhar Azad Shayari In Hindi: 23 जुलाई आज़ाद जयंती 2019 के अवसर पर समूचा भारत अपने लाड़ले स्वतंत्रता सेनानी चन्द्रशेखर आजाद की याद करेगा. उस जाबाज के बारें में क्या लिखे क्या कहे जिनके साहस और देशभक्ति का दायरा कहीं से सीमित नहीं था, २४ साल की आयु में वतन की खातिर अपनी पिस्तौल की आखिरी गोली यह  कहते खाते है कि आजाद हूँ आजाद ही रहूँगा. चन्द्रशेखर आजाद को शायरी का थोड़ा शौक भी था. अक्सर अपने दोस्तों को शेरो शायरी सुनाया करते थे.  हम चन्द्रशेखर आजाद शायरी हिंदी में उनके जीवन को चित्रित करने वाली,  कुछ शायरियाँ यहाँ बता रहे हैं.

Chandrashekhar Azad Shayari In Hindi चन्द्रशेखर आजाद शायरी

चन्द्रशेखर आजाद शायरी Chandrashekhar Azad Shayari In Hindi

चंद्रशेखर आजाद जयंती 2019 कोट्स, शायरी, स्लोगन, कविता, इमेज चन्द्रशेखर आजाद पर शायरी: 23 जुलाई, 1906 में मध्य प्रदेश के भावरा गांव में जगरानी देवी ने एक शेर बेटे को जन्म दिया, जिसे दुनियां ने आगे चलकर आजाद कहा, पिताजी सीताराम तिवारी ने संस्कृत का विद्वान् बनाने के लिए आजाद को काशी भेजा, मगर गांधीजी के असहयोग आन्दोलन से प्रेरित होकर इन्होने पढ़ाई छोड़कर राष्ट्रसेवा की राह चुनी, अटल इसी राह पर चलते आजाद 27 फरवरी 1931 को शहीद हो गये.

चन्द्रशेखर आजाद पर शायरी हिंदी में

शत्रु की गोली का सामना
हम करेगे
आजाद हैं आजाद ही
रहेगे.


‘शहीदो के मजारो पर जुड़ेगे हर बरस मेले,
वतन पे मरने वालो का यही बाकी निशा होगा।’


“शहीद की चिताओ पर पड़ेगे ख़ाक के ढेले।
वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशा होगा॥”


‘टूटी हुई बोतल है, टूटा हुआ पैमाना।
सरकार तुझे दिखा देगे, ठाठ फकीराना।।’


जब तो जीवित थें
पूछों पर ताव था
गुलाम वतन का
इकलौता आजाद था
शत शत नमन

चन्द्रशेखर आजाद के बारे में देशभक्ति शेरो शायरी

‘स्वतत्रता रण के रणनायक अमर रहेगा तेरा नाम,
नही जरूरत स्मारक की स्मारक खुद तेरा नाम।
स्वतत्र भारत नाम के आगे जुड़ा रहेगा तेरा नाम,
भारत का जन-मन-गण ही अब बना रहेगा तेरा धाम।।’


कलम की पीड़ा हैं अतीत में सिमट गये आजाद
भूल गये हम आजादी
आजाद को हम भूल गये
भूल गये किनसे मिली थी आजादी
हम स्वतंत्र नहीं हो सकते
और आज जो हैं उसे नहीं कह
सकते हमारी आजादी


किसकी मजाल हैं जो छेड़े दिलेर को
गर्दिश में तो घेर लेते हैं भेड़िये भी शेर को


उन गोरों की गोलियां की क्या
हैसियत जो हमें छू जाए
उनमें कहा वो रफ्तार
जो हमकों पकड़ पाए
हम आजाद है हम आजाद हैं.


मैं आजाद हूँ
चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं
इन्कलाब की ज्वाला लपटी मेरे बदन में हैं
मृत्यु जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं
बलिदानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं.
आजाद जयंती पर शत शत नमन

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आशा करता हूँ दोस्तों चन्द्रशेखर आजाद शायरी जयंती का यह लेख आपकों पसंद आया होगा. हमारे आदर्श नेशनल हीरों के बारें में आपके पास भी इस तरह की शेरो शायरी हो तो कमेंट कर हमें जरुर बताए.

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