प्राचीन चीनी सभ्यता का इतिहास | China Ki Sabhyata In Hindi

China Ki Sabhyata In Hindi, History of ancient Chinese civilization प्राचीन चीनी सभ्यता का इतिहास

प्राचीन चीनी सभ्यता ह्वान्हों और चांग जियांग (याग्टीसीक्यांग) नदियों की घाटियों में विकसित हुई थी. चीनी लिपि आरम्भ में चित्रात्मक थी. धीरे धीरे इसकी स्वयं की वर्णमाला का निर्माण हुआ. मंगोल जाति के लोगों ने चीनी सभ्यता को जन्म दिया और विकास में सहयोग दिया. उपलब्ध ऐतिहासिक तथ्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर चीन का व्यवस्थित राजनैतिक इतिहास ईसा पूर्व 2852 से फूसी नामक शासक से प्रारम्भ होता है. चीन के शासकों के राजवंशों में शांग वंश, चाऊ वंश, हान वंश, सुई वंश, तांग वंश, शुंग वंश प्रमुख थे.चीनी सभ्यता

चीनी सभ्यता की विशेषताएँ एवं तथ्य (Characteristics and facts of Chinese civilization)

  • चीनी सभ्यता का सामाजिक जीवन (Social life of Chinese civilization)

चीन का प्राचीन समाज मंडारिन, कृषक, कारीगर, व्यापारी तथा सैनिक वर्ग में विभाजित था. सेना में भर्ती होने वाले लोग या तो अत्यंत निर्धन अपरिश्रमी या समाज में अवांछनीय चरित्र के माने जाने वाले थे.

एच ए डेविच का कथन है कि प्राचीन सभ्यताओं में चीन ही ऐसा देश है जो शान्ति के लिए संगठित रहा वहां सैनिक होना अपमानजनक समझा जाता था.

चीनी सभ्यता में संयुक्त परिवार की प्रथा थी परिवार का मुखिया वयोवृद्ध व्यक्ति होता था. वहां के जीवन में नैतिकता पर विशेष बल था.

समाज में स्त्रियों को गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त नही था. पर्दा प्रथा व तलाक प्रथा प्रचलित थी.

  • चीनी सभ्यता में कृषि व पशुपालन (Agriculture and animal husbandry)

चीनी लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि था. चावल की खेती तथा चाय की खेती बहुतायत से की जाती थी. नहरों द्वारा सिंचाई होती थी. भेड़, सूअर, गाय, बैल, कुते आदि पालतू पशु थे.

  • व्यापार व उद्योग (Trade and industry)

चीनी हस्तकला एवं उद्योग के अंतर्गत रेशम तैयार करना और कपड़ा बुनना प्रमुख था. अन्य महत्वपूर्ण उद्योग चीनी मिट्टी के बर्तन बनाना था.

चीन से नमक, मछली, लोम, सूती तथा रेशमी कपड़ो का व्यापार बड़े पैमाने पर होता था. प्राचीन बेबीलोन, मिस्र  एवं भारत से चीनी लोग विभिन्न वस्तुओं का व्यापार करते थे.

  • चीनी सभ्यता में लोगों का धार्मिक जीवन (Religious life of people in Chinese civilization)

चीनी लोग प्रकृति के उपासक थे. वे सूर्य चन्द्रमा, पृथ्वी, आकाश, वर्षा की पूजा करते थे. चीन में राजा को परमात्मा का पुत्र माना जाता था.

वे जादू टोना, बलि आदि में भी विशवास करते थे. कालान्तर में चीनवासियों की धार्मिक विचारधारा क्न्फ्युशियस के सुधारवादी एकेश्वरवाद एवं लाओत्से की शाश्वत आत्मा के ताओवाद तथा बौद्ध धर्म से प्रभावित हुई.

  • ज्ञान एवं विज्ञान (Knowledge and science)

प्राचीन चीनी सभ्यता में ज्ञान विज्ञान की खूब उन्नति हुई. कागज, छापाखाना, स्याही, बारूद, चित्रकला तथा दिशासूचक यंत्र का आविष्कार सर्वप्रथम चीन में हुआ. “पढ़ेप्राचीन भारत के विज्ञान आविष्कार”

कन्फ्यूशियस और लाओत्से चीन के महान विचारक थे. लीयो वहां का प्रसिद्ध कवि था.

  • चीन की दीवार का इतिहास (History of The Great Wall of China)

चीन की दीवार चीनी सभ्यता की स्थापत्य कला का विश्व प्रसिद्ध नमूना है. इसका निर्माण चीन के शासक शीहवांगती द्वारा हूणों के निरंतर आक्रमणों से रक्षा के लिए करवाया था.

यह दीवार 1800 मील लम्बी व 20 फीट चौड़ी व 20 फीट ऊँची है. इस दीवार पर थोड़ी थोड़ी दुरी पर बुर्ज जैसे छोटे छोटे किले बने हुए है.

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