जल पर कविता : हमे जलाशय लगते प्यारे ये सब जीवन के रखवाले

आज के हमारे शीर्षक जल पर कविता पर आपकों शानदार हिंदी भाषा में पोएम प्रस्तुत करने जा रहे हैं. How To Save Water यानि जल का बचाव कैसे करे. आज के समय में महती आवश्यकता बन चूका हैं. जल क्यों जरुरी हैं. इसका क्या महत्व हैं, जल का सग्रहण क्यों करे. इन सारे सवालों का जवाब एक ही स्लोगन हैं, नारा हैं – क्युकि जल ही जीवन हैं, जल नही तो कल नही.

जल पर कविता

इस कविता का सार और संदेश जल के अच्छे तरीके से रखरखाव और उनके सग्रहण पर हैं. इसे पढनें के बाद जल की कीमत और उसकी एक-एक बूद का महत्व समझ सकते हैं.आओ चलिए पढ़ते हैं.जल बचाओ पर कविता को.

हमें जलाशय लगते प्यारे ( जल पर छोटी कविता)

हमें जलाशय लगते प्यारे,
ये सब जीवन के रखवारे |

बादल अमृत-जल भर लाते,
पोखर झीले या हो ताल |
जहां लबालब ये मिलते,
वहां न होता कभी अकाल |
ये सुकाल के सेतु इनसे,
सबके हैं वारे-न्यारे |
हमे जलाशय लगते प्यारे ||

कोई जल की पूजा करते,
करने आते वजू नमाजी |
कोई संध्या, तर्पण, व्रत कर,
तैराते हैं दीप – जहाजी |
धर्म आस्था को ये धारे,
जीवन हसता द्वारे-द्वारे |
हमे जलाशय लगते प्यारे ||

औरो के हित संचित करते,
कभी न पीते अपना पानी |
कूप बावड़ी, कुई कुंड ये,
इस धरती के अनुपम दानी |
खुशहाली के ये हरकारे,
पक्षी आते पंख पसारे |
हमें जलाशय लगते प्यारे ||

इनकी रक्षा और सुरक्षा,
हम सबकी हैं जिम्मेदारी |
इनके रूठे आ सकती हैं,
हर प्राणी पर आफत भारी |
हैं ये सबके सहज सहारे,
हमें जलाशय लगते प्यारे |

Short Poem On Water In English Version

hamen jalaashay lagate pyaare,
ye sab jeevan ke rakhavaare.

baadal amrt-jal bhar laate,
pokhar jheele ya ho taal.
jahaan labaalab ye milate,
vahaan na hota kabhee akaal.
ye sukaal ke setu inase,
sabake hain vaare-nyaare.
hame jalaashay lagate pyaare.

koee jal kee pooja karate,
karane aate vajoo namaajee.
koee sandhya, tarpan, vrat kar,
tairaate hain deep – jahaajee.
dharm aastha ko ye dhaare,
jeevan hasata dvaare-dvaare.
hame jalaashay lagate pyaare.

auro ke hit sanchit karate,
kabhee na peete apana paanee.
koop baavadee, kuee kund ye,
is dharatee ke anupam daanee.
khushahaalee ke ye harakaare,
pakshee aate pankh pasaare.
hamen jalaashay lagate pyaare..

inakee raksha aur suraksha,
ham sabakee hain jimmedaaree.
inake roothe aa sakatee hain,
har praanee par aaphat bhaaree.
hain ye sabake sahaj sahaare,
hamen jalaashay lagate pyaare.

सुझाव

मित्रों जल पर कविता ये लेख आपकों कैसा लगा. कमेंट कर हमे अवश्य बताए. एक दिन जरा भी पांच मिनट के लिए सोचकर देखे, यदि जल (पानी) कल ही खत्म हो जाए तो क्या होगा? रूह काँप उठेगी दोस्तों. अभी वक्त हैं, अपने लिए अपनी आने वाली पीढियों की खातिर ही सही जल बचाओ.

अपने जल स्त्रोतों के पास स्वच्छता रखे, पूरी तरह जल की बचत करे. यदि कोई पानी खराब कर रहा हो तो उन्हें भी ऐसा करने से रोके, क्युकि यह हम सभी का दायित्व बनता हैं.

जल के बारे में मनु ने ठीक ही कहा हैं-

शरीर जल से पवित्र होता हैं, मन सत्य से और आत्मा धर्म से पवित्र होती हैं.

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