दीपावली पर निबंध DEEPAVALI PAR NIBANDH

Deepavali Par Nibandh दीपावली दो शब्दों दीप और अवली से मिलकर बना हे. दीप का मतलब होता है दीपक और अवली का मतलब होता हे पंक्ति अर्थात दीपों की पंक्तियाँ. हमारे देश में प्रति वर्ष अनेक त्यौहार मनाये जाते है. हिन्दुओं के त्यौहारों में रक्षाबंधन, होली, दशहरा और दीपावली प्रमुख त्यौहार है. इस त्यौहार पर लोग दीपक को पंक्तियो में रखकर रौशनी करते है. दीपक का त्यौहार होने के कारण इसे दीपावली या दिवाली कहा जाता है. यह दो शब्दों दीप और अवली से मिलकर बना है. दीप का मतलब होता है दीपक और अवली का मतलब होता हे पंक्ति अर्थात दीपों की पंक्तियाँ.

मनाने का समय (Time On Celebration)

यह त्यौहार कार्तिक मॉस की अमावस्या को मनाया जाता है. यह त्यौहार अमावस्या के दो दिन पूर्व त्रयोदशी से लेकर इसके दो दिन बाद दूज तक चलता है. इस तरह दीपावली का त्यौहार पांच दिन तक मनाया जाता है.

मनाने का कारण (Reason Of Celebration)

इस त्यौहार के साथ हमारी अनेक पौराणिक और धार्मिक कथाएं है. हिन्दुओं की मान्यता है की इस दिन भगवान श्री राम चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे. उनके आने की ख़ुशी में अयोध्यावासियों ने अपने घरों में दीपक जलाकर उनका स्वागत किया था. पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन समुंद्रमंथन से धन की देवी लक्ष्मी प्रकट हुयी थी. जैन धर्म वाले भगवान महावीर स्वामी से सम्बधित कथा कहते है. कुछ लोग इस दिन हनुमान जी की जयंती मनाते है. मत चाहे कुछ भी हो लेकिन आनंद-उल्लास की दृष्टि से मनाये जाने वाले त्यौहारों में यह प्रमुख त्यौहार है.

मनाने की विधि (Method Of Celebration)

दीपावली से पहले गृहणियां धन तेरस के दिन बर्तन खरीदना शुभ मानती है. रूपचौदस के दिन घरों की सफाई करके छोटी दीपावली मनाई जाती है. अमावस्या के दिन दीपावली का त्यौहार पुरे हर्षो-उल्लास से मनाया जाता है. इस दिन प्रत्येक घर में लक्ष्मी पूजन होता है. दुसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. लोग गोबर का गोवर्धन बनाकर उसे पूजते है.

कहते है इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी ऊँगली पर उठाकर मुसलाधार वर्षा से ब्रज की रक्षा की थी. इसके बाद भाई दूज का त्यौहार मनाते है. बहनें अपने भाइयों के ललाट पर तिलक लगाती है और उन्हें मिठाइयां खिलाती है. दीपावली के दिन लोग ‘दवात पूजन’ भी करते है और अपने बहीखाते भी बदलते है. इस प्रकार यह त्यौहार पांच दिन तक बड़ी-ख़ुशी के साथ मनाया जाता है.

दीपावली का महत्व (Importance Of Deepavali)

हर त्यौहार का अपने विशेष महत्व होता है. जिस प्रकार ईद मुसलमानों में भाईचारे का त्यौहार माना जाता है, उसी प्रकार दीपावली भी स्नेह का त्यौहार है. इस दिन सभी व्यक्ति अपने मित्रों और रिश्तेदारों से मिलते है तथा उन्हें शुभकामनाओं सहित मिठाइयाँ भेंट करते है. सांस्कृतिक पर्व की दृष्टि से यह त्यौहार पौराणिक परम्पराओं को बनाये रखने वाला है.

आखिर में

हिन्दुओं में मनाये जाने वाले त्योहारों में दीपावली का विशेष महत्व है. यह हमारी सामूहिक स्नेह भावना का प्रतीक है. खुद गरीबी को झेलते हुए भी भारतवासी उल्लास के साथ इस पर्व को मनाते है, लक्ष्मी पूजन करते है और करते रहेंगे.

इस त्यौहार का लोग बेसर्बी से इन्तजार करते है. बच्चे पटाखें जलाते हे, सारा परिवार एक जगह साथ होता है, लोग साथ में खाना खाते है और अपने सारे गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलते है. इसी लिए तो हमारा देश अनेकता में एकता का सिद्दांत लिए चलता है. पूरा बाज़ार इस दिन चकाचौंध से भरा रहता है.

“रोशन हो दीपक और सारा जग जगमगाए

लिए साथ सीता मैया को राम जी आये

हर शहर यूँ लगे मानो अयोध्या हो

आओ हर दीवार, हर गली, हर मोड़ पर दीपक जलाये

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