धनतेरस पर निबंध और कहानी इन हिंदी क्यों मनाया जाता है धनतेरस का त्योहार

धनतेरस पर निबंध (Essay on Dhanteras In Hindi): आप सभी को प्यार भरा नमस्कार और धनतेरस 2019 की हार्दिक शुभकामनाएं. भारतीय चिकित्सा जगत आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वन्तरि जी के जन्म दिवस को हम धनतेरस के रूप में मनाते हैं. इस दिन माँ लक्ष्मी जी का पूजन भी किया जाता हैं दिवाली के पर्व का पहला दिन धनतेरस का ही होता हैं. इस दिन बाजार जाते है दिवाली का सामान तथा धनतेरस पर विशेष खरीददारी भी करते हैं. इस दिन बर्तन की खरीद मुख्य रूप से होती हैं. आज धनतेरस के निबंध में हम धनतेरस पर निबंध और कहानी इन हिंदी क्यों मनाया जाता है धनतेरस का त्योहार पर आपकों छोटे बच्चों के लिए निबंध उपलब्ध करवा रहे हैं.

धनतेरस निबंध 2019 इन हिंदी 

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Short Essay on ‘Dhanteras’ in Hindi | ‘Dhanteras in Hindi | धन तेरस पर निबंध

Dhanteras’ par Nibandh धनतेरस 2019 पर निबंध– हिन्दू धर्म का पावन त्योहार धनतेरस कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को पड़ता हैं. इस दिन से ही पांच दिनों के दिवाली पर्व की शुरुआत मानी जाती हैं. हिन्दुओं के प्रसिद्ध इस पर्व को भगवान धन्वन्तरी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता हैं. इस दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी मनाया जाता हैं.

धनतेरस का त्योहार क्यों मनाया जाता है– हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन आरोग्य के स्वामी भगवंत धन्वन्तरी जी समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे. उनके हाथ में एक स्वर्ण कलश था, जिसमें भरे अमृत को उन्होंने देवताओं को पिलाया था, जिस कारण वे अमर हो गये थे.

यही वजह है कि आज भी धनतेरस के दिन लोग अपने अच्छे स्वास्थ्य और दिर्घायु की कामना के लिए धन्वन्तरी की पूजा करते हैं. इस दिन से गोत्रिरात्र व्रत का आरम्भ ही होता है, जो आगामी तीन दिनों तक चलते हुए गौवर्धन पूजा के दिन समाप्त होता हैं.

धनतेरस पूजा– कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी का दिन धन्वंतरि जी को समर्पित है इस रात को उन्ही की पूजा अर्चना व अनुष्ठान किये जाते हैं. धन त्रयोदशी की रात को लोग भगवान धन्वंतरि का नाम व मंत्र जाप करते हुए अपने घर, दूकान, ऑफिस आदि में घी का दीपक जलाते हैं. 

गाँव शहर एवं कस्बों में सार्वजनिक स्थल जैसे मंदिर, गौशाला, नदी के घाट, कुआं, तालाब एवं बगीचे आदि में भी धनत्रयोदशी को दीपदान किया जाता हैं. यह साल भर में खरीददारी का सबसे बड़ा दिन भी हैं. लोग इस दिन आभूषण बर्तन वाहन आदि की खरीद भी करते हैं.

धनतेरस की खरीददारी– ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई कोई वस्तु तेरह गुणा लाभ प्रदान करती हैं. इस दिन विशेष रूप से चांदी अथवा ताम्बे के बर्तनों की खरीद करने की परम्परा हैं. तेजी से बदलती हमारी दुनियां आज धनतेरस के दिन ऑनलाइन शोपिंग साइट्स के मोबाइल, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक पर सस्ते ऑफर का भरपूर लाभ उठाने का अवसर बड़े दिन बाद पाती हैं. इस दिन वाहनों की खरीद भी बड़ी मात्रा में होती हैं. 

धनतेरस पर निबंध / Dhanteras Essay In Hindi

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इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा आराधना भी की जाती हैं, ऐसा माना जाता है कि धनतेरस की पूजा में धन्वन्तरी एवं माँ लक्ष्मी का पूजन एवं दीपदान होता हैं. व्यापारी वर्ग के लिए धनतेरस का बड़ा महत्व हैं. इस दिन बाजारों में रौनक छा जाती हैं. लोग विविध सामग्री खरीदने अपने घरों से बाजार का रुख करते हैं. माना जाता है इस दिन धातु के बर्तन या वाहन खरीदना शुभ होता हैं. धनतेरस के शुभ मुहूर्त में खरीदी गई वस्तु धारक को तेरह गुणा लाभ देती हैं. इसलिए इस दिन को लोग खरीददारी का मुख्य दिन मानते हैं. संभवतया इसी मान्यता के चलते धन तेरस का नाम पड़ा होगा.

धनतेरस का महत्व What Is Importance Of Dhanteras ka Mahatav

इस दिन घरों की सजावट मुख्य रूप से की जाती है लोग अपने घर के मुख्य द्वार को दीपकों एवं विद्युत् लाइट्स के साथ सजाते हैं, धनतेरस पर माँ लक्ष्मी के आगमन के लिए घर के द्वार खोल दिए जाते हैं. घर के मुख्य आंगन में रंगोली के चित्र बनाकर चावल व आटे के साथ लक्ष्मी जी के घर में आगमन के प्रतीक के रूप में पैरों के चिह्न बनाए जाते हैं.

धनतेरस पूजा की जानकारी, कथा और महत्व हिन्दी में-Dhanteras Puja Story Katha Mahatva in Hindi- त्योहार खुशियों एवं हर्ष के प्रतीक होते हैं, भारत को त्योहारों के देश के रूप में जाना जाता हैं. यहाँ बारह महीने कोई न कोई पर्व उत्सव चलते रहते हैं, इन्हें मनाने के अपने अपने धार्मिक, सामाजिक कारण महत्व एवं पौराणिक कथाएँ जुडी होती हैं. ऐसे ही त्योहारों में आज हम इस निबंध में दिवाली के बड़े उत्सव धनतेरस की बात कर रहे हैं. 

धनतेरस पूजा-Dhanteras Puja in Hindi

पाठ पूजा अनुष्ठान भारतीय संस्कृति की आत्मा एवं मूल विशेषताओं में से एक हैं. कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को मनाई जाने वाली धनतेरस की पूजा कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं. यह एक शुभ सुकून देने वाला उत्सव है कारोबारी लोगों के लिए यह सालभर का सबसे ख़ास दिन भी होता हैं. बड़ी दिवाली से दो दिन तथा छोटी दिवाली से एक दिन पूर्व मनाया जाता हैं. यह पर्व दीपावली के पांच पर्वों की शुरुआत की करता हैं. धनतेरस से लोग घर में दीपक जलाकर माँ लक्ष्मी की पूजा करना आरम्भ कर देते हैं.

आशा करता हूँ फ्रेड्स धनतेरस पर निबंध का यह छोटा सा धन तेरस निबंध आपकों अच्छा लगा होगा, यदि लेख में दी गई जानकारी आपकों अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों को भी शेयर करे. एक बार पुनः आपको और आपके परिवार को धनतेरस 2019 & दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.

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