बाल श्रम कानून | How To Stop Child Labour In Hindi

How To Stop Child Labour In Hindi: भारत में बाल श्रम एक सामाजिक बुराई है. इसके अंतर्गत बेहद कम आयु वर्ग के बालक बालिकाओं को कठोर शारीरिक व मानसिक श्रम कार्यों अथवा मजदूरी पर लगाया जाता है. स्कुल जाने की इस उम्रः में अनियमित काम घंटे व असुरक्षा के कारण इनका भविष्य अन्धकारमय  जाता है. भारत सरकार ने बाल श्रम को रोकने के लिए कई Child Labour low बनाए है. जिनके तहत इस समस्या को समाप्त किया जा सकता है.

बाल श्रम कानून | How To Stop Child Labour In HindiHow To Stop Child Labour In Hindi

Information on laws made to stop child labour in india

बाल (श्रमक बंधक) कानून 1933

माता पिता अथवा अभिभावक द्वारा बालक को श्रम बंधक बनाने की स्थति में यह कानूनी प्रावधान किया गया है. इस अधिनियम के अनुसार बालकों को श्रम बंधक रखने वाले किसी भी मौखिक अथवा लिखित समझौतों को निरस्त बना दिया गया है.

कारखाना कानून 1948 (indian factories act 1948)

कारखाना कानून के तहत उन सभी व्यक्तियों को बालक की श्रेणी में शामिल किया गया है. जिन्होंने अभी तक 15 वर्ष की उम्रः पूरी नही की है. कानून के तहत बालकों और महिलाओं से संध्या 7 बजे से प्रातः 6 बजे तक कार्य कराएं जाने का प्रतिषेधः है. यह कानून बच्चों को काम पर लगाने को गैर कानूनी घोषित करता है.

खान कानून 1952 (Mining laws in India)

इस कानून में सभी प्रकार की खानों में बालकों के नियोजन का प्रतिषेधः किया गया है.

प्रशिक्षु कानून 1961

इसके तहत 14 वर्ष से कम आयु के बालकों को प्रशिक्षु के रूप में काम करने हेतु नियोजन नही किया जा सकता है.

बीड़ी सिंगार कर्मकार कानून 1966

इस कानून द्वारा इस प्रकार के उद्योगों में किसी बालक के नियोजन को प्रतिबंधित किया गया है.

बाल श्रम (प्रतिषेधः एवं विनियमन) कानून 1986

वर्ष 1979 में सरकार ने बाल श्रम को रोकने के उपायों पर पहली बार गुरुपदस्वामी कमेटी का गठन किया. कमेटी ने न=विस्तृत अध्ययन कर बताया कि जब तक गरीबी रहेगी तब तक बाल श्रम रोकना संभव नही है, कानून के जरिये इन्हें पूर्ण व्यवहारिक रूप से खत्म नही किया जा सकता.

इसलिए एक विकल्प के तौर पर जोखिम वाले कार्यों में बच्चों को लगाने पर पूर्णत रोक लगा दी जावे. तथा गैर पप्रतिबंधित क्षेत्रों में बालकों के लिए कार्य स्थति, समय, मजदूरी बेहतर हो. इसी कमेटी की सिफारिश पर 1986 में बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) कानून बनाया गया था.

इस कानून के तहत सभी घरेलू इकाइयों को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्र में 14 वर्ष से कम आयु के बालक को काम पर लगाने की पूर्ण मनाही है. इस कानून की अवमानना करने की स्थति में दोषी व्यक्ति को तीन माह से एक वर्ष तक कारावास या 10-20 हजार रूपये जुर्माना अथवा दोनों भी हो सकते है.

सरकार द्वारा 2015 में बाल श्रम प्रतिषेध कानून में किये गये बदलाव के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चें अपने परिवार के पुश्तैनी कार्य में हाथ बंटा सकते है, इसके लिए यह अनुबंध किया गया है, कि कार्य खतरनाक नही होना चाहिए.

इस कानून के पूर्व के 1986 के कानून के तहत 14 वर्ष के बच्चों को किसी भी तरह के श्रम कार्य में लगाया जाना प्रतिबंधित था.

बाल श्रम उन्मूलन कानून के कुछ तथ्य

  • सरकार द्वारा खतरनाक श्रेणी के उद्योगों में 14 से 18 यानि 1 से 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों को लगाना गैर क़ानूनी है.
  • यदि कोई माता-पिता या उद्योगपति बाल श्रम का दोषी पाया जाता है, तो उन्हें तीन वर्ष की कठोर कारावास व 50 हजार रूपये तक का जुरमाना देना होगा.
  • यदि माता पिता बाल श्रम करवाते है, तो पहली दफा उन्हें चेतावनी के साथ छोड़ दिया जाता है, दूसरी बार ऐसा करने की स्थति में उन पर 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

ये कार्य बाल श्रम में नही आते

  • अगर बालक किसी वीडियो अथवा ऑडियो माध्यम का कलाकार हो.
  • फिल्म अथवा धारावाहिक में बाल कलाकार की भूमिका में हो.
  • सर्कस के सिवाय किसी भी खेल प्रतियोगिता में.
  • बच्चें के माता-पिता का यह कर्तव्य है कि वो निरिक्षण करते रहे सम्बन्धित कार्य से बच्चें की शिक्षा व स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर न पड़े.

राष्ट्रीय बाल श्रम नीति (NCLP)

वर्ष 1979 में गठित गुरुपद स्वामी समिति के सुझावों पर भारत सरकार द्वारा अगस्त 1987 को एक राष्ट्रीय बाल श्रम नीति का निर्धारण किया गया.

राष्ट्रीय बाल नीति 2013 (National Child Policy)

भारत सरकार ने 26 अप्रैल 2013 को नयी राष्ट्रीय बाल नीति घोषित की. इसमें 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति/महिला को बालक माना गया है.

  • बाल श्रम उन्मूलन के लिए 26 सितम्बर 1994 को एक राष्ट्रीय बाल श्रम उन्मूलन प्राधिकरण की स्थापना की गई थी.
  • सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 10 दिसम्बर 1996 को दिए गये निर्णय में देश में खतरनाक व घातक उद्योगों में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के नियोजन को प्रतिबंधित किया गया है.

बाल श्रम कारण कानून व दुष्परिणाम

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