बूढ़ी तीज व्रत कथा महत्व | Boodhi Teej Vrat

Boodhi Teej Vrat: यह भादों बदी तीज हैं. इस दिन व्रत रखकर गायों का पूजन करते हैं. सात गायों के लिए सात आटे की लोई बनाकर उन्हें खिलावे, फिर स्वयं भोजन करे. बहुएं चीनी और रुपयों का बायना सासुजी के पाय लगकर उनकों देती हैं.

बूढ़ी तीज व्रत | Boodhi Teej Vrat | बूढ़ी तीज की कहानी | Teej Mata Ki Kahani |

बूढ़ी तीज व्रत कथा महत्व

भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को बूढ़ी तीज का यह पर्व मनाया जाता हैं. इस दिन के व्रत (उपवास) रखने वाले गौ पूजा करते हैं तथा गायों को सात आटे की लोई बनाकर खिलाते हैं. गायों को भोजन कराने के बाद ही उपवास खोला जाता हैं. इस दिन वधू अपने सास को हाथ से भोजन कराकर कुछ भेट देकर आशीर्वाद लेती हैं. सास द्वारा बहु को सौभाग्यवती बनने का सिंघारा देती हैं.

श्राद्ध का अर्थ कर्म विधि मंत्र एवं नियम | Pitru Paksha/ Shraddha Date... श्राद्ध का अर्थ कर्म विधि मंत्र निय...
शरद पूर्णिमा की खीर | Sharad Purnima Kheer... Sharad Purnima Kheer वर्षा ऋतू की स...
दीपावली – Deepawali दिवाली या दीपावली अन्धकार पर प्रकाश...
Gandhi Jayanti In Hindi | 2 अक्टूबर 2018 विशेष Gandhi Jayanti 2018 In Hindi 2 अक्ट...
प्लीज अच्छा लगे तो शेयर करे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *