भय / डर क्या है अर्थ परिभाषा प्रकार और भय के कारण | What is fear meaning definition and type of fear

भय / डर क्या है अर्थ परिभाषा प्रकार और भय के कारण | What is fear meaning definition and type of fear आती हुआ आपदा की भावना या दुःख के कारण के साक्षात्कार से जो एक प्रकार का आवेगपूर्ण या स्तम्भ कारक मनोविकार होता है. उसे भय कहते है.

भय / डर क्या है अर्थ परिभाषा | What is fear meaning And definition In Hindi

क्रोध दुःख के कारण पर प्रभाव डालने के लिए आकुल रहता है. और भय उसकी पहुच से बाहर होने के लिए. क्रोध दुःख के कारण के स्वरूप बोध के बिना नही होता. यदि दुःख का कारण चेतन होगा तो यह समझा जाएगा कि उसने जानबूझकर दुःख पहुचाया है.

तभी क्रोध होगा. परन्तु भय के लिए कारण का निर्दिष्ट होना जरुरी नही है. इतना भर मालूम होना चाहिए कि दुःख या हानि पहुचेगी. यदि कोई ज्योतिषी परिवार किसी गंवार से कहे कि ”कल तुम्हारे हाथ पाँव टूट जाएगे” तो उसे क्रोध न आएगा, भय होगा.

पर उसी से यदि कोइ आकर कहे की ” कल अमुक अमुक तुम्हारे हाथ पैर तोड़ देगे”तो तुरंत त्योरी कर कहेगा कि कौन है हाथ पैर तोड़ने वाला, देख लूँगा.

भय / डर के प्रकार और भय के कारण (fear ‘s type and Reasons)

भय का विषय दो रूपों में सामने आता है. असाध्य रूप में और साध्य रूप में. असाध्य विषय वह है जिसका किसी प्रयत्न द्वारा निवारण असम्भव हो या असंभव मनुष्य समझ पड़े. साध्य विषय वह है जो प्रयत्न द्वारा दूर किया या रखा जा सकता है.

दो मनुष्य एक पहाड़ी नदी के सामने बैठे या आनंद से बातचीत करते जा रहे है. इतने में सामने शेर की आवाज सुनाई पड़ दे. यदि वे दोनों उठकर भागने, छिपने या पेड़ पर चढने के प्रयत्न करे तो बच सकते है विषय के साध्य या असाध्य होने की धारणा परिस्थति की विशेषता के अनुसार ही होती है.

पर बहुत कुछ मनुष्य की प्रकृति पर भी अवलम्बित रहती है. क्लेश के कारण का ज्ञान होने पर उसकी अनिवार्यता का निश्चय अपनी विवशता या अक्षमता की अनुभूति के कारण होता है. यदि यह अनुभूति कठिनाई और विपत्तियों को दूर करने के अनभ्यास या साहस के अभाव के कारण होती है, तो मनुष्य स्तम्भित हो जाता है.

और उसके हाथ पाँव हिल जाते है, पर कड़े दिल का या साहसी आदमी पहले तो जल्दी जल्दी डरता नही है और डरता भी है तो सभलकर अपने बचाव के उद्योग में लग जाता है.

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