माधव महाविद्यालय बाड़मेर को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा थे 3 वायरल विडियो

जोधपुर संभाग में ग्रेजुएशन की शिक्षा के क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ते और नई संकल्पना, नई सोच के साथ मालाणी में शिक्षा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने वाले माधव महाविद्यालय बाड़मेर (Madhav College, Barmer) शिक्षा के पावन मंदिर को कलंकित करने का कुछ असामाजिक तत्वों की कोशिश कामयाब नही हो पाई.

क्या था मामला?

दरअसल 6 अक्टूबर शाम पांच बजे को किसी हितेषी द्वारा कॉलेज प्रबंधक को एक कॉल की गई, जिनमे बताया गया कि आपके कॉलेज के नाम के साथ तीन अश्लील विडियो सोशल मिडिया (Social media) पर तेजी से फ़ैल रहे है. कथित माधव कॉलेज बाड़मेर क्लिप्स को संदेश भेजने वाले के मोबाइल नंबर सहित मिले, जिनकी गहन पड़ताल की गई.

FAKE VIDEOS

इन 3 पोर्न वीडियोज में ऐसा कुछ नही था जिससे तनिक भी यह कहा जाए कि ये  विडियो माधव महाविद्यालय बाड़मेर के है. विडियो में रिकार्डेड कमरे की दीवारों का रंग हरा,तथा उपर लोहें की चादरे से ढका कमरा था. कॉलेज के सभी 15 कक्षों में 1 प्रतिशत भी इस तरह के संकेतो के मिलान नही थे.

फिर वीडियो क्लिपिस किसकी है

जो भी अभिभावक या स्टूडेंट्स कॉलेज में एक बार आ चुके है वे इस तथ्य से भलि भाँती परिचित है कि ये विडियो यहाँ का नही है. कुछ छानबीन के बाद यह पता चला कि ये विडियो किसी DM नागपुर शिक्षण संस्थान से सम्बन्धित है, जिन्हें 2 साल पूर्व एक पोर्न वेबसाइट पर अपलोड किया गया था.

यानि इन्टरनेट पर पड़ी किसी पुरानी विडियो को ढूंढ़कर Madhav College, Barmer के ड्रेसकोड के साथ मिलान कर यह दावा किया गया था. जिसमे सच्चाई रति भर भी नही है.

Madhav College Barmer का ही नाम क्यों

अक्सर बहुत से लोग किसी संस्थान या व्यक्ति को बहुत आसानी से कुछ भी अच्छा करने का कदम उठाने का साहस न करे इसी स्वार्थ की पूर्ति के लिए वे उनके समक्ष कुछ रोड़े अटकाने की कोशिश करते है. इस प्रकार के अश्लील संदेश को माधव के साथ जोड़कर प्रसारित करने के पीछे व्यक्तिगत द्वेष या दुश्मनी को निकालने के लिए भी की जा सकती है.

हम सभी जानते है कि माधव महाविद्यालय बाड़मेर का सबसे तेजी से बढ़ता शिक्षण संस्थान है. जिसकी वजह से कुछ शिक्षण संस्थानों या विपक्षी राजनेताओं को अपनी दूकान बंद होने का भय भी इस प्रकार की द्वेषपूर्ण कार्यवाही के लिए उकसा सकता है. पिछले कुछ समय से यह माधव कॉलेज कई लोगों की आँखों का काँटा बना हुआ है, यह वजह भी हो सकती है जिस कारण वो इस प्रकार के फेक विडियो क्लिप्स के जरिये बदनाम करने की साजिश को अंजाम दे.

प्रतिवाद

जैसे ही कॉलेज प्रशासन को इस मामले की सूचना मिली, महाविद्यालय निदेशक गोपालसिंह जी द्वारा इस मामले को सदर थाना बाड़मेर में इस मामले की FIR दर्ज करवाई. पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, त्वरित कार्यवाही करते हुए इस मामले की मूल भूमिका से जुड़े लोगों को चिन्हित कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया.

FIR COPY

माधव कॉलेज वायरल फर्जी विडियो मामले में 10 से अधिक लोगों का हाथ हो सकता है.मामले की गहन जांच बाड़मेर द्वारा की जा रही है. जिसके सभी तथ्य जांच पूरी होने तक मिल जाएगे.

संदेश

माधव महाविद्यालय बाड़मेर फर्जी वायरल विडियो से बहुत से सवाल और संदेशों को जन्म दिया है. कॉलेज का नाम लेकर बदनाम किये जाने की इस कोशिश से भले ही अनजान लोगों के बिच माधव महाविद्यालय का नाम गलत परिपेक्ष्य में सामने आया हो. संस्था हितेषी लोगों और निदेशक की स्फूर्ति के चलते इस दुष्प्रचार के अधिक फैलने में अवश्य सफलता हाथ लगी है.

इस मामले कई ऐसे लोग भी सपेट में आए है, जिन्होंने इस मैसेज को आगे तक बिना सोचे समझे और सच्चाई जाने इसे प्रसारित करने में लगे रहे. यही वजह थी कि कुछ असामाजिक तत्वों के शरारत भरे कृत्य के चलते कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था.

माधव विडियो समाचार के इस दुष्प्रचार के पीछे जिन-जिन लोगों ने अपने दिमाग खपाए है. निश्चित तौर पर उन्हें जिन्दगी का एक बड़ा पड़ाव सलाखों के पीछे गुजारना पड़ेगा. जिससे न सिर्फ उन्हें अपने किये का फल मिलेगा, बल्कि किसी विद्या मन्दिर को इस तरह से बदनाम करने की साजिश रचने वालों को परिणामों की चिंता अवश्य सताएगी.

कहा अपने कृत्य से शर्मिदा हु और माफ़ी मागी

माधव कॉलेज को सोशल मिडिया के जरिये बदनाम करने की साजिश करने वालों में डर पैदा हुआ, जब इस पुरे मामलों से जुड़े लोगों को पकड़ा जाने लगा. इसी श्रृंखला से जुड़े एक व्यक्ति की चिनाख्त हुई. बाड़मेर मगरा निवासी मेघाराम चौधरी अपने रिश्तेदारों सहित कॉलेज आए और अपने कृत्य के प्रति शर्मिदगी जाहिर करते हुए संस्था निदेशक के सामने लिखित रूप में अपना माफीनामा (Apology Letter) पेश किया.

आप भी इस प्रकरण में संस्थान के खिलाफ चल रही साजिश में लिप्त ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध चल रही कार्यवाही का समर्थन करते है तो प्लीज इस समाचार को फेसबुक, whatsapp के सभी ग्रुप्स में भेजकर लोगों के सामने इस सच्चाई को पहुचाने के हमारे इस प्रयास में समर्थन देवे.

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