राजस्थान सरकार की योजनाएं 2018 महिलाओं व बालिकाओं के लिए | Mahila Bal Vikas Rajasthan Government Schemes In Hindi

राजस्थान सरकार की योजनाएं 2018 महिलाओं व बालिकाओं के लिए | Mahila Bal Vikas Rajasthan Government Schemes In Hindi

आज के इस आर्टिकल में हम राजस्थान सरकार की योजनाएं के तहत महिलाओं के लिए सरकारी योजनाएं राजस्थान में संचालित प्रमुख स्कीम्स पर बात करेगे. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय   राजस्थान की इन सरकारी योजना राजस्थान 2018 फॉर वीमेन, गर्ल्स एंड चाइल्ड को इसका पात्र  माना गया हैं. राजस्थान सरकार की योजनाएं 2018-2019 में राजश्री योजना, सरस लाडो योजना, मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी योजना, बेटी बचाओं, बेटी पढाओं अभियान, जननी एक्स्प्रेम एबुलेंस  सेवा, जननी सुरक्षा योजना (JSY), जनमंगल कार्यक्रम, ओजस, कुशल मंगल कार्यक्रम, किशोरी  प्रजनन एवं  यौन लैंगिक स्वास्थ्य, किशोर मित्र स्वास्थ्य सेवा, मुख्यमंत्री बालिका सम्बल योजना सहित प्रमुख राजस्थान सरकार की महिलाओं व बालिकाओं के लिए २०१८ बनाई गई स्कीम की जानकारी देगे.

राजस्थान सरकार की योजनाएं राजस्थान सरकार की योजनाएं 2018 महिलाओं व बालिकाओं के लिए | Mahila Bal Vikas Rajasthan Government Schemes In Hindi

मुख्यमंत्री राजश्री योजना बेटियों के लिए (rajshri yojana rajasthan)

1 जून 2016 से मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी योजना के साथ पर ‘राजश्री योजना‘ प्रारम्भ की गई हैं. बालिका कल्याण की इस महत्वकांक्षी योजना में अब बेटियों को जन्म से लेकर 12 वीं कक्षा उतीर्ण करने तक अलग अलग किस्तों में कुल 50 हजार रूपये की राशि दी जाएगी. इस योजना के तहत जिलों के सभी चिकित्सा संस्थानों तथा jsy में अधिस्वीकृत निजी चिकित्सा संस्थानों पर बालिका के जीवित जन्म पर लाभ निम्न प्रकार देय होगा.

  • जीवित जन्म पर प्रथम क़िस्त- 2500 रूपये
  • एक साल की उम्रः में पूर्ण टीकाकरण होने पर दूसरी क़िस्त-2500 रूपये
  • स्कूल में पहली कक्षा में प्रवेश पर तीसरी क़िस्त- 4000 रूपये
  • छठी कक्षा में प्रवेश पर चौथी क़िस्त- 5000 रूपये
  • दसवीं कक्षा में प्रवेश पर पांचवी क़िस्त- 11000 रूपये
  • राजकीय विद्यालय से 12 वीं कक्षा उतीर्ण करने पर- 25000 रूपये
  • बालिका को मिलने वाली कुल राशि- 50000/-

राजस्थान सरकार की योजनाएं 2018 (Mahila Bal Vikas Rajasthan Government Schemes In Hindi)

सरस लाडो योजना (Saras Lado Scheme 2018)

जयपुर डेयरी द्वारा यह योजना 1 जनवरी 2016 को प्रारम्भ की गई. कन्या शिशु के जन्म को प्रोत्साहित करना, लिंगानुपात को बढ़ाना तथा बाल विवाह को हतोत्साहित करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य हैं. इसमें जनवरी 2016 या उसके बाद पैदा हुई कन्या शिशु को 18 साल के बाद उसके विवाह पर 1 लाख रूपये दिए जाएगे.

मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी योजना (CM Shubh Laxmi Yojana (SLY) in rajasthan)

प्रदेश में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और मातर मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से 1 अप्रैल 2013 को यह योजना प्रारम्भ की गई. योजना के तहत 1 अप्रैल 2013 या इसके बाद बालिका के जीवित जन्म पर माता को कुल 7300 रु की प्रोत्साहन राशि तीन किश्तों में निम्न प्रकार देय होगी.

  • बालिका के जीवित जन्म होने पर २१०० रूपये की राशि
  • बालिका के प्रथम जन्म दिवस अवसर पर २१०० रूपये की राशि
  • बालिका की उम्रः पांच वर्ष पूर्ण होने पर स्कूल में प्रवेश लेने पर ३१०० रूपये की राशि देय होगी.
  • लाभान्वितों को द्वितीय व तृतीय किश्त की राशि समय पर उपलब्ध करवाने के लिए राज्य में दिनाकं 15 अक्टूबर 2014 से ई शुभलक्ष्मी योजना को प्रारम्भ किया गया हैं. अब इसके स्थान पर राजश्री योजना प्रारम्भ की गई हैं.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान (Beti Bachao, Beti Padhao Yojana)

22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत हरियाणा के पानीपत से की थी. इस योजना के तहत देशभर के 100 जिलों का चयन किया गया हैं. जिसमें राजस्थान के कम शिशु लिंगानुपात वाले 10 जिले- अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, गंगानगर, जयपुर, झुंझुनू, करौली, सवाईमाधोपुर, सीकर आदि शामिल थे.

अब इसमें राज्य के चार अन्य जिले -जोधपुर, जैसलमेर, हनुमानगढ़ व टोंक भी शामिल किए गये हैं. राज्य में इस योजना का शुभारम्भ जयपुर के धानक्या गाँव में 14 मार्च 2015 को किया गया. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने झुंझुनू में 8 मार्च 2018 को इस अभियान का देश के सभी जिलों में विस्तार करने का शुभारम्भ किया.

जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा (janani express yojana in hindi)

राज्य में सुरक्षित मातृत्व एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य को सुनिश्चिंत करने तथा सुरक्षित प्रसव हेतु मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं व नवजातों के लिए 2 अक्टूबर 2012 को जयपुरिया अस्पताल से इस सेवा की शुरुआत की. इस सेवा के माध्यम से गर्भवती महिलाओं एवं बीमार नवजात शिशुओं को अस्पताल लाने जाने के लिए निशुल्क वाहन उपलब्ध करवाया जाता हैं.

राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (RJSSK) (mahila bal vikas rajasthan)

प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने एवं गर्भवती महिलाओं व 1 वर्ष तक के बीमार शिशुओं को निशुल्क दवा व अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने मेवात हरियाणा में जननी शिशु कार्यक्रम (JSSK) 1 जून 2011 को प्रारम्भ किया. राजस्थान में इसका प्रारम्भ केंद्र सरकार के सहयोग से राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (RJSSK) के नाम से मुख्यमंत्री गहलोत ने जयपुर के दूदू कस्बें टोंक के पीपलू गाँव व दौसा में 12 सितम्बर 2011 को किया.

जननी सुरक्षा योजना (jsy) (janani suraksha yojana rajasthan)

राजस्थान में केंद्र सरकार की यह योजना सितम्बर 2005 में प्रारम्भ की गई. इसका उद्देश्य मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना एवं संस्थागत प्रसवों की संख्या में वृद्धि करना हैं. इस योजना के तहत राजकीय एवं मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों में प्रसव कराने पर प्रसूताओं एवं आशा सहयोगिनी को निम्न प्रोत्साहन राशि दी जाती हैं.

  • ग्रामीण क्षेत्रों में- 1400 रु प्रसूता को एवं 300 रूपये आशा सहयोगिनी को
  • शहरी क्षेत्रों में- 1100 रु प्रसूता को एवं 200 रु आशा सहयोगिनियों को

ज्योति योजना (jyoti yojana rajasthan)

पुत्र रहित केवल एक या दो बालिकाओं के पश्चात स्वेच्छा से परिवार कल्याण का स्थायी साधन नसबंदी ओपरेशन) अपनाने वाली 22 से 32 वर्ष की महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता देने हेतु ज्योति योजना 1 अप्रैल 2011 से आरम्भ की गई.

जनमंगल कार्यक्रम (Janamangal Program)

जनसंख्या की वृद्धि दर में कमी करने, जनसंख्या में स्थायित्व लाने तथा शिशु एवं मातृ मृत्युदर में कमी करने के लिए समुदाय आधारित गर्भ निरोध के साधनों के वितरण के उद्देश्य से यह कार्यक्रम वर्ष 1992 से अलवर व उदयपुर जिलों में प्रारम्भ किया गया था. वर्ष 1997-98 से इसे सम्पूर्ण राज्य में लागू कर दिया गया.

यह कार्यक्रम दम्पतियों को परिवार कल्याण के अंतराल साधनों की आपूर्ति मांग को पूरा करने व अंतराल साधनों के उपयोग को बढ़ावा देने का एक सामुदायिक कार्यक्रम हैं.

ओजस (ojas rajasthan)

यह राज्य में जननी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी योजना एवं राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (RJSSK) के अंतर्गत दी जाने वाली राशि को सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रान्सफर करने की योजना हैं.

कुशल मंगल कार्यक्रम (kushal mangal karyakram pdf)

यह राजस्थान प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को कम करने हेतु हाईरिस्क प्रेगनेंसी को चिन्हित कर उनका समुचित प्रबंधन करने हेतु ११ जुलाई 2015 से आरम्भ योजना हैं. यह राजस्थान का ऐसा पहला कार्यक्रम हैं जिसमें अत्यंत सूक्ष्म रूप से निगरानी रखी जाती हैं.

किशोरी प्रजनन एवं यौन लैंगिक स्वास्थ्य (arsh scheme/kishori shakti yojana)

किशोरियों एवं महिलाओं को स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लक्ष्य से राजस्थान सरकार की योजनाएं का यह कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया हैं. इसके अंतर्गत निम्न कार्य चल रहे हैं.

  • किशोर मित्र स्वास्थ्य सेवा (AFHS): यह कार्यक्रम राजस्थान के 12 जिलों में चलाया जा रहा हैं.
  • जीवन कौशल शिक्षा: जीवन कौशल शिक्षा विषय सभी विद्यालयों के कक्षा 11 में सत्र 2005-06 में अनिवार्य रूप से लागू हैं. जीवन कौशल शिक्षा को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य हैं.

मुख्यमंत्री बालिका संबल योजना (mukhyamantri sambal yojna rajasthan)

राज्य में गिरते लिंगानुपात को रोकने के उद्देश्य से यह योजना 1 अप्रैल 2007 से लागू की गई, इस योजना का उद्देश्य हैं.

  • प्रदेश में बाल विवाह की प्रथा को रोकने के लिए माता पिता को प्रेरित करने की भावना.
  • निरंतर गिरते जा रहे लिंगानुपात को रोकना.

योजना का स्वरूप:- राज्य में ऐसे दम्पति जिनके कि पुत्र नही हैं और एक या दो बच्ची होने पर नसबंदी करा लेते हैं तथा बच्चियों की उम्रः ५ साल या इससे कम हैं तो उन्हें बालिका संबल योजना के अंतर्गत प्रत्येक बालिका के नाम से 10-10 हजार रूपये की राशि यूटी आई म्यूच्यूअल फंड की सी सी पी योजना के अंतर्गत जमा कराकर बांड उपलब्ध करवाएं जाते हैं.

बालिका की 18 वर्ष की आयु पर उक्त बांड परिपक्व होगा. जिस पर यूटी आई फंड से अधिकतम 77 हजार रूपये की राशि प्राप्त हो सकेगी.

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