वर्तमान समस्या एवं उनके निराकरण में युवाओं का योगदान

वर्तमान समस्या एवं उनके निराकरण में युवाओं का योगदान

वर्तमान समस्या एवं उनके निराकरण में युवाओं का योगदान

समाज और समस्याएं– प्रत्येक व्यक्ति समाज का एक अंग माना जाता हैं. वह समाज को बनाता हैं. और उसे प्रभावित भी करता हैं. समाज में वर्ण, जाति, धर्म, वर्ग आदि सभी तरह के लोग रहते है और हर समाज की अपनी अपनी समस्याएं होती हैं. कुछ समस्याएं कुछ काल बाद स्वत समाप्त हो जाती हैंतो कुछ का निराकरण करने का प्रयास करने पर ही हल नहीं होती हैसमस्याएं जितनी अधिक होती हैं, उनसे समाज या देश उतना ही अधिक दबा रहता हैं. और प्रगति का मार्ग रूक सा जाता हैं.

वर्तमान समस्याएं– हमारे देश में स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही अनेक समस्याएं उभरी हैं, छुआछूत, अशिक्षा, दहेज़ प्रथा, बाल विवाह, जनसंख्या वृद्धि, कुपोषण, भाग्यवादिता, शोषण उत्पीड़न, बेरोजगारी, अन्धविश्वास, आर्थिक विषमता आदि अनेक समस्याओं से हमारा देश आक्रान्त हैं. परन्तु वर्तमान में कुछ समस्याएं इतनी अधिक विकराल रूप धारण कर रही हैं. ऐसी समस्याएं हैं भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई वृद्धि, जनसंख्या वृद्धि, आर्थिक विषमता, स्वार्थपरता आदि.

आज शासनतंत्र से लेकर सामान्य जन जीवन में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर फ़ैल गया हैं. बेरोजगारी बढ़ने से युवा शक्ति अपराधों में प्रवृत हो रही हैं. महंगाई इतनी बढ़ गई हैं कि आटा दाल की व्यवस्था करना कठिन हो रहा हैं. आज  सारे नेता समाज  की सेवा की आड़ में अपने घर भर रहे हैं, स्वार्थ साध रहे हैं और सरकारी सुविधाओं का जमकर दुरूपयोग कर रहे हैं.

इससे आर्थिक विषमता और बढ़ रही है. जनसंख्या वृद्धि भी एक ज्वलित समस्या हैं, जिससे सुख सुविधाओं की कमी पड़ रही हैं. कालाबाजारी, राहजनी, चोरी, धोखेबाजी आदि ऐसी बुरी प्रवृत्तियों बढ़ रही हैं जिनसे आज सारा सामाजिक परिवेश आक्रान्त हैं.

समस्याओं से हानि– इन सभी समस्याओं से आज समाज का सारा वातावरण दूषित हो गया हैं. लोगों का आपस में विश्वास उठने लगा हैं. हर कोई स्वार्थ साधने की खातिर दूसरों का अहित कर रहा हैं. शोषण एवं उत्पीड़न बढ़ रहा हैं. नशाखोरी, फैशन परस्ती एवं अनैतिकता का प्रसार हो रहा हैं. इन सब बुराइयों से आज हमारा सामाजिक एवं राष्ट्रीय अस्तित्व खतरे में दिखाई दे रहा हैं.

समस्याओं के निराकरण में युवाओं का योगदान– वर्तमान काल की समस्याओं के समाधान के युवा शक्ति अनेक प्रकार से योगदान कर सकती हैं. युवा वर्ग बेरोजगारी दूर करने के लिए स्वाबलंबी कार्य कर सकते हैं. वे भ्रष्टाचार करने वालों का विरोध कर जनता का मनोबल उठा सकते हैं. महंगाई पर नियंत्रण के लिए वे कालाबाजारी एवं कुशासन को समाप्त करने में आगे आ सकते हैं. आशय यह है कि युवा वर्ग में यदि कुछ करने का जूनून पैदा हो जाये, तो सभी समस्याओं का सहज निराकरण हो सकता हैं.

उपसंहार- वर्तमान में अनेक समस्याओं से सामाजिक जीवन में अशांति व्याप्त हैं. एक लोकतंत्रात्मक राष्ट्र में ऐसी समस्याओं का समाधान करने में युवाओं का विशेष योगदान रह सकता हैं. वे ही जन जागरण के द्वारा जन शक्ति को सामाजिक उन्नयन की चेतना से मंडित कर सकते हैं.

यह भी पढ़े

आशा करता हूँ दोस्तों वर्तमान समस्या एवं उनके निराकरण में युवाओं का योगदान का यह लेख आपकों पसंद आया होगा. यदि आपकों Essay On Contribution of youth to present problem and their solution in hindi में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *