शीत ऋतु पर निबंध | Winter Season Essay For Kids In Hindi

शीत ऋतु पर निबंध Winter Season Essay For Kids In Hindi: प्रिय विद्यार्थियों आज हम यहाँ पर sheet ritu par nibandh आपके साथ साझा कर रहे हैं. कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12  स्टूडेंट्स  के लिए शीत पर बड़ा निबंध  Winter Season Essay यहाँ विभिन्न शब्द सीमा जैसे 100,200,300,400 और 500 शब्दों   में पढेगे.

शीत ऋतु पर निबंध Winter Season Essay For Kids In Hindi

शीत ऋतु पर निबंध Winter Season Essay For Kids In Hindi

शीत ऋतु भारत की मुख्य ऋतुओं में से एक हैं. अन्य पांच ऋतुओं वर्षा, वसंत, शरद, ग्रीष्म और हेमंत मुख्य हैं. वर्षा ऋतु के बाद शरद ऋतु का आगमन होता हैं. अंग्रेजी कलैंडर के अनुसार इस ऋतु की समयावधि नवम्बर माह से लेकर फरवरी तक होता हैं. हिंदू पंचाग के मुताबिक़ शीत ऋतु की अवधि कार्तिक से माघ महीने तक होती हैं. पोष व माघ महीने में सर्दी अपने चरम पर होती हैं. कई स्थानों पर इस समय पारा शून्य से नीचे चला जाता हैं.

हमारी पृथ्वी अपने अक्ष पर सीधी होने की बजाय झुकी हुई सूर्य के चारो ओर परिक्रमण करती है जिसके कारण सूर्य की किरने समान रूप से नहीं पड़ती हैं इससे मौसम परिवर्तन होता हैं. जब सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सर्वाधिक हो और तिरछी किरने पड़तीं हो तब तापमान न्यून हो जाता हैं और शीत ऋतु का आगमन होता हैं.

भारत में शीत ऋतु को दो समान भागों में विभक्त किया जाता हैं इन्हें हेमंत और शिशिर का नाम दिया गया हैं. हेमंत में ठंड बेहद कम तथा खुशनुमा वातावरण होता हैं, जबकि पोष व माघ में शिशिर का आगमन हो जाता हैं जिसमें अत्यधिक ठंड पड़ती हैं. तेज ठंड हवाओं के चलते जनजीवन ठंड की मार से व्याकुल हो जाता हैं.

दुनिया के अलग अलग देशों में सर्दी ऋतु के मौसम की अवधि में भिन्नता पाई जाती हैं. हमारे देश में दिसम्बर तक कड़ाके की ठंड का दौर आरम्भ हो जाता हैं. सर्दी में दिन छोटे तथा राते बड़ी होने लगती हैं. गर्मी के मौसम में जहाँ बिलखाती धुप से सभी नजर छुपाते हैं वही शीत में सेकने के लिए घंटों तक छत पर आ जाया करते हैं. सूर्य की किरण  नया  जीवन  देने  वाली  लगने लगती हैं. अधिकतर लोग देर तक घरों में दुबके हीटर या लकड़ी के चूल्हे पर तपकर स्वयं को गर्मी का एहसास दिलाते हैं.

अभावग्रस्त लोगों के लिए शीत ऋतु संकट का सबब बन जाती हैं वे आर्थिक रूप से इतने सबल नहीं होते कि  ठंड  से बचाव  के लिए अच्छे ऊनी या गर्म कपड़े खरीद सके. गर्म कम्बल, स्वेटर, रजाई के बिना ही उन्हें गुजारा करना पड़ता हैं. आग की भट्टियों या चूल्हे की गर्मी से ही वे अपना काम चलाते हैं. यदि आग भी नसीब न हो तो बस ठिठुरन और दांतों की कडकडाट से ही जाड़े को कोसते नजर आते हैं.

जाड़े भरी रातों का गुजर उन लोगों के लिए भीषण हो जाता है जिनके पास पहनने और ओढ़ने के लिए गर्म वस्त्र नहीं होते हैं. सामान्य कपड़ों के साथ ठंडी रातों का गुजारा नहीं किया जा सकता हैं. सामान्य तौर पर सर्दी का मौसम उन लोगों के लिए एक भयानक सपने जैसा होता है जिनके पास रहने के लिए कोई आसरा न हो, किसी तम्बू या टाट के नीचे सड़क के किनारे बसने वाले बेघरों का जीना दूभर हो जाता हैं.

शीत ऋतु के कई फायदे भी हैं. इस ऋतु के दौरान पाचन क्षमता प्रबल रहती है जिसके कारण इन्हें स्वास्थ्य काल भी कहा जाता है वही दूसरी तरफ बीमार होने का खतरा भी हर वक्त बना रहता हैं. इसलिए बेहद सावधानी की भी आवश्यकता रहती हैं. बेवक्त बाहर आने जाने या सोते वक्त कम्बल रजाई न ओढने से तेज सर्दी, जुखाम या बुखार होने का खतरा भी बना रहता हैं.

न सिर्फ बाहरी ठंड से बचाव के उपायों की ओर अधिक जागरूक रहना चाहिए बल्कि सर्दी में त्वचा बेहद रुखी हो जाती हैं अतः त्वचा की देखभाल भी परिहार्य हैं. सोते वक्त तेल की मालिश, गुनगुने पानी से नित्य स्नान आदि आदते शीत ऋतु के आगमन पर ही डाल लेनी चाहिए.

प्रत्येक ऋतु एक दूसरे पर निर्भर होती हैं एक की समाप्ति के पश्चात दूसरी ऋतु का आगमन होता हैं. सभी ऋतुओं का अपना अपना महत्व हैं. शीत ऋतु हमे शिक्षा देती है कि जिस प्रकार हम तेज ठंड और जाड़े की रातों से स्वयं के बचाव के लिए पूर्व में ही स्वयं को ढापकर तैयार कर लेते हैं उसी प्रकार जीवन में बुरे समय और विपरीत परिस्थितियों के लिए हमें पूर्व से धन बल से उसका सामना करने की पूर्ण तैयारी कर लेनी चाहिए.

शीत ऋतु फसलों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं. हरी सब्जियां ठंडे मौसम में सर्वाधिक मात्रा में होती हैं. धनिया, मेथी, गाजर, मटर, बैगन, गोभी, मूली आदि हमारी प्रिय सब्जियों का लुप्त हमें विंटर में ही मिलता हैं. पर्यटक स्थलों खासकर हिल स्टेशनों में ठंड के चलते वादियाँ बर्फ से ढक जाती हैं. कश्मीर, शिमला, मंसूरी और माउंट आबू जैसे स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं.

इस तरह ठंड की ऋतु हमें जीवन भर कठिन स्थतियों से संघर्ष करने की प्रेरणा देता हैं. हमारा जीवन सामान्य दिनचर्या से कुछ अलग संघर्ष की ओर बढ़ जाता हैं. जिस तरह हम ठंड की मार को झेलने के बाद वसंत जैसे सुखदायी मौसम को प्राप्त करते हैं उसी तरह जीवन के बुरे हालातों में साहस के साथ सामना करना पर जीवन में हम बहुत सुनहरा दौर ला सकते हैं,

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