संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना उद्देश्य अंग एवं मुख्य संगठन | United Nations organisation (UNO) In Hindi

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना उद्देश्य अंग एवं मुख्य संगठन | United Nations organisation (UNO) In Hindi: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एक नवीन अंतर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना की दृष्टि से विश्व की सर्वोच्च शक्तियों ने विचार विमर्श, सम्मेलन और वार्ताएं प्रारम्भ की. इन प्रयासों में अंटलाटिक चार्टर, कासाब्लांका सम्मेलन, मास्कों सम्मेलन, तेहरान सम्मेलन, याल्टा सम्मेलन व सेन फ्रांसिस्कों सम्मेलन विशेष महत्वपूर्ण रहे. United Nations organisation (UNO) In Hindi

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना (establishment of the united nations organisation)

संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर को अंतिम रूप देने के लिए 25 अप्रैल 1945 को अमेरिका के सेन फ्रांसिस्कों नगर में सम्मेलन प्रारम्भ हुआ. इसमे 51 देशों के 850 प्रतिनिधि एकत्र हुए थे. 20 जून को 50 देशों ने इसके चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे. पौलेंड ने बाद में हस्ताक्षर किये. इस तरह संयुक्त राष्ट्र संघ के 51 संस्थापक सदस्य थे.

सभी राष्ट्रों ने मिलकर 24 अक्टूबर 1945 तक अपनी संसद से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर ली. अतः 24 अक्टूबर को प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस (UNO DAY) मनाया जाता है.

संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य (aims and objectives of the united nations organisation)

  1. अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा
  2. अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान एवं न्याय
  3. सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित एवं पुष्ट करना.
  4. व्यापक शान्ति को प्रोत्साहित करते हुए समानता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों के आधार पर राष्ट्रों के बिच मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों को बढ़ावा देना.

कोई भी राष्ट्र जो शान्तिप्रिय हो एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ चार्टर में विश्वास करता हो, सदस्य बनने के लिए आवेदन कर सकता है. इसके लिए सुरक्षा परिषद की संस्तुति के बाद महासभा का दो तिहाई बहुमत से अनुमोदन होना आवश्यक है. संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयार्क में है. महासचिव संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है. जिसकी नियुक्ति सुरक्षा परिषद की संस्तुति पर महासभा द्वारा की जाती है.

संयुक्त राष्ट्रसंघ के अंग (Organizations of the United Nations)

संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के अनुच्छेद 7 के अनुसार इसके 6 अंग है.

  1. महासभा
  2. सुरक्षा परिषद
  3. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद्
  4. न्यास परिषद्
  5. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
  6. सचिवालय
  • महासभा (Un General assembly)– यह संयुक्त राष्ट्र संघ की व्यवस्थापिका है, जिसमे सभी राष्ट्रों के प्रतिनिधि शामिल होते है. एक अध्यक्ष एवं 7 उपाध्यक्ष होते है. कार्य के सुचारू संचालन के लिए 6 समितियाँ होती है. महासभा का अधिवेशन वर्ष में एक बार सितम्बर माह के दूसरे सप्ताह में होता है. बजट पारित करना, सदस्य राज्यों का प्रवेश, राष्ट्रसंघ का बजट पारित करना, मानव कल्याण के लिए सहयोग करना आदि महासभा के प्रमुख कार्य है.
  • सुरक्षा परिषद् (Un Security Council)– यह संयुक्त राष्ट्र संघ की कार्यपालिका है, इसमें 15 सदस्य होते है. 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य. संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस व चीन सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य है. अस्थायी सदस्यों का चुनाव 2/3 बहुमत से महासभा द्वारा किया जाता है. यह निरंतर कार्य करने वाली संस्था है. इसकी बैठक 14 दिन में एक बार होती है. सुरक्षा परिषद महासभा के साथ अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के जजों को चुनती है. सदस्यों के प्रवेश, निष्कासन, महासचिव की नियुक्ति की संस्तुति करती है. अंतर्राष्ट्रीय शांति, सुरक्षा व विवादों के निपटारे का कार्य करती है. सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के पास निषेधाधिकार (वीटो) होता है.किसी भी निर्णय में यदि एक स्थायी सदस्य की असहमति होती है तो निर्णय पारित नही होता है. वीटों के लिए स्थायी सदस्य का उपस्थित होना जरुरी है.
  • आर्थिक व सामाजिक परिषद (Un Economic and social council)– इसके सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है. सदस्यों की संख्या 54 है. प्रतिवर्ष 1/3 सदस्य रिक्त स्थानों के लिए चुने जाते है. परिषद का कार्य संसार के गरीब, बीमार, निरक्षर व असहाय लोगों की सहायता करना है. मानवीय अधिकारों व मौलिक स्वतंत्रता का आदर व लागू करने के लिए संस्तुति करना, आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करना आदि प्रमुख कार्य है.
  • प्रन्यास परिषद (Un Council of trustees)– संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र में यह व्यवस्था कर दी गई थी कि वे प्रदेश अविकसित एवं पिछड़े हुए है, पूर्ण स्वायतशासी नही है, वहाँ के निवासियों के हितों की रक्षा लिए उन्हें न्यास व्यवस्था के अंतर्गत विकसित राष्ट्रों को धरोहर के रूप में सौप दिया जाय. उन देशों को विकसित कर उनमे स्वशासन स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता उत्पन्न की जा सके.
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (Un International Court of Justice)– अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना हालैंड के हेग नगर में 1946 में की गई थी. इसमे कुल 15 न्यायधीश होते है. इनका कार्यकाल 9 वर्ष का होता है. 5 न्यायधीश प्रत्येक 3 वर्ष के बाद निवृत हो जाते है. न्यायधिशों की नियुक्ति सुरक्षा परिषद व महासभा द्वारा की जाती है. इसका कार्य अंतर्राष्ट्रीय कानूनों पर विचार व व्याख्या करना है. इसका क्षेत्राधिकार उन सभी देशों पर है जो इसकी संविधि को स्वीकार कर चुके है.
  • सचिवालय (Un Secretariat)– सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रशासनिक अंग है जो संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी कार्यों को संपादित करता है. सचिवालय का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी महासचिव होता है. जो सचिवालय की सहायता से अपना सम्पूर्ण कार्य करता है. वह अपने पद के कारण संयुक्त राष्ट्र संघ के अन्य अंगो की कार्यवाही में उपस्थित रहता है व कार्यवाही में भाग लेता है. महासभा द्वारा बनाए गये नियमों के अनुसार पदाधिकारियों की नियुक्ति करता है. महासभा में वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है महासचिव का पद अत्यधिक महत्व का पद होता है.

संयुक्त राष्ट्र संघ के विशिष्ट निकाय (List of specialized agencies of the United Nations)

संयुक्त राष्ट्र संघ को व्यापक एवं विभिन्न कार्यों में सहयोग देने के लिए अलग अलग क्षेत्रों में विशिष्ट निकाय है. जो सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय कल्याण में कार्यरत है. इनकी अपनी स्वयं की कार्यप्रणाली है. यूएनओ के प्रमुख निकाय निम्नलिखित है.

  1. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational Scientific and Cultural Organization -UNESCO)
  2. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International labor organization ILO)
  3. खाद्य एवं कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization)
  4. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization WHO)
  5. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund IMF)
  6. अंतर्राष्ट्रीय पुनः निर्माण व विकास बैंक (International reproduction and development bank)
  7. संयुक्त राष्ट्र संघ बाल संकट कोष (United Nations Child Crisis Fund-UNICEF)
  8. अंतर्राष्ट्रीय वित निगम (International Finance Corporation)
  9. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संघ (International civil aviation association)
  10. अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (International agricultural development fund)
  11. विश्व डाक संघ (World post association)
  12. अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International telecommunications association)
  13. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (United Nations Environment Programme)
  14. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र (International business center)
  15. विश्व खाद्य कार्यक्रम (World food program)
  16. विश्व व्यापार संगठन (World trade organization)

संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत (United Nations and India)

राष्ट्रसंघ की अपेक्षा संयुक्त राष्ट्र संघ को कई क्षेत्रों में सफलता मिली . कई बार विश्व में युद्ध की स्थ्तियाँ बनी, उनको UNO ने रोका. इनमे फिलिस्तीन, इंडोनेशिया, कांगो, क्यूबा, सीरिया, लेबनान समस्या आदि प्रमुख है. लेकिन निशस्त्रीकरण, कश्मीर विवाद, कोरिया विवाद अभी भी बना हुआ है. आतंकवाद और कई अन्य युद्धों को रोकने में भी UNO को सफलता नही मिली है.

“संयुक्त राष्ट्र संघ” के कार्यों में भारत भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. कोरिया युद्ध 1950 के बाद युद्ध बंदियों के आदान प्रदान, स्वेज संकट के समय 1956 में भारत की सैनिक टुकड़ी भेजना, तथा कागों के आर्थिक संकट 1960 तथा सोमालिया संकट 1991 के समय भी भारत की सैनिक टुकड़ी ने खाद्य सामग्री पहुचाई थी. भारत ने एशिया और अफ्रीका के कई देशों को स्वतंत्रता दिलाने में भी समर्थन किया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *