सर्व शिक्षा अभियान पर निबंध | Sarva Shiksha Abhiyan In Hindi

Essay on Sarva Shiksha Abhiyan In Hindi राष्ट्र की सामाजिक एवं सांस्कृतिक उन्नति बहुत कुछ शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है हमारा देश लम्बे समय तक पराधीन रहा स्वाधीनता मिलने पर यहाँ अनेक समस्याए उपस्थित हुई जिनमे अशिक्षा की भी गणना की जा सकती है स्वतंत्रता मिलाने के बाद सरकार ने निरक्षरता को दूर करने के लिए जगह जगह विद्यालय खोले और प्रोढ़ शिक्षा का अभियान चलाया फिर भी हमारे देश में साक्षरता का प्रतिशत उस अनुपात से कम ही है इस समस्या के समाधान के लिए अब सर्वशिक्षा का अभियान चलाया जा रहा है.

सर्व शिक्षा अभियान पर निबंध | Sarva Shiksha Abhiyan In Hindi

  • साक्षरता कार्यक्रम (Sarva Shiksha Abhiyan)

    हमारे देश में पहले प्रौढ़ शिक्षा एवं साक्षरता का अभियान चलाया गया पाचवी पंचवर्षीय योजना प्रारंभ होने पर प्रौढ़ शिक्षा के लिए राष्ट्रीय नीति की घोषणा की गई और इससे पैतीस वर्ष तक के दस करोड़ लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया.

    इसके लिए प्रौढ़ शिक्षको को प्रशिक्षित करना पठन-पाठन की सामग्री तैयार करना जन-जागरण करना प्रशासनिक व्यवस्था एवं प्रशिक्षण नियमावली बनाना आदि लक्ष्य निर्धारित किये गये सरकार ने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से साक्षरता अभियान को आगे बढाया परन्तु अनेक कारणों अभियान सर्व शिक्षा अभियान पूर्णतया सफल नहीं रहा.

  • सर्वशिक्षा अभियान

    सरकार ने प्रौढ़ शिक्षा एवं साक्षरता अभियान को पहले शिक्षा आपके द्धार पर कार्यक्रम चलाया फिर इसे सर्वशिक्षा अभियान का रूप दिया है पिछले पांच सालों से इस अभियान को तेज गति से चलाया जा रहा है इसके लिए गाँवों ढाणियों कस्बो कच्ची बस्तियों एंव पिछड़े क्षेत्रों में नये विद्यालय खोले गये है.

    राजीव गांधी विद्यालय योजना तथा साक्षरता अभियान के रूप में बेरोजगार शिक्षित युवकों को शिक्षा मित्र रूप में नियुक्त किया गया है इसमे नि;शुल्क पाठन सामग्री के साथ दोपहर का भोजन भी बालको को दिया जा रहा है इसमे महिला शिक्षा पर काफी जोर दिया जा रहा है.

  • अभियान की सफलता के लिए सुझाव (Tips for Campaign Success)

    इन अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायतो को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए. शिक्षा मित्रों तथा सविंदा रूप में नियुक्त शिक्षकों को पूरा वेतन दिया जाए और शिक्षण सामग्री अधिक से अधिक उपलब्ध करवाई जाए. सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था सुधारी जाए और रात्रि विद्यालय भी चलाए जाए.

    प्रत्येक परिवार के मुखिया को अपने परिवार को शिक्षित कराने का दायित्व सौपा जाए और शिक्षण के लिए स्वरोजगार का भी ध्यान रखा जाए.

    इस प्रकार सर्व शिक्षा अभियान से सारे राष्ट्र से निरक्षरता को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाया जा सकता है. साक्षरता से ही हम अन्धविश्वासो तथा कुप्रथाओं का अंत कर सभ्य नागरिकों का निर्माण कर सकते है. सरकार भी इस दिशा में उचित प्रशासनिक व्यवस्था करे तथा जनसहयोग लेकर इस अभियान को आगे बधाए. निरक्षरता हमारे देश और समाज का काला दाग है उसे मिटाना ही इस अभियान की सफलता है.

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