सार्क क्या है इसकी संक्षिप्त जानकारी | SAARC Information in Hindi

सार्क क्या है फुल फॉर्म, सदस्य देश, संगठन, | SAARC Information in Hindi

साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कारपोरेशन (दक्षेस) सार्क एक दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन है SAARC की full form South Asian Association for Regional Corporation है. दक्षिण एशिया के सात देशों ने मिलकर इसकी स्थापना की. SAARC के ये सात सदस्य देश है– भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका और मालदीव. सार्क की स्थापना 1985 में हुई, यह दक्षिण एशिया के 7 पड़ौसी देशों के क्षेत्रीय सहयोग के उद्देश्य से स्थापित संगठन है. यह संगठन आपसी तनाव को कम करने व सद्भाव बढ़ाने पर बल देता है. सार्क

सार्क क्या है इसकी संक्षिप्त जानकारी | SAARC Information in Hindi

इन देशों में गरीबी, अशिक्षा, कुपोषण तथा विकास जैसे विषयों पर आपसी सहयोग की अनेक संभावनाएं है. मालदीव को छोड़कर शेष सभी देश भारतीय उपमहाद्वीप के हिस्से है. इस नाते सभी देश ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत साझा करते है.

सार्क ने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण जैसे आधारभूत क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किये है.

भारत दक्षिण एशिया में प्रभावशाली स्थान रखता है. सभी दक्षेस देशों की सीमाएं भारतीय सीमा से किसी न किसी रूप से जुड़ी हुई है. दक्षेस राष्ट्रों की सभी नदियाँ भारत से होकर बहती है. सभी मसलों पर भारत की ओर उम्मीद की दृष्टि लगी रहना स्वाभाविक है.

अप्रैल 2007 में सार्क का 14 वाँ शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ. इनमे अफगानिस्तान को सार्क का आठवा सदस्य बनाया गया. साथ ही विश्व के कई देशों के प्रतिनिधि पर्यवेक्षक के रूप में सम्मिलित हुए. इससे सार्क के प्रति दूसरे देशों की जिज्ञासा प्रकट होती है.

नवम्बर 2014 में सार्क का 18 वाँ शिखर सम्मेलन नेपाल में हुआ. इस संगठन का 19वाँ व शिखर सम्मेलन पाकिस्तान में 2016 को आयोजित हुआ था, जिसमे भारत ने पहली बार अपनी प्रतिनिधित्व नही भेजा था.

सार्क के उद्देश्य एवं इसका इतिहास (What is SAARC – its history, objectives, meaning, achievements in hindi)

दक्षेस के महासचिव अमजद बी॰ हुसैन (पाकिस्तान) है. सत्तर के दशक में बांग्लादेशी राष्ट्रपति जियाउर रहमान के नेतृत्व में साउथ एशिया के देशों का एक ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन बनाने का प्रपोजल रखा गया था. इसी विचार पर इस रीजन के राष्ट्रनेता 1981 में पहली बार श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में मिले, यही आपसी आर्थिक सहयोग व पांच संयुक्त विषयों को लेकर आपस में सहमती बनी. उस समय SAARC के objectives ये थे.

  • साउथ एशिया के देशों के निवासियों के आर्थिक जीवन की गुणवता में सुधार पर जोर
  • आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और सांस्कृतिक विकास को तेजी से बढ़ावा देना, व लोगों को अपनी योग्यता के अनुसार क्षमता प्राप्त करने के अवसर मुहैया करवाना.
  • आपसी सहयोग से सदस्य राष्ट्रों की आत्मनिर्भरता को प्राप्त करना.
  • मिल जुलकर आपसी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान
  • सभी सार्क सदस्य देशों का आर्थिक, सांस्कृतिक, तकनीकी, सामाजिक और तकनिकी क्षेत्र में आपसी सहयोग.
  • इस महाद्वीप के अन्य प्रगतिशील राष्ट्रों को सहयोग देकर, आगे बढ़ने के अवसर देना.
  • साझा हित के मामलों को विश्व मंच पर सहयोग करना
  • समान लक्ष्य और उद्देश्य के लिए अन्य ऑर्गेनाइजेशन एवं रीजनल संगठनों का सहयोग करना.

सार्क के शिखर सम्मेलन का इतिहास (History of the summit of SAARC)

  • 1985-(ढाका) बांग्लादेश
  • 1986 -(बेंगलूरू) भारत
  • 1987 -(काठमांडू) नेपाल
  • 1988 -(इस्लामाबाद) पाकिस्तान
  • 1990 -(माले) मालदीव
  • 1991-(कोलम्बो) श्रीलंका
  • 1993 -(ढाका) बांग्लादेश
  • 1995- (नई दिल्ली) भारत
  • 1997 -(माले) मालदीव
  • 1998 -(कोलम्बो) श्रीलंका
  • 2002 -(काठमांडू) नेपाल
  • 2004 -(इस्लामाबाद) पाकिस्तान
  • 2005 -(ढाका) बांग्लादेश
  • 2007 -(नई दिल्ली) भारत
  • 2008 -(कोलम्बो) श्रीलंका
  • 2010 -(थिम्फू) भूटान
  • 2011 -(अडडू) मालदीव
  • 2014 -(काठमांडू) नेपाल
  • 2016 -(इस्लामाबाद) पाकिस्तान
  • 2017 -(इंदोर) भारत
  • 2018-

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