सौर मंडल के बारे में | Solar System in Hindi

Solar System in Hindiसूर्य के चारों ओर केवल ग्रह ही भ्रमण नही करते अपितु अनेक धूमकेतु, ग्रह कणिकाएँ और उल्काएं भी परिक्रमण करते है. सूर्य, ग्रह, उपग्रह, धूमकेतु, उल्का आदि सम्मिलित रूप से एक विशाल खगोलीय समूह है जिसे सौर परिवार अथवा सौर मंडल (Solar system) कहा जाता है. सौर परिवार के ग्रहों (nine planets) में सूर्य सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए सूर्य को सौर परिवार का पिता या जनक कहा जाता है. Solar System planets information in Hindi में आपकों इस सिस्टम के सभी ग्रहों तथा सौर मंडल की अवधारणा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है.

सौर मंडल के बारे में | Solar System in Hindiसौर मंडल के बारे में | Solar System in Hindi

solar system information– सौर मंडल के सभी खगोलीय पिंड एक निश्चित पथ पर सूर्य का चक्कर लगाते है जिसे कक्ष कहा जाता है. सौर मंडल के बारे में 1543 ई. में सर्वप्रथम निकोलस कॉपरनिकस ने बताया कि सूर्य सौर मंडल के केंद्र में है और सभी ग्रह उसके चारों ओर चक्कर लगाते है.

आधुनिक वैज्ञानिकों के अनुसार हमारे सौर मंडल की आयु (Age of solar system) 460 करोड़ वर्ष है. सूर्य हमारी आकाशगंगा क लगभग सौ अरब तारों में से एक है. सूर्य, जलती हुई गैसों का एक विराट पिंड है. इसकी सतह सदैव अस्थिर व अशांत रहती है. सूर्य में सबसे अधिक हाइड्रोजन व हीलियम है.

सौर मंडल के लिए सूर्य प्रकाश एवं ऊष्मा का एकमात्र स्रोत है. इसका गुरुत्वाकर्षण सौरमंडल को बांधे रखता है. सूर्य की पृथ्वी से अधिक दूरी होने के कारण सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुचने में लगभग 8 मिनट 30 सैकंड का समय लगता है. हमारे सौर मंडल में कुल आठ ग्रह (Eight planets) है, जो सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते है. सूर्य से विभिन्न दूरी पर स्थित इन ग्रहों का आपस में टकराना संभव नही है.

सौर मंडल के आठ ग्रह (8 Planets of Solar System in Hindi)

इन ग्रहों का अपना प्रकाश नही होता है, ये सूर्य से ऊष्मा व प्रकाश प्राप्त करते है. सूर्य से दूर जाने पर क्रमशः Eight planet name बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, ब्रहस्पति, शनि, अरुण, वरुण ग्रह है. सन 2006 तक प्लूटो को भी एक ग्रह माना जाता था, लेकिन नये प्रमाणों के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संगठन ने प्लूटो को बोने ग्रह का दर्जा दिया है.

सूर्य के पास स्थित बुध, शुक्र, पृथ्वी एवं मंगल ग्रह को आंतरिक या धरातलीय ग्रह भी कहा जाता है. ये छोटे और अधिक घनत्व वाले है और चट्टानों से बने है. ब्रहस्पति, शनि, अरुण और वरुण ग्रह आकार में बड़े व कम घनत्व वाले है, इन्हें बाह्य या गैसीय ग्रह भी कहा जाता है.

सौर मंडल के ग्रहों की विशेषताएं (solar system planets in hindi)

आंतरिक ग्रह (Inner planet)

इनका निर्माण चट्टानों से हुआ इनका घनत्व अधिक है.

बाह्य ग्रह (Outer planets)

इनका निर्माण गैस और तरल पदार्थों से हुआ इनका घनत्व कम है.

1. बुध (Mercury)-

  1. सूर्य की परिक्रमा-88 दिन
  2. अपने अक्ष पर घूर्णन-59 दिन
  3. उपग्रह की संख्या- 0
5. बृहस्पति (Jupiter)- 

  1. सूर्य की परिक्रमा – 11 वर्ष 11 माह
  2. अपने अक्ष पर घूर्णन- 9 घंटे 56 मिनट
  3. उपग्रहों की संख्या- लगभग 16
2. शुक्र (Venus)

  1. सूर्य की एक परिक्रमा- 225 दिन
  2. अपने अक्ष पर घूर्णन- 243 दिन
  3. उपग्रह संख्या- 0
6. शनि (Saturn)

  1. सूर्य की परिक्रमा- 29 वर्ष 5 माह
  2. अपने अक्ष पर घूर्णन- 10 घंटे 40 मिनट
  3. उपग्रह की संख्या- 18 लगभग
3. पृथ्वी (Earth)

  1. सूर्य की परिक्रमा- 365 दिन
  2. अपने अक्ष पर घूर्णन- 1 दिन
  3. उपग्रहों की संख्या- 1
7. अरुण (Arun)

  1. सूर्य की परिक्रमा- 84 वर्ष
  2. अपने अक्ष पर घूर्णन- 17 घंटे, 14 मिनट
  3. उपग्रहों की संख्या- 17 लगभग
4. मंगल (Mars)

  1. सूर्य की परिक्रमा- 687 दिन
  2. अपने अक्ष पर घूर्णन- 1 दिन
  3. उपग्रहों की संख्या- 02
8. वरुण (Varun)

  1. सूर्य की परिक्रमा- 164 वर्ष लगभग
  2. अपने अक्ष पर घूर्णन- 16 घंटे 7 मिनट
  3. उपग्रहों की संख्या- 08

खगोल वैज्ञानिकों ने सौर मंडल के सभी पिंडो के अलग अलग वर्ग बनार है. ग्रह, उपग्रह, बौने ग्रह और लघु पिंड. उपग्रह ऐसे आकाशीय पिंड को कहते है जो किसी ग्रह के चारो ओर चक्कर लगाता है. ऐसा पिंड को सूर्य की परिक्रमा करता है और दूसरें पिंडों का भी रास्ता काटता है, बौना ग्रह कहलाता है.

प्लूटो, एरिस, सेरिस आदि बौने ग्रह के उदाहरण है. सूर्य की परिक्रमा करने वाले सौरमंडल के बाकी सभी छोटे छोटे क्षुद्र, ग्रह, उल्कापिंड और वरुण के पार पाए जाने वाले अनजान पिंड और सौर मंडल में आने वाले धूमकेतुओं आदि को लघु पिंड कहा गया है.

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