स्वच्छता अभियान हिंदी निबंध कक्षा पांच से बाहरवी के लिए

स्वच्छ भारत अर्थात स्वच्छता अभियान प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूम्बर 2014 शुरू किया गया| जिन्हें महात्मा गाँधी जयंती 2020 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित हैं| आज आपके लिए स्वच्छ भारत अभियान नारे और कुछ लोकप्रिय उद्दरण स्वच्छ भारत अभियान नारे के अलावा स्वच्छ भारत अभियान पर कविता जो हमारे प्रधानमन्त्री के मिशन स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत को साकार कर सके|

छात्र-छात्राओं के लिए स्वच्छ भारत अभियान पर भाषण और हिंदी निबन्ध की इस श्रखला में सभी विद्यार्थियों के लिए कक्षा 5 से 6, 7, 8, 9, 10, 11 और बाहरवी के स्टूडेंट्स के लिए स्वच्छ भारत अभियान मराठी निबंध में यहाँ उपलब्ध हैं| यहाँ स्वच्छ भारत अभियान मराठी माहिती निबंध पढने के लिए गूगल ट्रांसलेटर टूल के जरिये आप स्वच्छ भारत मिशन योजना के इस लेख को मराठी, अग्रेजी, गुजराती, अग्रेजी, उर्दू, पंजाबी और अन्य भाषाओं में रीड कर सकेगे|

वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन शौचालय निर्माण का दूसरा चरण मार्च 2017 से 2020 तक चल रहा हैं|

जिसकी प्रगति रिपोर्ट और आकड़े आपके लिए यहाँ एकत्रित किये गये हैं|

स्वच्छता अभियान
स्वच्छता अभियान

स्वच्छता अभियान हिंदी निबंध कक्षावार

आज स्वच्छता अभियान के इस लेख में सभी क्लास के विद्यार्थियों के भाषण और निबन्ध यहाँ दिए जा रहे हैं|

सम्बन्धित कक्षा के बोद्दिक स्तर के अनुकूल शब्द सीमा में तथ्यात्मक जानकारी के साथ शुरू किया गया हैं|

लीजिए मित्रो शुरू करते हैं,स्वच्छता अभियान कक्षा 1 के छात्रों के लिए-

स्वच्छता अभियान-निबंध/भाषण कक्षा 1

आजकल स्वच्छता का अर्थ हमे बेहद सकीर्ण रूप से लेते हैं|

स्वच्छता की परिभाषा को परिभाषित करना चाहे तो इनके सामान्य अर्थ(शब्दार्थ) निर्मलता, पवित्रता, सफ़ाई और उज्ज्वलता होते हैं| जिन्हें अंग्रेजी भाषा में cleanliness और neatness भी कहा जाता हैं| अंग्रेजी व्याकरण में इसके पर्यायवाची शब्दों को तलाशे तो sincereness, sereneness,pellucidity,trimness, nattiness,primness, orderliness जैसे शब्दों से इसे परिभाषित किया जा सकता हैं|

यह स्वच्छता शब्द का जन्म आधुनिक समय की ही देन हैं|

ओद्योगिक क्रांति के समय 18व़ी और 19व़ी सदी में यूरोप और अमेरिका में गंदगी का बेहद बोलबाला था|

इस वजह से कई भयानक बीमारियाँ पनपनी शुरू हो गयी थी|

स्थानीय मशीनरीज और संस्थाओ ने जन-जागरूकता फैलाने के लिए स्वच्छता के सिद्दांत की खोज की|

साफ़-सफाई और स्वच्छता को इश्वर के साथ जोड़कर इसे एक ईश्वरीय गुण की उपाधि दी गयी|

इस सिद्दांत में आमजन की भावनाओं को मूल में रखकर गंदगी करने वालों को जधन्य पाप की श्रेणी में माना गया|

शालाओं में शारीरिक विषय के पाठ्यक्रम को पढाया जाने लगा|

उस समय लोगों में स्वच्छता मिशन के प्रति जागरूकता लाने के लिए इसे पाप और पुण्य जैसे धार्मिक हथकंडो को अपनाया गया| वैसे स्वास्थ्य का सीधा सम्बन्ध प्रत्येक व्यक्ति दे होता हैं, जिन्हें परिभाषित करने और समझने का अपना-अपना व्यू हैं|

समग्र स्वच्छता की बात करे तो इसमे आपके शारीरिक,मानसिक और बोद्दिक स्वच्छता की बात करते हैं|

जिनमे सबसे बड़ी भूमिका आपके बाहरी वातावरण की होती हैं, व्यक्ति वैसा ही व्यवहार करता हैं|

जिस वातावरण में वह रहता हैं उसका सीधा प्रभाव पड़ता हैं|

स्वच्छता अभियान  निबंध/भाषण कक्षा 2

समय के साथ स्वच्छता अभियान के अलग-अलग मतलब भी निकाले गये |

आरम्भिक समय में साबुन और सूप को स्वच्छता से जोड़कर देखा जाता था|

इसके पीछे लोजिक यह था कि बिमारी जीवाणुओं के कारण ही पनपती हैं| जिन्हें स्वच्छता रखकर नियंत्रित किया जा सकता हैं|

आज भी बहुत सारे लोग ये मानते हैं, कि दुनिया में कोई व्यवसाय या कारोबार करने से पैसा मिलता हैं,

फिर हम साफसफाई क्यों करे|

इसके लिए पगार कौन देता हैं|

जब बात की जाती हैं, पर्यावरण की रक्षा की तो इससे हमे क्या मिलेगा|

बस यही से स्वच्छता अभियान का अभिप्राय अपने शरीर को साफ़-सुथरा रखने की रीती गढ़ दी गईं|

मगर सर्वागींण स्वच्छता यही नही हैं, मानसिक,बौद्धिक,शारीरिक,आध्यात्मिक और पर्यावर्णीय स्वच्छता इसका हिस्सा हैं|

स्वच्छता अभियान  निबंध भाषण कक्षा 3

शारीरिक स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति के लिए बेहद आवश्यक हैं| यदि हम ऐसा नही करते हैं तो निकट भविष्य में हमे और अपने परिवार को कई तरह की मुशिब्तो का सामना करना पड़ सकता हैं| हमे अपने शरीर अपने आस-पास के वातावरण की साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए| इसमे हमे कुछ वितीय खर्च आए तो भी इनसे मुह फेरने की बजाय स्वय जिम्मेदारी लेकर उनकी मरम्मत करवाए, हो सकता हैं| इन्ही अव्यवस्थित वस्तुओ से पनपने वाली गंदगी और जीवाणु आपके परिवार के किसी सदस्य को बीमार कर सकती हैं| अथवा जान भी ले सकती हैं| भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन में हम स्वय अपनी और अपने आस-पास के परिद्रश्य की साफ़-सफाई रखकर बड़ा योगदान दे सकते हैं|

केंद्र सरकार खुले में शोच जाने से देश को मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयत्न कर रही हैं|

भारत सरकार की शौचालय योजना तभी अपने उदेश्यों में सफल हो सकेगी जब हम अपना सक्रिय योगदान दे|

एक जिम्मेदार विद्यार्थी होने के नाते आज मै यह प्रतिज्ञा करता हु.. मै स्वयं साफ़-सुथरा रहुगा|

न तो गंदगी फैलाउगा न किसी को फ़ैलाने दुगा|

स्वच्छता अभियान निबंध भाषण कक्षा 4

स्वच्छ भारत अभियान का महत्व महात्मा गाँधी की एक उक्ति ” स्वच्छता स्वत्रन्त्रता से अधिक जरुरी हैं”

आज से 100 साल पहले गांधीजी द्वारा देखे गये स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने का सकल्प माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी ने उठाया हैं| हम सभी देश के जिम्मेदार नागरिको का यह कर्तव्य बनता हैं| हम अपने प्रधानमन्त्री के स्वच्छ भारत अभियान के सहयोगी बनने और राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के इस सपने को सन 2020 को 2 अक्टूबर उनकी 150 व़ी जयंती पर स्वच्छ भारत का नक्शा समर्पित करे|

यह सच हैं जब तक कोई सरकारी कार्य या मिशन पूरा नही होता जब जनता का सहयोग न हो|

स्वच्छता अभियान के इस सपने को साकार करने के लिए हमे घर-घर शौचालय बनाने भर पर्याप्त नही हैं|

हमारी जिम्मेदारी बनती हैं, हम समाज में एक नई सोच विकसित करे जो स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाए|

घर में बने शौचालयों का उपयोग करे और सरकार के प्रयास को सार्थक बनाए|

देश इस गंदगी का दश बेहद झेल चूका हैं| यहाँ तक की हमारे देश को बुढा भारत तक कहा जा चूका हैं| इसकी वजह हमारी आदतों में निर्मलता और स्वच्छता को इतना महत्व नही दिया गया हैं| बड़ी आबादी इस गंदगी के माहौल के कारण बीमार ही रहती हैं| जिनका सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ता हैं, जिस तरह एक लगडा घोड़ा रेस जीत नही सकता. हम भी इस तरीके से तो आगे नही बढ़ सकते|

स्वच्छता अभियान निबंध भाषण कक्षा 5

देश के अरबन एरिया में सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान को पूरा करने के लिए दो मापदंड अपनाए हैं|

देश के सभी एक करोड़ दस लाख घरो में शौचालय का निर्माण करवाया जाए और कचरे का ठोस निपटान किया जाए|

इसके लिए ढाई-ढाई लाख सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों का भी निर्माण करवाया जाना हैं| इस शौचालयों को घनी आबादी और सार्वजनिक स्थल जैसे बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन हवाई अड्डा, खेल मैदान के सा-पास बनाए जाने प्रस्तावित हैं|

यदि हम एक नजर उठाकर आस-पास के शहरों के हालात देखे तो बेहद दयनीय हैं|

हालाँकि शहरो की तुलना में गाँवों की स्थति बेहद सुविधाजनक हैं|

घर-घर शौचालय उपलब्ध करवाना बेहद कठिन हैं|

स्वच्छता अभियान के लिए सामुदायिक शौचालयों के द्वारा भी चल रही स्थति को काफी हद तक बदला जा सकता हैं|

दूसरी तरफ अपशिष्ट और कचरे के निपटन के लिए केंद्र सरकार 9 हजार करोड़ खर्च कर चुकी हैं|

इस मिशन को 2 अक्टूबर 2020 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित हैं|

हमे यदि स्वच्छ भारत बनाना हैं|  स्वय खुले में शौच जाने की प्रवर्ती को खत्म करनी होगी| साथ ही लोगों को भी इस दिशा में अग्रसर करना होगा | और अपने आस-पास सफाई अपने ऑफिस या कमरे की सफाई स्वय करने की आदत विकसित करनी होगी| हमे बापू के सपने को पूरा करके दिखाना हैं| वाकई में यदि हम इस मिशन में 50 फीसदी भी सफल हो गये तो विश्व में भारत की छवि को और बेहतर और साफ़-सुथरी बना सकते हैं|

स्वच्छता अभियान निबंध भाषण कक्षा 6

भारत प्राक्रतिक सौदर्य का देश हैं किसी महाद्वीप में जितने दर्शनीय स्थल नही हैं उतने हमारे देश में हैं|यदि भारत की साफ़ सुथरी तस्वीर विश्व के अन्य देशो तक पहुचेगी तो यकीनन हमारा टूरिज्म कई गुना बढ़ सकता हैं जिससे हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी| स्वच्छता अभियान में स्कुल एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं भारत के भविष्य की इस पौधशाला में कई कार्यक्रम आयोजित करवाए जा रहे हैं| जिसके जरिए बच्चो में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और इसके महत्व को अच्छी तरह समझ सके|इस कार्यक्रम के तहंत महात्मा गाँधी के वक्तव्यों और स्वच्छता से जुड़े विचार शिक्षा पाठ्यक्रम में समाहित किया गया हैं|

साथ ही बारिवार स्वय छात्रों को अपने कक्षा कक्ष शोधशाला और रसोई घर में साफ़ सफाई के द्वारा उनमे अच्छी आदते विकसित की जा रही हैं|साथ ही शिक्षको को भी निर्देश दिया गया हैं वे स्वय अपने कार्यालय की सफाई करे जिससे छात्रों में अच्छा संदेश प्रसारित किया जा सके|

स्वच्छता अभियान में बच्चो से उनके खेल मैदान में सफाई विद्यालय भवन के आस-पास की सफाई और पेड़ पौधो की सुरक्षा की आदते भी विकसित की जा सकती हैं| विभिन्न संस्कृतिक कार्यक्रमों,प्रतियोगिताओ और सफाई अभियान के द्वारा एक अच्छा संदेश विद्यार्थियों और समाज में प्रसारित करने की कोशिश की जा रही हैं|

स्वच्छता अभियान निबंध भाषण कक्षा 7

भारत सरकार ने स्वच्छता अभियान के पिछले दो वर्षो की प्रगति रिपोर्ट जारी की हैं इस सूचि में देशभर के 80 शहर सम्मलित हैं| जो नगर निगम की श्रेणी में आते हैं इनकी जनसंख्या 10 लाख से उपर की हैं| इस सूची को बनाने के लिए एक टीम का गठन किया जिन्होंने देश के सभी राज्यों के शहरों का दौरा किया| किस शहर में सफाई व्यवस्था कैसी हैं

इस पर आधारित इस सूची के टॉप में उन शहरों को स्थान दिया गया हैं जिनकी सफाई व्यवस्था सबसे अच्छी हैं|

वे स्वच्छता अभियान के स्वच्छ शहर हैं|

इस सूचि के उपरी शहरों में कर्नाटक का मैसूर शहर देश का सबसे स्वच्छ शहर हैं, इसके बाद punjab का चण्डीगढ़, फिर तमिलनाडू का चिरापल्ली, चौथा स्थान राजधानी नई दिल्ली का हैं| फिर विशाखापत्तनम और इसके बाद गुजरात के दो शहर सुरत और राजकोट फिर सिकिम की राजधानी गंगटोक और नौवे और दसवे स्थान पर महारास्ट्र राज्य के दो शहर ग्रेटर मुंबई और पिपरी आते हैं|

इस सूची में दिल्ली चोथे स्थान पर हैं, इससे अंदाजा तो कर सकते हैं नीचें की सूची के शहरों के हालात क्या हैं| हम अपने-अपने घर को साफ़ सुथरा रखकर भी अपने शहर को सुंदर बना सकते हैं| कचरे को इधर उधर न फेककर यदि कचरा पेटी में डाले तो बहुत बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं|

सरकार अपने बजट का काफी बड़ा हिस्सा सफाई कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवाओं में खर्च करती हैं|

स्वच्छता अभियान निबंध भाषण कक्षा 8

स्वच्छता अभियान की इस सूची के अंतिम दस शहरों की बात की जाए तो इसमे भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश के तीन मेरठ और वाराणसी और गाजियाबाद आते हैं झारखंड के दो बिहार छतीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश की राजधानी क्षेत्र भी इस सूची के अंतिम पायदानों पर हैं|

हालात बदले नही हैं बल्कि अब बदले जाने हैं हम और आप मिलकर इस स्थति को सुधारेगे|

जरुर आपकों एक सूचि से निराशा हाथ लगी होगी मगर ये आकडे जनवरी 2016 के हैं, जिनके बाद कई बड़े बदलाव हुए हैं प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान में 50 लाख से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक स्वैछिक रूप से अपनी सेवाए दे रहे हैं| साथ ही बॉलीवुड,व्यापार,खेल जगत शिक्षा और राजनीती के कई ऐसे सितारों को इस कार्यक्रम का ब्रांड अबेसदर बनाया हैं|

जो इस कार्यक्रम को जन-जन तक पहुचाने का कार्य कर रहे हैं|

स्वच्छ भारत अभियान से ये हस्तियाँ जुड़ीं हुई हैं| सचिन तेंडुलकर, राज्ययोगी ब्रह्मकुमारी, किरण बेदी , अरुण पुरी,गुनुपति वेंकट कृष्ण रेड्डी,प्रियंका चोपड़ा,सोनल मानसिंह, दादी जानकीजी, मृदुला सिन्हा, कपिल शर्मा, अखिलेश यादव, सलमान खान,महेन्द्र सिंह धोनी, ईआर. दिलकेश्वर कुमार, विराट कोहली,के कविता, के कविता,स्वामी रामभद्राचार्यसुरेश रैना,हम्पी कोनेरू,वी.वी.एस. लक्ष्मण,राजू श्रीवास्तव,जे रामेश्वर राव,एस पी बालासुब्रह्मण्यम, पुलेला गोपीचंद, मोहम्मद कैफ ये सूचि बेहद लम्बी हैं|

ये वे हस्तियाँ हैं जिनके फॉलोवर करोड़ो में हैं|

स्वच्छता अभियान निबंध भाषण कक्षा 9

भारत के इतिहास में महात्मा गाँधी पहले व्यक्ति थे| जिन्होंने देश में व्याप्त गंदगी और गरीबी पर लोगों में जागरूकता लाने के प्रयत्न कियें| महात्मा गाँधी आजादी से ज्यादा महत्वपूर्ण स्वच्छता को मानते थे| क्युकि वे जानते थे देश तो आजाद हो जाएगा मगर लोगों की आदतों से भली-भांति परिचित थे| इसमे बदलाव लाना बेहद कठिन हैं| उन्होंने कहा था हम पिछड़े या गरीब हैं तो इसका कारण हमारी दिनचर्या और स्वच्छता के प्रति ध्यान न देना हैं| आज जो देश विकसित हैं|

उनकी ताकत वहा की स्वस्थ आबादी हैं एक बीमार देश कभी भी सुपरपॉवर नही बन सकता हैं|

महात्मा गाँधी की इस बात में पूर्ण सत्यता थी|

इस देश का दुर्भाग्य हैं आजादी के 77 साल बाद भी राष्ट्रपिता की इच्छा को किसी ने पूरा करने का साहस नही दिखाया माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी इस बात को पहले से समझ चुके थे महात्मा गाँधी स्वच्छ भारत का सपना देखना चाहते थे| नरेंद्र मोदी सुपरपॉवर का अतः नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के पहले ही वर्ष स्वच्छता अभियान का बीड़ा उठाया| विश्व के किसी भी देश में राजनेताओ की छवि से स्वय को अलग करते हुए एक आम आदमी की तरह इन्होने न सिर्फ अपनी प्रतिबधता दोहराई बल्कि स्वय राजपथ की सड़को पर अपने हाथ से झाड़ू लगाईं|

स्वच्छता अभियान क्या हैं ?

यह सत्य हैं नकारा नही जा सकता हैं हम आलसी हैं और जल्द ही बीती बात भूल जाते हैं|

नरेंद्र मोदी ने स्वय झाड़ू उठाई तो लाखोँ लोगों और सरकारी कर्मचारियों ने भी झाड़ू लगाईं थी|

मगर वहीं नजर आ रहा हैं रात गईं बात गईं|

अभियान में लग्न से लगे प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी आज भी स्वयं अपने कार्यालय की सफाई करते हैं|

हमे भी यह आदत विकसित करनी होगी|

जब इस देश का प्रधानमन्त्री झाड़ू से सडक पर सफाई कर सकता हैं|

तो आखिर हम क्यों नही अपने घर में झाड़ू लगा सकते हैं|

स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया था| इसके उद्घाटन के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने संसद में भाषण दिया था| उन्होंने कहा था हम स्वच्छ भारत अभियान आरम्भ करने जा रहे हैं| जिनमे देश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो में स्वच्छता पर विशेष तोर पर ध्यान देने के अतिरिक्त कचरे निपटान पर भी ध्यान दिया जाएगा|नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा था हमे बापू की 150 व़ी जयंती पर एक स्वच्छ और आदर्श भारत का निर्माण करना हैं|

इसके लिए प्रधानमन्त्री ने देश वासियों से प्रतिवर्ष 100घंटे इस स्वच्छता अभियान में योगदान देने का अनुरोध किया था|

स्वच्छ भारत मिशन योजना के आंकड़े

  • योजना की शुरुआत- 2 अक्टूबर 2014
  • पूरी करने की तिथि- 2 अक्टूबर 2020
  • सरकार– भारतीय जनता पार्टी
  • कुल बजट-1,96,009 करोड़ रुपये
  • उपलक्ष्य-राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी
  • स्लोगन-नीट & क्लीन इंडिया
  • वेबसाइट-swachhbharat.mygov.in
  • लीडर- नरेंद्र मोदी
  • शौचालय की लागत-12,000 सरकार द्वारा सहायता
  • कुल शौचालय-1 करोड़ 10 लाख
  • प्रमुख मुद्दे-कचरा निपटान, शौचालय निर्माण और उपयोग
  • स्थान-नई दिल्ली

स्वच्छता अभियान निबंध भाषण कक्षा 10

स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट हैं जिनकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2017 को की गईं| इन्हे कई अलग-अलग नामो से जाना जाता हैं जैसे क्लीन इंडिया मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छता अभियान इत्यादि| इस प्रोजेक्ट की शुरुआत में ही प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को सक्रिय योगदान देने के लिए अपील की थी| यह एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम हैं विश्व का सबसे बड़ा मिशन को अगले पांच वर्षो में 2 अक्टूबर 2020 तक पूरा किया जाना हैं|

इस मिशन को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने शौचालय निर्माण और कचरे निपटान के सयंत्र भी लगवाए हैं| भारत ने स्वच्छता अभियान को पूरा करने के लिए विश्व बैंक से 96697500000 रूपये का लोन लिया हैं| बड़ा दर्द होता हैं जब हमारी सरकार इतने प्रयास और पैसे खर्च करके भी लोगों से कुछ अच्छा करने की अपेक्षा करने की उम्मीद करती हैं|

तो परिणाम अपेक्षाकृत नही आते हैं| आज भी हम बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को देख सकते हैं

जो सरकार द्वारा वितीय सहायता उपलब्ध करवाने के बावजूद शौचालयों का निर्माण Construction of toilets नही करवाते हैं|

Swachh Bharat Abhiyan

Swachh Bharat Abhiyan is a dream project of Prime Minister Narendra Modi, which started on 2 October 2017. These are known by many different names such as Clean India Mission, Clean India Mission, Sanitation Campaign etc. At the beginning of this project, Prime Minister Narendra Modi appealed to all the citizens to make active contribution. This is a nationwide program to be completed in the next five years by 2 October 2020, the world’s largest mission.

In order to fulfill this mission, the Central Government has also set up toilet and garbage disposal plants. India has taken a loan of 96697500000 from the World Bank to complete the Sanitation Campaign. वर्तमान स्थति (present situation)

यदि किसी सरकारी काम में रूकावट के डर से बनवा भी लेते हैं तो इनका उपयोग नही करते हैं|

शौच के लिए वही रेलवे पटरी, खेतो में या झाड़ियो के पीछे ही जाते हैं|

सभी शिक्षित नागरिको (Educated citizens) की यह जिम्मेदारी बनती हैं|

हम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करे और स्वय भी आदतों को बदले

और समाज के लिए एक उदाहरन पेश करे|

लोगों को यह सोचना चाहिए आखिर सरकार आपके भले के लिए ही कर रही हैं |

तो फिर स्वच्छता अभियान में सहयोग करने से पीछे नही हटना नही चाहिए|

स्वच्छता अभियान मेरा योगदान

  • स्वय साफ़ सुथरे रहे और कम से कम अपने परिवार के लोगों को ऐसा कहे|
  • कचरा इधर उधर ना फेके|
  • कोई कचरा फेक रहा हो तो उन्हें ऐसा ना करने के लिए समझाए|
  • अपने घर में शौचालय का निर्माण करवाए और उपयोग करे|
  • अपने विद्यालय को साफ़-सुथरा बनाने में रूचि दिखाए|
  • ऑफिस जाते हैं तो स्वय झाड़ू निकाले|
  • घर का कचरा इधर उधर न फेककर कचरा पेटी में ही डाले|

(Keep yourself clean and at least say to your family members.
The garbage does not stop here.
If someone is throwing garbage, then explain to them not to do this.
Build and use toilets in your home.
Show your interest in making your school clean.
If you go to the office then you sweep the broom.
Do not throw the garbage at home and put it in the trash.)

स्वच्छता अभियान स्लोगन

  1. Developed nations imagination, now we have to be clean.
  2. विकसित देशों की कल्पना, अब हमें साफ होना चाहिए.
  3. Adapt to cleanliness – adopt cleanliness, make your home beautiful.
  4. सफाई के लिए अनुकूल – स्वच्छता को अपनाने, अपने घर को सुंदर बनाएं
  5. This is what children say to old people, never stay in dirt.
  6. यह वही है जो बच्चे पुराने लोगों से कहते हैं, कभी भी गंदगी में न रहें।
  7. स्वच्छता है एक बड़ा मिशन, सभी दे अपना दे योगदान
  8. सभी मिलकर अब करे यह काम, क्लीन इण्डिया का चलाए अभियान
  9. सबका हैं यही कहना कभी न डर्टी रहना

 निष्कर्ष

स्वच्छता अभियान Cleanliness campaign के सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी हमने आप तक पहुचाने की कोशिश की उम्मीद करते हैं

आज का लेखा आपकों पसंद आया होगा|

इस लेख को सोशल मिडिया पर अधिक से अधिक शेयर कर आप भी स्वच्छता अभियान  में भूमिका निभा सकते हैं|

We look forward to reaching out to you about all the information related to the cleanliness campaign.

Today’s accounting would have liked you.

You can also play a role in the cleanliness campaign by sharing more and more articles on this social media.

2 comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *