हीरा / हीरे की सरंचना और गुणधर्म

diamond in Hindi / हीरा किम्बरलाइट पत्थर सें प्राप्त किया जाता है। यह कार्बन का शुद्धतम रूप है । शुद्ध हीरा पार दर्शी और रंगहीन होता है। अगर इस पर एक्स किरणे डाली जाए तो यह हरे रंग की चमक उतपन्न करता है।

हीरा कोयले की खानों में पाया जाने वाला किम्बर लाइट पदार्थ में से प्रापत किया जाता है। कोयले की परतों में अधिक दाब के कारण यह क्रिस्टल के रूप में प्राप्त होता है। हीरा कार्बन का शुद्धतम रूप है। (लगभग शुद्ध रूप कोक का होता है।) हीरा पारदर्शी और रंगहीन होता है।

हीरे की शुद्धता का मापन कैरेट में किया जाता है। तथा इसका नाप तोल भी कैरेट में ही किया जाता है। हीरा जितना अधिक पारदर्शी होता है। उसकी कीमत उतनी ही अधिक कीमत होती है।

प्रबल सयोजक बल के त्रिविमीय जाल के कारण हीरा अत्यंत ही कठोर होता है। हीरा पदार्थो में सबसे अधिक कठोर होता है। इसका गलनांक सबसे अधिक 3873k केल्विन होता है । हीरा विद्युत की कुचालक धातु है। क्योंकि इसमें एक कार्बन अन्य चार कार्बन से जुड़ा होता है । इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन नही पाए जाते है इस कारण यह विद्युत का कुचालक है।

हीरा पूर्ण आंतरिक परावर्तन की घटना के कारण चमकता है। (हीरे की चमक का कारण) यदि हीरे को 2000°c पर गर्म किया जाए तो यह ग्रेफाइट में बदल जाता है। तथा 800℃ पर इसे गर्म करने पर यह co2 में बदल जाता है। हीरे के चमकने का कारण उनकी पोलिश होती है।

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