आनंद मंदिर बर्मा का इतिहास | Ananda Temple Myanmar History Story In Hindi

Ananda Temple Myanmar History Story In Hindi: बर्मा में सर्वोत्तम पेगन का आनंद मंदिर (Ananda Temple) हैं. यह 564 वर्गफीट के चौकोर आंगन के बिच स्थित हैं. मुख्य मंदिर ईंटो का बना हुआ और वर्गाकार हैं. भव्य अनुपात और व्यवस्थित नियोजन के साथ ही आनन्द मंदिर का सौन्दर्य यहाँ पर उत्कीर्ण पत्थर की असंख्य मूर्तियों और दीवारों पर लगे मिट्टी के फलकों से बढ़ गया हैं. आनंद मंदिर बर्मा का इतिहास  | Ananda Temple Myanmar History Story In Hindi

आनंद मंदिर बर्मा का इतिहास | Ananda Temple Myanmar History Story In Hindi

पत्थर की उत्कीर्ण मूर्तियों की संख्या 80 हैं. और उनमें बुद्ध के जीवन की मुख्य घटनाएं अंकित हैं. यह मंदिर भारतीय शैली में ही विकसित हुआ हैं. इस ढंग के मंदिर बंगाल में पाए जाते हैं. और संभवत उन्ही से आनन्द मंदिर के नियोजन की प्रेरणा मिली होगी. इस मंदिर के सन्दर्भ में डयुरोसाइल ने विशेष अध्ययन किया हैं. उनका मत हैं कि

जिन वास्तुकारों ने आनन्द का नियोजन और निर्माण किया, वे निसंदेह भारतीय थे. शिखर से लेकर कुर्सी तक प्रत्येक वास्तु तथा बरामदों में पायी जाने वाली अनेक प्रस्तर मूर्तियाँ तथा कुर्सियों और गलियारों में लगे मिट्टी के फलकों में भारतीय कला कौशल और प्रतिभा की अमिट छाप दिखाई देती हैं.

इस दृष्टि से हम यह मान सकते हैं कि आनन्द मंदिर बर्मा की राजधानी में बना होने पर भी एक भारतीय मंदिर ही हैं. निश्चित रूप से ऊपर वर्णित विभिन्न बिन्दुओं को पढ़ने के बाद हमने जाना कि भारतीय संस्कृति का प्रभाव विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में पड़ा. आनन्द मंदिर जिसका उदाहरण हैं.

आंनद मंदिर के चारों ओर बड़ा गलियारा इसकी अनुपम विशेषता हैं. 1975 में आए विनाशकारी भूकम्प के चलते यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. म्यामांर सरकार ने इसके पुनरुत्थान किया हैं.

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