अशोक व्रत कथा कहानी | Ashok Vrat Vidhi & Vrat Katha in Hindi

अशोक व्रत कथा कहानी | Ashok Vrat Vidhi & Vrat Katha in Hindi

यह अशोक व्रत हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि को किया जाता हैं. 2018 में अशोक व्रत अक्टूबर माह में पड़ रहा हैं इस दिन अशोक के वृक्ष की पूजा की जाती हैं. अशोक व्रत रखने वाली स्त्री पुरुष को अशोक के वृक्ष को घी, गुड, हल्दी रोली, कलाया आदि से पुर्जे और जल से अर्ध्य देवें.

Ashok Vrat Vidhi – ये व्रत लगातार बारह वर्षों तक किया जाना चाहिए. अनवरत १२ वर्षों तक यह व्रत करने के पश्चात इसका उजमन किया जाता हैं. अशोक व्रत उजमन में एक सोने का अशोक वृक्ष बनाया जाता हैं. विधि विधान के अनुसार अशोक की पूजा कर उस प्रतीक को अपने गुरु को दिया जाता हैं.

कोई भी प्राणी जो इस अशोक व्रत को धारण कर निरंतर १२ वर्षों तक करता हैं, उन्हें यमलोक की राह की छोड़कर शिव लोक में स्थान मिलता हैं. आजीवन उन स्त्री पुरुष की सभी मनोकामनाएं भगवान शिव पूर्ण करते हैं.

Ashok Vrat (अशोक व्रत)

अशोक व्रत कथा कहानी | Ashok Vrat Vidhi & Vrat Katha in Hindi

अशोक व्रत विधि (Ashok Vrat Vidhi in Hindi)

नारद पुराण में अशोक व्रत करने की विधि का वर्णन किया गया हैं. जिनके अनुसार आसोज माह की प्रतिपदा जिस दिन शारदीय नवरात्र की घट स्थापना भी होती हैं, सवेरे जल्दी उठने के पश्चात अपने नित्यादी कर्मों से निवृत होने के बाद धवल वस्त्र धारण करे एवंम अशोक वृक्ष की पूजन सामग्री को एकत्रित कर लेवे.

अपने घर अथवा मोहल्ले के आस-पास किसी अशोक वृक्ष की पूजा के लिए समस्त सामग्री वहां ले जाए. सर्वप्रथम गंगाजल के कलश से छिड़काव से अशोक को पवित्र करे एव रंगीन पताकाओं से उनकी सजावट करे.

सर्वप्रथम अशोक के वृक्ष को एक वस्त्र चढ़ावे तत्पश्चात गंध, पुष्प, धूप, दीप, चावल और तिल से पूजा करे. सात धान, ऋतुफल, श्रीफल, अनार और मोदक आदि अर्पित करे. अशोक वृक्ष की पूजा के बाद नीचे दिए गये मंत्र का उच्चारण करे एवं अर्ध्य चढ़ावे.

पितृभ्रातपतिश्वश्रूशुराना तथैव च
अशोक शोकशमनो भव सर्वत्र न कुले.

अर्थ- हे अशोक वृक्ष आप मेरे परिवार में पिता भाई पति सास एवं ससुर सभी के शोक को नष्ट करे. इस तरह प्रार्थना करने के बाद अशोक के वृक्ष की परिक्रमा करे तथा ब्राह्मण को दानादि दे, अगले दिन प्रातःकाल में अशोक व्रत तोड़कर भोजन ग्रहण करे. इस व्रत को धारण करने से शोक रहित तथा धन-संपदा की प्राप्ति होती हैं.

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