BHARAT BANDH Sc St Act: 2 April 2018 Breaking News In Hindi India

BHARAT BANDH Sc St Act अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम संशोधन को लेकर  2 अप्रैल को लेकर भारत बंद किया जा रहा है. एससी एसटी अत्याचार निरोधक कानून 30 जनवरी 1990 से भारत के सभी राज्यों पर लागू है. एक्ट तहत अनुसूचित जाति जनजाति के किसी सदस्य के साथ अमानवीय व्यवहार व प्रताड़ित करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है. SC ST ACT के मिस यूज को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसमे कुछ सुधार किये गये है, जिनके विरोध में BARAT BANDH Sc St Act  को पुनः बहाल करने की मांग है.BHARAT BANDH Sc St Act

BHARAT BANDH Sc St Act: 2 April 2018 Breaking News In Hindi India)

Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Rules, 1995 were passed by the Indian Parliament on September 11, 1989, which was implemented from January 30, 1990, in all the states of the country. This Act has 5 chapters and 23 streams.

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The Ministry of Social Justice and Empowerment (HRD) of the Government of India made extensive changes in the Act (SC & ST ACT) on April 14, 2016. In these new changes, provision of quick action on Dalit atrocities cases was made.

BHARAT BANDH Sc St Act विवाद क्या है

  • Under these new rules, cases of scheduled caste/tribe will need to be heard in the maximum of 2 months. If conditions are not normal then more seriousness can be taken.
  • On the basis of nature of crime by the government in the Sc St Act, provision has been made to provide the victims with proper financial help to keep their point on the court.
  • Special court cases have been arranged for review and early hearing of scheduled castes and scheduled tribe atrocities at State, District, Tehsil level.
  • Special provisions have been made in the status of atrocities against women and children in the Sc St Act. Free of suffering: Medical assistance is provided with financial assistance.

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Sc St Act किस पर लागू होता है

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम, 1989 के अनुसार इस कानून की परिधि में वो व्यक्ति जो अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय से नही है. तथा इस समुदाय के लोगों के साथ किसी तरह की प्रताड़ना करता है तो इसकी रिपोर्ट दर्ज किये जाने के पश्चात कानून उस पर नियमों के अनुसार शख्त कार्यवाही करेगा.

BHARAT BANDH 2 April 2018 को Sc St Act Breaking News In Hindi

Members of the State Governments of the Ministry of Home Affairs, Ministry of Tribal Affairs, Law Ministry, Scheduled Castes Commission, Scheduled Tribe Commission, Andhra Pradesh, Bihar, Uttar Pradesh, Madhya Pradesh, Maharashtra, Rajasthan, Tamil Nadu and Odisha by the Ministry of Social Justice and Empowerment A workforce was formed on the issue.

This workforce finalized its report after two meetings. Regarding the recommendations contained in the report of the workforce, and after review by the Department of Social Justice and Empowerment, the amendments were made in the rules. on 2nd April 2018 Bharat bandh is being organized on these changes.

Sc St Act के कानूनी प्रावधान

भारत बंद करने उतर रहे इन सामाजिक संगठनो का आरोप है कि आरएसएस की चाल पर मोदी सरकार पिछले 4 सालों से भारतीय संविधान को कमजोर करने में लगी है. एससी एसटी एक्ट में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव व अत्याचार के विरुद्ध कार्यवाही होती है. मगर महाराष्ट्र की शिव सेना के सहयोग के उपरांत इस सरकार ने अधिनियम में छेड्चाड कर इसे कमजोर बनाने की कोशिश की जा रही है.

सुप्रीमकोर्ट के द्वारा 20 मार्च को एससी एसटी एक्ट में किये गये सुधारों के बाद कई सामाजिक संगठनो ने भारत बंद का समर्थन किया है. कई स्थानों पर सार्वजनिक सभाएं व पैदल मार्च के द्वारा एससी एसटी एकता मंच अपना विरोध दर्ज कराते है. कोर्ट से इस अधिनियम को पूर्व स्थति में लाने के लिए निवेदन करेगे.

sc st act 1989

एससी-एसटी एक्ट में कई ऐसे कार्यों को रखा गया है. यदि ऐसा किसी भी अगड़ी जाति के लोगों द्वारा किया जाता है तो यह अधिनियम इन्हें दंडित अथवा इन पर एससी-एसटी केस चलाया जा सकता है. इसके अपराध निम्नलिखित हो सकते है.

  • अनुजजा के लोगों का अपमान करना,
  • मल मूत्र गोबर डलवाना जैसे कार्य करने के लिए एससी-एसटी समुदाय के लोगों पर दवाब बनाना.
  • सामाजिक बहिष्कार या अन्य तरीके से समाज में उसकी प्रतिष्ठा को आघात पहुचाना.
  • जाति के आधार पर एससी-एसटी के लोगों के साथ भेदभाव यथा नौकरी, कारोबार
  • इन्हें किसी कार्य या नौकरी पर रखने से मना करना
  • सार्वजनिक सेवा क्षेत्र में एससी-एसटी के लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करना.
  • एससी-एसटी के सदस्यों के साथ मारपीट करना,
  • एससी-एसटी समुदाय के लोगों का शारीरिक उत्पीड़न, कालिख पोतना, कपड़े उतारना, समाज से बहिष्कृत करना.
  • SC-एसटी के सदस्यों को उनकी पैतृक (स्वामित्व) वाली सम्पति से बेदखल करना.
  • भीख मगवाना या या ऐसा कोई कार्य जिससे उसके आत्मस्वाभिमान को धक्का लगे.
  • एससी-एसटी की महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अत्याचार करना, अथवा कोशिश करना

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