Bharat Bandh Tomorrow: Timings Confirmed 2 April 2018 Sc St Act

Bharat Bandh Tomorrow :अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार उन्मूलन अधिनियम 1989 की कुछ धाराओं के प्रभाव को समाप्त करने के बाद 2 अप्रैल 2018 को भारत बंद होगा. जय भीम सेना सहित देश के सभी समुदायों के 22 ऑर्गेनाइजेशन ने इस बंद के लिए अपना समर्थन दिया है. गौरतलब है कि 1989 में पारित SC ST ACT में सरकार ने 2016 में भी कुछ बदलाव किये थे, अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस अधिनियम में कुछ बदलाव किये है, जिसके विरोध में Bharat Bandh Tomorrow 2 April 2018 को व्यापक विरोध होगा.Bharat Bandh Tomorrow

 

Bharat Bandh Tomorrow: Timings Confirmed 2 April 2018 Sc St Act

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 जिन्हें SC ST ACT / LOW भी कहा जाता है. दलित समुदाय व पिछड़ी जातियों के साथ भारत में लम्बे समय से उनका शोषण होता आ रहा है, इस समुदाय के लोग भी गौरवपूर्ण जीवन व्यतीत कर सके इसके लिए 5 अध्याय एवं 23 अध्याय के साथ 30 जनवरी 1990 को जम्मू कश्मीर को छोड़कर पूरे भारत में SC ST ACT लागू हुआ था.

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HRD मिनिस्टरी द्वारा 14 अप्रैल, 2016 को बढ़ते हुए एससी एसटी एक्ट के दुरूपयोग को रोकने के लिए कुछ बदलाव लाए गये थे. इन सुधारों में पीड़ित को तुरंत न्याय दिलाने की व्यवस्था भी शामिल थी.

What is Sc St Act In Hindi, WHY Confirmed Bharat Bandh Tomorrow

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 वर्तमान में कार्य कर रहा है. यह एक (पीओए) का संशोधित रूप है. मूल एससी-एसटी एक्ट में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लोगों के साथ किसी भी तरह के अपराध या परेशान करने पर वो इस कानून का सहारा ले सकते है. इस अधिनियम के अनुसार अपराध ये है.

[इस एक्ट की अधिक जानकरी यहाँ पढ़ेएससी एसटी अधिनियम 1989]

  1. कालिख पोतना या जूते की माला पहनाना.
  2. खेत में जाने से बाधित करना या सिंचाई सुविधाओं का उपयोग न करने देना.
  3. फारेस्ट राइट्स का उपयोग न करने देना
  4. मृत मनुष्य या पशुओं को ले जाने पर बाध्य करना
  5. कब्र खोदने के लिए बाधित करना
  6. मैला उठाने के लिए तंग करना
  7. एससी-एसटी की महिलाओं को देवदासी के रूप में लाने के लिए कहना
  8. जाति सूचक गाली देना,
  9. जादू-टोना अत्याचार को बढ़ावा देना,
  10. सोशियल एवं इकोनोमिक बायकोट
  11. इलेक्शन प्रक्रिया में एससी-एसटी के उम्मीदवारों को नामांकन न करने का दवाब बनाना.
  12. एससी-एसटी की वुमेन के कपड़ो के साथ बदतमीजी करना, वस्त्र हरण कोशिश.
  13. एससी-एसटी के लोगों को मूल निवास छोड़ने हेतु बाध्य करना.
  14. SC ST के सदस्यों की भावनाओं को आहत करना
  15. एससी-एसटी के सदस्य के विरुद्ध sexually abused करना,
  16. शारीरिक सम्बन्ध बनाने की कोशिश करना या अपमानजनक शब्द कहना.

नागरिकों के मौलिक अधिकार यहाँ पढ़े

Sc St Act का MISS USE कैसे होता है ?

कोर्ट के आदेश के मुताबिक़ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति यानि SC ST ACT को कुछ लोगों द्वारा इसको अपना हथियार बना लिया जाता है. थोड़ी बहुत कहा सुनी के चलते SC ST ACT लगा दिया जाता है, जो सामाजिक सोहाद्र को बिगाड़ता है. इस एक्ट के अत्यंत शक्तिशाली होने के कारण बिना जांच पड़ताल के आरोपित को गिरफ्तार करना पड़ता है.

आरोपित को अपना पक्ष रखने के लिए कई महीनों तक कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते है. कई बार केस मात्र बेबुनियाद ही निकलते है. जो एससीएसटी एक्ट की प्रभावित को कम करते है.

Sc St Act को लेकर 2 April 2018 को Bharat Bandh Tomorrow क्यों

20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति आदर्श गोयल और यू यू ललित बैंच ने SC/ST एक्‍ट पर फैसला सुनाया था. महाराष्ट्र की एक याचिका दिया. याचिकाकर्ता द्वारा पिछले कई वर्षों में एससी/एसटी एक्ट को निजी फायदे के लिए अन्य लोगों को नुकसान पहुचाने एवं इस अधिनियम का दुरूपयोग करने को लेकर न्यायालय से इस पर विचार करने की गुहार लगाई थी.

कोर्ट ने Misuse of SC / ST Act रोकने के लिए किसी भी सरकारी कर्मचारी पर केस दर्ज करने से पूर्व Deputy Superintendent of Police मौके पर जाकर जांच करेगा. साथ ही किसी भी सरकारी कर्मचारी को हिरासत में लेने से पूर्व उसके उच्चाधिकारी की आज्ञा आवश्यक कर दी. कथित आरोपी को आरोपों की जांच से पूर्व हिरासत में नही लिया जा सकेगा, और वह अग्रिम जमानत भी करवा सकेगा.

Sc St Act News In Hindi

एससी-एसटी ऐक्ट अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लोगों को अपने साथ हो रहे किसी दुर्व्यवहार पर कानून का सहारा लेने का जरिया है. इंडियन पैनल कोड में आरोपी पर आरोप सिद्ध हो जाने पर उन्हें 6 माह से 7 साल तक की कारावास हो सकती है. अलग अलग अपराधों के लिए दंड का निर्धारण इस अधिनियम में किया गया है.

इस तरह के मामले में पीड़ित पक्ष को सरकार द्वारा 75 हजार से साढ़े आठ लाख रूपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई जाती है. साथ ही वुमेन और चाल्ड के लिए अलग से प्रोविजन किया गया है, जिसमें उनको निशुल्क मेडीकल सर्विसेज भी मुहैया करवाई जाती है.

Is Bharat Bandh Tomorrow Confirmed ? 2 April 2018 News In Hindi

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के बाद कई सामाजिक संगठनो ने इसे निर्णय को वापिस करने का आव्हान किया है. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एससी एसटी समुदाय द्वारा 16 सूत्री मांग पत्र तैयार किया गया है. इस भारत बंद के द्वारा वे संशोधन को समाप्त करने की मांग करेगे.

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