Bharat Ke 5 Naam | भारत के पांच नाम कौनसे हैं | First Five Names Of India

Bharat Ke 5 Naam | भारत के पांच नाम कौनसे हैं | First Five Names Of India: हम सब भारतीय है. मगर क्या आप जानते है कि भारत के कितने नाम है. यकीनन आपका उत्तर होगा Bharat Ke 5 Naam या bharat ke 4 naam सोने की चिड़िया कहलाने वाले भारत की विश्व में अनूठी पहचान हैं. शायद यह विश्व का पहला देश होगा जिसे इतने सारे नामों से जाना जाता हैं. अंतिम और मेरे अनुसार सबसे बुरा नामकरण अंग्रेजों द्वारा किया गया. इंडिया अपने आप में भारत के चार अन्य नामों से पूर्णतः भिन्न है, जिसका भारतीय सभ्यता व संस्कृति से सरोकार नही लगता हैं.

Bharat Ke 5 Naam-  Five Names Of IndiaBharat Ke 5 Naam | भारत के पांच नाम कौनसे हैं | First Five Names Of India

bharat ke kitne naam hai: प्राचीन समय में भारत शब्द का अर्थ सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप से लिया जाता हैं. ऐसा कहा जाता हैं. कि सिन्धु नदी के किनारे रहने के कारण ही भारत का अंग्रेजी नाम इंडिया प्राचीन अंग्रेजी में नौवी सदी में तथा वर्तमान अमेरिकी अंग्रेजी में 19 वी सदी में अस्तित्व में आया.

भारत को भारतवर्ष ‘जम्बूद्वीप’, भारतखण्ड, आर्यावर्त, हिन्दुस्तान (हिन्दुस्थान), हिन्द आदि अन्य नामों से भी जाना जाता है, जिनमें से आर्यावर्त को भारत का पहला व सबसे प्राचीन नाम माना जाता हैं.

भारत का नाम भारत कैसे पड़ा (Bharat Ke 5 Naam)

हमारे वायुपुराण में कहा गया है कि सात द्वीपों की खोज भारत पहले ही कर चुका था. ऐसे देश का नाम एक समय जम्बूदीप था जिसका अर्थ होता हैं. समग्र द्वीप.

हमारा भारत बेहद प्राचीन देश हैं, इसके सांस्कृतिक सम्बन्ध प्राचीन काल से कई देशों के साथ थे. जब आज के इन देशों में से किसी का अस्तित्व तक नही था. विश्व पर राज करने वाले इस भारतवर्ष को एक समय जम्बूद्वीप के नाम से पुकारा जाता हैं. आज आपकों दुष्यंत पुत्र राजा भरत की कहानी बताएगे, जिसके नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा था.

त्रेतायुग की बात है भरत ऋषभ के पुत्र था. जो मनु के वंशज थे. स्वंयभू मनु के पुत्र का नाम प्रियव्रत था. जिनके कोई सन्तान नही थी. अतः उन्होंने अपने दोहित्र अग्नींध्र को गोद लिया, जिसके एक बेटा हुआ उनका नाम नाभि था. नाभि के पुत्र थे ऋषभ, राजा प्रियव्रत ने अपनी पुत्री के दस बेटों में से सात पुत्रों को पृथ्वी के सातों महाद्वीपों का शासक नियुक्त कर दिया.

भरत के लिए वर्तमान आर्यावर्त का उपमहाद्वीप का क्षेत्र मिला. उसे भारत कहा गया. जब उन्होंने अपना राज्य अपने ज्येष्ठ पुत्र सुमति को दिया तो वह भारतवर्ष कहलाया अर्थात राजा भरत का राज्य.

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