हर बिलास शारदा का जीवन परिचय | Biography of Life of Har Bilas Sarda

Biography of Life of Har Bilas Sarda 3 जून, 1867 को राजस्थान के अजमेर में जन्मे हर बिलास शारदा को child marriage restraint act 1929 (बाल विवाह निषेध अधिनियम) के जन्मदाता के रूप में जाने जाते है. एक शिक्षा विद तथा समाज सुधारक होने के साथ साथ हर बिलास को समाज में व्याप्त कुरूतियो के निवारण के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है. राजस्थान में ब्रह्मा समाज की नीव रखने वाले शारदा जी विधि सम्मत समाज के अंधविश्वासों को दूर करने का अथक प्रयास किया, जिनमे काफी हद तक सफल रहे.

हर बिलास शारदा का जीवन परिचय |  Har Bilas Sarda Biography In Hindi

हिंदू सुपीरियॉरिटी हरबिलास शारदा जी द्वारा रचित पुस्तक है. इसमे इन्होने हिन्दू धर्म के प्राचीन वैभव के द्रष्टांतो को सामने लाते हुए यह साबित करने का प्रयास किया कि हिन्दू संस्कृति सभी आधुनिक देशों से श्रेष्ट थी. अंग्रेजी शासन व्यवस्था मे मजिस्ट्रेट के सहायक होने का फायदा इन्होने 1929 में प्रसीद्ध शारदा ऐक्ट पारित करवाकर पूरा किया. बाल विवाह को प्रतिबंधित करने के इतिहास में भारत में यह पहला सराहनीय कदम था. जिसकी बदौलत इस सामाजिक कुरीति को दूर करने में मदद मिली.

क्रेन्द्रीय असेम्बली में अजमेर मेरवाड़ा प्रान्त का प्रतिनिधित्व करने वाले हरबिलाश जी द्वारा किये गये सामाजिक हितों के कार्य के कारण राय बहादुर’ और ‘दीवान बहादुर की पदवी से सम्मानित किया गया. इनकी प्रसिद्ध रचनाओं में महाराजा कुंभा’ ‘महाराजा सांगा ‘शंकराचार्य और दयानन्द” लाइफ़ ऑफ़ स्वामी दयानन्द सरस्वती’ मुख्य है. 20 जनवरी, 1952 के दिन इस महान समाज सुधारक का देहांत हो गया था.

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