शुभांगी स्वरूप का जीवन परिचय | Biography of Shubhangi Swaroop in Hindi

Biography of Shubhangi Swaroop in Hindi: प्रथम भारतीय महिला पायलट शुभांगी स्वरूप. अब वह बात गुजरे जमाने की हो गई , जब यह कहा जाता था कि पुरुष ही बाहर के कार्य करेगे और महिलाएं घर की चहारदीवारी के अंदर रहेगी. अब तो महिलाओं ने अपने बुलंद हौसलों और मेहनत से यह बता दिया हैं कि यदि उन्हें अवसर मिले तो वे न सिर्फ आसमान को छू सकती हैं, बल्कि आसमान में उड़ान भरकर भी दिखा सकती हैं.

शुभांगी स्वरूप का जीवन परिचय | Biography of Shubhangi Swaroop in Hindiशुभांगी स्वरूप का जीवन परिचय | Biography of Shubhangi Swaroop in Hindi

जी हाँ, शुभांगी स्वरूप ऐसी ही महिला पायलट बन गई हैं जो आसमान में उड़ान भर रही हैं. भारतीय इतिहास में शुभांगी स्वरूप का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया हैं. क्योंकि वे पहली भारतीय महिला हैं. जो इंडियन नेवी में पायलट बनी हैं. वे उत्तरप्रदेश की रहनेवाली हैं. उनके पिता ज्ञान स्वरूप नौसेना के अधिकारी हैं.

उनके पिता के भी नौसेना अधिकारी होने से यह बात साबित हो गई हैं कि घर के परिवेश का बच्चों के मन पर गहरा असर पड़ता हैं. यदि माता पिता अपने बच्चों को बचपन से सकारात्मक परिवेश देने का प्रयास करते हैं तो बच्चे अपने स्वप्नों को हासिल कर लेते हैं.

प्रथम भारतीय महिला पायलट शुभांगी स्वरूप की कहानी (The story of the first Indian woman pilot Shubhangi Swaroop)

शुभांगी स्वरूप को हैदराबाद के दुंदिगल में वायु सेना अकादमी में प्रशिक्षण दिया गया था. शुभांगी स्वरूप प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात वे मेरीटाइम रिकानकायसंस प्लेन उडाएगी. शुभांगी इससे पहले नौसेना की एविएशन ब्रांच में वायु यातायात नियंत्रण अधिकारी और विमान में पर्यवेक्षक अधिकारी के तौर पर काम कर चुकी हैं.

एन ए आई शाखा पर नौसेना के हथियारों और गोला बारुंड के आडिट एवं आंकलन की जिम्मेदारी होती हैं. यह शाखा बहुत महत्वपूर्ण होती हैं. अभी नई दिल्ली की आस्था सहगल, पदुचेरी की रूपा ए और केरल की शक्ति माया एस. को नौसेना की नेवल आर्मामेंट इंस्पेक्टोरेट शाखा की महिला अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त हुआ हैं.

शुभांगी स्वरूप के साथ ही अन्य महिला अधिकारियों ने अपने ज्ञान और मानसिक ताकत से यह बता दिया हैं कि महिलाएं शारीरिक रूप से भी कमजोर नहीं होती हैं. इसी बात को भारत की एकमात्र महिला कमांडो डॉ सीमा राव ने भी साबित किया हैं. वे अभी तक 20 हजार जवानो को ट्रेनिंग दे चुकी हैं. वे ब्लैक बेल्ट प्राप्त महिला हैं.

इस प्रकार महिलाओं ने अपनी राह में आने वाली बाधा को दूर कर लक्ष्य को हासिल करना सीख लिया हैं. महिलाओं की इस जीत हर महिला को राह दिखाती हैं और जीने के नये मार्ग सीखाती हैं.

बात अगस्त 2010 की हैं नौसेना वौइस् एडमिरल केएन सुशिल ने दक्षिण नौसेना कमान में कॉमनवेल्थ खेलों की बेटन थामी और नेवी चिल्ड्रन स्कूल में पढने वाली शुभांगी स्वरूप को सौपी.

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