पौराणिक हिन्दू धर्म की विशेषताएं | Chief Characteristic Of Hinduism In Hindi

पौराणिक हिन्दू धर्म की विशेषताएं Chief Characteristic Of Hinduism In Hindi: जब हम सनातन, वैदिक, हिन्दू धर्म अर्थात हिंदुत्व की बात करते हैं तो इसकी तुलना आज के रिलिजन शब्द से जोडकर अन्य पंथों व मजहबों से करते है जो कि गलत हैं. हिन्दू धर्म एक विचारधारा है जीवन जीने का तरीका है सिन्धु नदी के पास रहने वाले भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों की जीवन पद्धति हैं चाहे वो जैन, बौद्ध, सिक्ख, इस्लाम किसी भी मत को मानने वाले हो वे हिन्दू ही हैं. आज हम प्राचीन काल के हिन्दू धर्म की विशेषताएं आपकों बताएगे.

Chief Characteristic Of Hinduism In Hindi

Chief Characteristic Of Hinduism In Hindi

पौराणिक हिन्दू धर्म की विशेषताएं

hinduism beliefs religion Hindu culture history originate practices traditions information way of life customs rituals origin beginning core teaching facts values: जब हिन्दू धर्म का नाम आता है तो लोगों का ध्यान मन्दिर पाठ, पूजा और मान्यताओं की तरफ चला जाता हैं जैसे टीका लगाने चोटी रखने और मंदिर जाने वाला ही हिन्दू होता हैं, यह हिंदुत्व की विशेषताएं नहीं हैं बल्कि यह धर्म का छोटा सा हिस्सा हैं जिसमें देवी देवता और मान्यताएं आती हैं. यहाँ धर्म का अर्थ भी स्पष्ट किया गया हैं धर्म इति धार्यते यानी जिसे धारण (आचरण/व्यवहार) में लाया जा सके वही धर्म हैं.

पौराणिक हिन्दू धर्म में दो परम्पराएं शामिल थी- वैष्णव और शैव. वैष्णव परम्परा में विष्णु को सबसे महत्वपूर्ण देवता माना जाता हैं और शैव परम्परा में शैव यानी शिव ही परमेश्वर हैं. इस प्रकार की आराधना में उपासना और ईश्वर के बीच का संबंध प्रेम और समर्पण का सम्बन्ध माना जाता हैं जिसे हम भक्ति कहते हैं. अब मुख्य हिन्दू धर्म की विशेषता जानते हैं.

chief characteristic of hinduism- हिन्दू धर्म की विशेषता

पौराणिक हिन्दू धर्म का उदय (The rise of mythical Hindu religion)

पौराणिक हिन्दू धर्म में भी मुक्तिदाता की कल्पना विकसित हो रही थी. इस पौराणिक हिन्दू धर्म में दो परम्पराएँ प्रमुख थी, पहली वैष्णववाद और दूसरी शैववाद. वैष्णववाद में विष्णु को सबसे प्रमुख देवता माना गया हैं. और शैववाद में शिव परमेश्वर माने गये हैं.

इन परम्पराओं के अंतर्गत एक विशेष देवता की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता था. इस प्रकार आराधना में उपासना और ईश्वर की भक्ति के बीच का सम्बन्ध प्रेम और समर्पण का माना जाता था जिसे भक्ति कहा जाता हैं.

अवतारवाद (Avatarism)

यह पौराणिक हिन्दू धर्म की दूसरी मुख्य विशेषता हैं. वैष्णववाद में कई अवतारों के चारों ओर पूजा पद्धतियाँ विकसित हुई. इस परम्परा के अंदर दस अवतारों की कल्पना की गई हैं. लोगों में यह मान्यता भी प्रचलित थी कि पापियों के बढ़ते प्रभाव के कारण जब संसार में अराजकता, अव्यवस्था और विनाश की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी, तब संसार की रक्षा के लिए भगवान अलग अलग रूपों में अवतार लेते थे.

संभवतः अलग अलग अवतार भारत के भिन्न भिन्न भागों में लोकप्रिय थे. इन सभी स्थानीय देवताओं को विष्णु का रूप मान लिया गया जो एकीकृत धार्मिक परम्परा के निर्माण का एक महत्वपूर्ण तरीका था.

अवतारों को मूर्तियों में दिखाना (Show avatars statues)

कई अवतारों को मूर्तियों के रूप में दिखाया गया हैं. अन्य देवताओं की मूर्तियों का भी निर्माण किया गया. शिव को उनके प्रतीक लिंग के रूप में बनाया जाता था. परन्तु उन्हें कई बार मनुष्य के रूप में भी दर्शाया गया हैं.

ये समस्त चित्रण देवताओं से सम्बन्धित मिश्रित अवधारणाओं पर आधारित थे. उनकी विशेषताओं और प्रतीकों को उनके शिरो वस्त्र, आभूषण, आयुधों (हथियार और हाथ में धारण किये गये अन्य शुभ अस्त्र) और बैठने की शैली से दर्शाया जाता था.

पुराणों की कहानियाँ (hindu mythological stories)

इन मूर्तियों के उत्कीर्णन का अर्थ समझने के लिए इतिहासकारों को इससे जुडी कहानियों से परिचित होना पड़ता हैं. कई कहानियां प्रथम सहस्त्रशताब्दी के मध्य से ब्राह्मणों द्वारा रचित पुराणों में पाई जाती हैं. जिनमें देवी देवताओं की कहानियाँ भी हैं.

प्रायः इन्हें संस्कृत श्लोकों में लिखा जाता था. इन्हें ऊँची आवाज में पढ़ा जाता था. जिसे कोई भी सुन सकता थायदपि महिलाओं और शूद्रों को वैदिक साहित्य पढ़ने सुनने की अनुमति नहीं थी. परन्तु वे पुराणों को सुन सकते थे.

पुराणों की अधिकांश कहानियाँ लोगों के आपसी मेल मिलाप से विकसित हुई.पुजारी व्यापारी और सामान्य स्त्री पुरुष एकस्थान से दूसरे स्थान पर आते जाते हुए, अपने विश्वासों और विचारों का आदान प्रदान करते थे. उदहारण के लिए वासुदेव कृष्ण मथुरा क्षेत्र के महत्वपूर्ण देवता थे. कई शताब्दियों के दौरान उनकी पूजा देश के दूसरें प्रदेशों में भी प्रचलित हो गई.

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आशा करते है दोस्तों Chief Characteristic Of Hinduism In Hindi हिन्दू धर्म की मुख्य विशेषताओं के बारें में एस्से निबंध के रूप में दी गई जानकारी आपकों अच्छी लगी होगी. लेख पसंद आया हो तो प्लीज अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे.

 

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