Classroom Essay In Hindi | मेरी कक्षा का कमरा पर निबंध

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Classroom Essay In Hindi – मेरी कक्षा का कमरा पर निबंध

Classroom Essay In Hindi - मेरी कक्षा का कमरा पर निबंध

My Classroom Essay 250 words

मेरा नाम श्याम हैं तथा मैं जयपुर पब्लिक स्कूल में चतुर्थ कक्षा में पढ़ता हूँ. मेरा स्कूल बहुत अच्छा है और यह मुझे अति प्रिय हैं. मेरे विद्यालय में 15 कमरे हैं जो काफी बड़े हवादार तथा सजे धजे हैं. मेरा क्लासरूम पहली फ्लोर पर हैं. जो सीढियों के बेहद पास बना हैं. मेरे कक्षाकक्ष में लकड़ी की 20 बैंच और बैठने के लिए वुडन स्टूल पर हैं. इन्ही पर दूसरी पंक्ति में मेरी जगह हैं.

दो बड़ी खिड़कियाँ हैं जिनके पास स्कूल का सुंदर बगीचा व खेल का मैदान स्पष्ट दिखाई देता हैं. क्लासरूम के एक बैंच पर तीन छात्र बैठते हैं. कमरे के दूसरी भाग में छात्राएं बैठती हैं एक बड़े श्यामपट के पास शिक्षकों के लिए एक मंच बना हैं जिन पर मेज व कुर्सी व एक स्टैड बना हुआ हैं. हमारे क्लाश रूम में एक ग्रीन बोर्ड बनाया गया हैं जिस पर बच्चें अपनी कलाकृतियाँ सुंदर उद्गार चिपकाते हैं.

मेरी कक्षा में 30 छात्र वह 25 छात्राए हैं. जो एक दूसरे के अच्छे दोस्त हैं. हमारी क्लाश में एक प्रोजेक्टर भी हैं, जटिल विषयों को हमारे शिक्षक इनकी सहायता से हमें पढाते हैं. कमरे में दो रोशनदान बने हुए हैं जिनसे ताज़ी हवा सदा बहती रहती हैं. कमरे में रौशनी के लिए चार LED व हवा के लिए चार पंखे लगे हुए हैं. कक्षा कक्ष के अग्रिम भाग में एक बड़ी लकड़ी की अलमारी भी रखी गई हैं जिनमें शिक्षण सामग्री व फाइलों को सहेजकर रखा गया हैं.

मेरी कक्षा के कमरे का वातावरण बेहद आकर्षक हैं जहाँ हमें अद्भुत शांति का अनुभव होता हैं. कमरे की दीवारों पर अच्छी तरह से पेंट किया गया हैं. चारों दीवारों पर सुंदर चित्र, स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें तथा भारत व विश्व के नक्शे टाँगे गये हैं. मेरी कक्षा के बोर्ड पर हमें नित्य अच्छे विचार पढ़ने को मिलते हैं. कक्षा के बाहर कचरा पात्र रखा गया हैं. सभी स्टूडेंट्स पाबंदी से उसका उपयोग करते हैं. हमारे विद्यालय के सफाई कर्मचारी नित्य आकर हमारे आने से पूर्व ही कक्ष की सफाई कर उसकी पवित्रता को अधिक बढ़ा देते हैं. इस तरह मेरी कक्षा मुझे बेहद प्रिय हैं.

Meri kaksha essay in hindi

हरेक विद्यार्थी के जीवन में स्कूल की कक्षा का बड़ा महत्व होता हैं. वह अपने बालपन का सर्वाधिक समय यही पर व्यतीत करता हैं. कक्षा में बालक को ज्ञान मिलता हैं वह रोजाना अपने दोस्तों के साथ बैठकर पढ़ाई करता हैं. एक विद्यार्थी के लिए अपनी कक्षा के प्रति मन्दिर से पवित्र भाव होते हैं. हर वर्ष भले ही उसकी कक्षा बदल जाती हो, मगर वही साथी वे ही शिक्षक उसके मन में एक परिवार की छवि को बना देते हैं.

एक विद्यार्थी जितना अधिक समय एक अच्छे क्लाश रूम में बिताता हैं जीवन में उन्हें कम से कम मुशिबतों का सामना करना पड़ता हैं. कक्षा में अध्यापक एवं छात्र दोनों मिलकर एक सार्थक वातावरण में अधिकाधिक ज्ञानार्जन के प्रयास करते हैं. यह वह स्थान होता जहाँ बच्चें के बालमन में छोटे बड़े, अमीर गरीब के भाव समाप्त हो जाते हैं. सभी धर्म वर्ग और पृष्टभूमि के बालक एक साथ बैठकर पढ़ते हैं.

कक्षाओं का स्वरूप बदलते वक्त के साथ तेजी से बदल रहा हैं. आज की हमारी कक्षाएं डिजिटल रूप ले चुकी हैं. एक समय था जब कक्षाएं पेड़ों के नीचे जमीन पर बैठकर लगती थी. बच्चे चटाई बिछाकर बैठते जबकि गुरूजी कुर्सी पर बैठा करते थे. कुछ कक्षाएं कच्ची घास की झौपड़ी या छप्पर में लगा करती थी, यदि बैठक व्यवस्था का अभाव होता तो दो तीन क्लास को एक साथ ही बिठा लिया जाता था.

आज की कक्षाओं का नजारा एक दम बदला सा हैं. आजादी के इन 72 वर्षों ने हमने शिक्षा को एक उच्च स्तर तक पहुचाया हैं, आज हमारे देश की सरकारी स्कूलों में भी बच्चों को वो सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं जो एक आदर्श स्कूल में मिलनी चाहिए. बच्चों के बैठने के लिए अपनी बैंच कुर्सिया हवादार व रोशनियुक्त कमरे अध्यापकों के पाठ प्रस्तुती का अच्छा मंच व अन्य सह शैक्षणिक सुविधाएं तथा डिजिटल साधन उपलब्ध करवाएं जा रहे हैं. आज के बच्चे यदि किसी ऐतिहासिक स्थल के बारे में पढ़ रहे हैं तो कक्षा में अध्यापक के पास वे समस्त साधन उपलब्ध हैं जिनसे वह बच्चों को उस स्थल की लाइव फुटेज उस स्थान के भ्रमण की विडियो वहां तक पहुचने का रास्ता आदि आसानी से दर्शा सकते हैं.

आज हमारी कक्षाओं में चोक डस्टर और ब्लेक बोर्ड के जगह पर ग्रीन बोर्ड तथा डिजिटल बोर्ड व पर्दे लगाए जा रहे हैं. स्कूलों में अध्यापकों की निरंतर संख्या व उनकी गुणवत्ता पर जोर दिया गया हैं. हर विषय का जानकार विष्याध्यापक आज हमारी स्कूलों में हैं. खेल के अच्छे साधन व समस्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. मध्यांतर में भोजन तथा पीने के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था आज की कक्षा में पुराने समय की कक्षाओं को पूर्ण अलग बना देती हैं.

कक्षाओं का महत्व

विद्यार्थी काल में कक्षा का बड़ा महत्व माना गया हैं. उनके जीवन निर्माण में कक्षा का अहम योगदान होता हैं. एक स्थान जहाँ उन्हें रोजाना बैठकर भिन्न भिन्न विषय के अध्यापक ज्ञान देते हैं. शिक्षा जीवन को संवारती हैं तथा एक अच्छा मनुष्य बनाती हैं तो शिक्षा का सबसे बड़ा स्रोत कक्षा ही हैं. क्लाश रूम के बिना शिक्षा प्राप्ति संभव नहीं हैं. कक्षा में बच्चे अपने साथियो के साथ तालमेल बिठाने कोई समस्या होने पर अपने सहपाठी अथवा अध्यापक से समाधान सीखते हैं.

My Classroom Essay in Hindi

प्रस्तावना

मैं राहुल कुमार अपने गाँव के सरकारी विद्यालय में पढ़ता हूँ, मेरा स्कूल का भवन बहुत विशाल हैं. आस-पास के क्षेत्र में मेरा विद्यालय सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं. स्कूल परिसर के उत्तरी एवं दक्षिणी दिशा में संयुक्त रूप से दो मंजिला स्कूल बिल्डिंग हैं. मेरी कक्षा पहली मंजिल में ही हैं. जहाँ मैं स्कूल के समय अध्ययन करता हूँ, मेरी कक्षा में महापुरुषों के चित्र व प्रकृति की सुंदर तस्वीरे इसकी शोभा बढ़ाती हैं.

मेरा क्लासरूम

आकार के दृष्टिकोण से मेरा कक्षा कक्ष काफी बड़ा हैं. जिसमें 6 हवादार पंखे लगे हुए हैं. जो हमारे लिए पर्याप्त हैं. साथ ही चार रोशनदार, चार खिड़की व दो द्वार से ठंडी हवा बहती रहती हैं. मेरी क्लाश में आकर्षक रंग रोगन किया गया है तथा फर्श में अच्छा फर्नीचर हैं.

कक्ष की अग्रिम पंक्ति के आगे शिक्षक महाशय के लिए अच्छा स्टेज बना हुआ हैं, जहाँ एक ब्लैक बोर्ड, कुर्सी मेज व स्टेड रखा हुआ हैं. हमारी क्लास में एक पुस्तकों से भरी हुई अलमारी भी हैं. मुख्य द्वार पर सुंदर पतंगी मालाओं से सुंदर सजावट की गई हैं. कक्षा में एक स्मार्ट बोर्ड तथा डिजिटल प्रदर्शनी के कंप्यूटर उपकरण भी रखे गये हैं.

सभी मेरा कक्षा साथी क्लाश को साफ़ सुथरा रखने में चपरासी की मदद करते हैं. समय समय पर हम कक्षा में लगे चित्र व मैप की साफ़ सफाई करते हैं.

कक्षा का महत्व

हमारे देश का भावी भविष्य हमारे विद्यालयों की इन कक्षाओं में स्वयं को तैयार कर रहा हैं. शिक्षक छात्र व अभिभावक की इस शिक्षा कड़ी में क्लास का भी अहम योगदान हैं. एक छात्र अपने बचपन का अधिकतर समय यही व्यतीत करता हैं.

कक्षा की स्थिति, आस पास का वातावरण, साथियों व शिक्षकों का व्यवहार बाल मन पर गहरी छाप छोड़ता हैं. इसलिए प्रशासन व समाज को अपने विद्यालयों की तरफ पर्याप्त ध्यान भी देना चाहिए.

मेरी कक्षा में भी कुछ शरारती छात्र हैं वे शिक्षा के महत्व से अनभिज्ञ होने के कारण न तो स्वयं अध्ययन में रूचि दिखाते हैं और न ही अन्य बच्चों को सही ढंग से अध्ययन करने देते हैं.

निष्कर्ष:

मुझे अपनी कक्षा का कमरा बहुत अच्छा और पसंद लगता हैं |

Smart class Room essay in hindi

स्कूल में शिक्षा की तस्वीर बदल रही है। अब कक्षाओं में छात्रों की पढ़ाई, पहले से ज्यादा सुविधाजनक और हाईटेक हो गई हैं। देश के कई स्कूलों में ब्लैकबोर्ड के जगह प्रोजेक्टर्स, टीचर के हाथ में चॉक की जगह स्टाइलस डिवाइस और बच्चों के हाथ में पेन पेंसिल की जगह रिमोर्ट कंट्रोल आ गए हैं। ऐसे में इसे विकासशील देश में शिक्षा की नई तस्वीर कहा जा सकता है।

नई तकनीकी से शिक्षा ले रहे छात्राओं की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं। पढ़ाई के इस नए तरीके में बच्चों को हर चीज वीडियो, पिक्चर्स और ग्राफिक्स के जरिए समझाई जाती है। टेस्ट देने के लिए भी हाई-टेक तरीके का इस्तेमाल है। प्रोजक्टर पर प्रश्न दिखते ही छात्र रिमोर्ट के जरिए अपना जवाब देंगे और तुरंत सही, गलत का पता भी चल जाएगा। पढ़ाई का तरीका बदलने वाली ये टेक्नोलॉजी न सिर्फ बच्चों के लिए दिलचस्प है बल्कि टीचर्स के लिए आसान है।

किंदर गार्डन से लेकर 12वीं क्लास के ये मोड्यूल आईसीएसई, सीबीएसई बोर्ड के अलावा स्टेट बोर्ड में भी उपलब्ध है। इतना ही नहीं हिंदी, मराठी, गुजराती, तामिल जैसी भाषाएं भी इस मोड्यूल के जरिए आसानी से पढ़ाई जा रही है। बच्चों को दिया जाना वाला होमवर्क स्कूल की वेबसाइट पर मिल जाता है और स्कूल की हर एक्विटविटी का जानकारी ट्विटर पर दी जाती है।

भले ही ये चलन दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों से शुरू हुआ हो, पर अब भोपाल, इंदौर, धर्मशाला, चंढ़ीगढ, लखनऊ जैसे शहरों में ये ज्यादा पॉपुलर हो गया है। स्मार्ट क्लास का ये कारोबार हर साल करीब 20 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है। एडुकॉम्प, एवरॉन, एनआईआईटी, कोर एजुकेशन, टाटा इंटरेक्टवि सर्विसेज जैसी कंपनियां इस कारोबार में उतर चुकी हैं।

पढ़ाई का ये नया तरीका दिलचस्प और आसान तो है, लेकिन थोड़ा महंगा भी है। आपके बच्चे को स्मार्ट किड बनाने के लिए आपको अपनी जेब थोड़ी हल्की तो करनी पड़ेगी, पर इसकी संभावनाओं को देखते हुए लोग ये करने के लिए भी तैयार है।

आशा करता हूँ दोस्तों आपकों Classroom Essay In Hindi का यह लेख अच्छा लगा होगा. मेरी कक्षा पर निबंध में दी गई जानकारी यदि आपकों अच्छी लगी हो तो प्लीज अपने दोस्तों के साथ भी इस लेख को जरुर शेयर करे.

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