वाणिज्यिक बैंक के कार्य | commercial bank work in hindi

वाणिज्यिक बैंक के कार्य | commercial bank work in hindi: बैंक पूंजी का उपयोग करने वालों तथा बचत करने वालों के बीच सेतु का कार्य करते हैं. चेक एक ऐसा आदेश पत्र है, जो किसी बैंक को किसी व्यक्ति के खाते से चेक पर नामित व्यक्ति को एक निर्धारित राशि के भुगतान का आदेश हैं. चेक में जारी दिनाकं, भुगतान प्राप्तकर्ता का नाम, राशि अंकों व शब्दों में चेक जारी करने वाले की खाता संख्या, चेक जारी करने वाले के हस्ताक्षर आदि होते हैं. आज हम आपकों यहाँ पर कमर्शियल बैंकों के कार्य – commercial bank work के बारे में बता रहे हैं.

commercial bank work in hindiवाणिज्यिक बैंक के कार्य | commercial bank work in hindi

बैंक वह संस्थान है जो जनता से मांगे जाने वाले पुनर्भुगतान योग्य या चेक द्वारा निकलवाने योग्य जमाएं स्वीकार करता है तथा ऋण प्रदान करने का कार्य भी करता हैं. वाणिज्यिक बैंक बचतों को सुरक्षित रखने, बचत को गतिमान करने व संसाधनों को आंवटन करके के काम आते हैं.

वाणिज्यिक बैंक के कार्य | commercial bank work in hindi

वाणिज्यिक बैंकों के कार्य निम्न हैं.

  • जमाएं स्वीकार करना– बैंक द्वारा प्रदत्त सेवाओ में सर्वाधिक महत्वपूर्ण और प्रथम कार्य जमाएं स्वीकार करना है. बैंक व्यक्तियों, फर्मों एवं अन्य संस्थाओं से जमाएं प्राप्त करती है, व्यापक रूप से ये जमाएं तीन प्रकार की होती हैं. चालू खाते की जमाएं, बचत खाते की जमाएं और स्थायी जमाएं. व्यवसायियों द्वारा चालू खाते में धन जमा करवाया जाता है. वे इसमें बार बार लेन देन कर सकते हैं. बैंक इन चालू जमाओ पर बहुत कम या शून्य ब्याज देते है. सामान्य जनता द्वारा अपनी धनराशि बचत खातों में जमा के रूप में रखी जाती हैं. बचत खाते की जमाओं में से रूपये निकालने में तथा बचत खाते में किये जाने वाले लेन देन पर कुछ प्रतिबन्ध होते हैं. इन जमाओं पर बैंक उचित ब्याज भी प्रदान करता हैं. चालू तथा बचत खाते की जमाओं को संयुक्त रूप से मांग जमाएं कहा जाता हैं. बैंक सर्वाधिक ब्याज स्थाई जमाओं पर प्रदान करते हैं. ये जमाएं लम्बी अवधि की होती हैं. अतः इन्हें अवधि या समय जमाएं भी कहते हैं.
  • ऋण प्रदान करना- वाणिज्यिक बैंक अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्योग, व्यापार आदि को ऋण प्रदान करते हैं. यह ऋण नकद, साख, अधिविकर्ष आदि अनेक रूपों में प्रदान किया जाता हैं. बैंक द्वारा विभिन्न व्यक्तियों व संस्थाओं को विभिन्न उद्देश्यों से दिए गये ऋणों पर ब्याज दर भी अलग अलग होती हैं. बैंक जमा पर जो ब्याज देते है, उससे अधिक ब्याज दिए गये ऋणों पर लेते हैं, कर्जदारों से लिए गये ब्याज और जमाकर्ताओं को दिए गये ब्याज के बीच का अंतर बैंकों की आय का प्रमुख स्रोत होता हैं.
  • अन्य कार्य- जमाएं स्वीकार करने तथा ऋण प्रदान करने के अतिरिक्त बैंक अपने ग्राहकों को कई प्रकार की सेवाएं भी प्रदान करते हैं. बैंक बिलों एवं चेकों का संग्रहण करते हैं. बीमा की किश्त आदि का नियमित भुगतान करते हैं. बैंक अनेक साखियीकी सूचनाएं एकत्रित कर उन्हें विभिन्न एजेंसियों को उपलब्ध करवाते हैं., वे धन के हस्तांतरण की सुविधा भी प्रदान करते हैं. सार रूप में यह कहा जा सकता हैं कि आर्थिक विकास तथा वित्तीय समावेशन में बैंक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं.

वाणिज्यिक बैंक का महत्व (Importance of commercial bank )

वाणिज्यिक बैंकों को वर्तमान सन्दर्भ में महत्वपूर्ण उपयोगिता हैं. इसके द्वारा अर्थव्यवस्था के विकास व उन्हें मजबूती प्रदान करने में योगदान दिया जा रहा हैं. इसके इस योगदान को निम्न बिन्दुओं के माध्यम से समझा जा सकता हैं.

आर्थिक विकास हेतु ऊँची बचत दर आवश्यक होती हैं. वाणिज्यिक बैंक जनता की बचतों को सुरक्षित रखकर उन्हें ब्याज भी प्रदान करते हैं. बैंक का यह कार्य समाज में बचत की प्रवृति को बढ़ावा देता हैं.

जनता से जो बचतें जमा होती है, उन्हें गतिमान करके बैंक अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न उत्पादकों तथा निवेशकों तक पहुचाते है. यदि बैंक नही होते तो बचतें सदैव बचतकर्ता के पास ही पड़ी रहती तथा कभी भी बचत उत्पादन हेतु उपयोग में नहीं आती.

बैंक संसाधनों का अनुकूलतम आंवटन करते हैं. प्राप्त बचतों को बैंक उन क्षेत्रों को उधार देते है, जहाँ लाभ की दर अर्थात प्रतिफल की दर अधिकतम हो. साथ ही बैंक उन क्षेत्रों में भी संसाधन आंवटित करते है जो सामाजिक कल्याण की दृष्टि से आवश्यक होते हैं.

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