आँख आना घरेलू उपचार, कारण, लक्षण | conjunctivitis treatment at home in hindi

conjunctivitis treatment at home in hindi आँख आना (conjunctivitis) एक आम वायरस इन्फेक्शन है. जो कभी कभी बैक्टीरिया से होता है. इसे आम भाषा में आँख आना कहते है. आँख लाल होना, दर्द होना और आँख से पानी आना इसके मुख्य लक्षण है. आँख आने पर आँखों में कुछ अटका सा प्रतीत होता है. इस रोग में आँख खोलने में भी दर्द होता है.

आँख आना in english – conjunctivitis रोग के बढ़ने से आँखों से गाढ़ा गाढ़ा पदार्थ भी निकलता है. इसलिए रात में पलकें चिपक जाती है. जो काफी पीड़ा देने वाली होती है.

आँख आना घरेलू उपचार, कारण, लक्षण | conjunctivitis treatment at home in hindiआँख आना घरेलू उपचार, कारण, लक्षण | conjunctivitis treatment at home in hindi

यह एक संक्रामक रोग है, यह रोगी के तोलिये या रुमाल के इस्तमोल से भी फैलता है. आज आपकों हम आँख आने पर किये जाने वाले घरेलू इलाज (उपचार) के बारे में जानकारी बता रहे है.

1. मुलहठी को दो घंटे तक पानी में भिगोकर रखे, इसके बाद उस पानी में रुई डुबोकर पलकों पर रखे, ऐसा करने पर आँखों की जलन व दर्द से आराम मिलता है.
2. आधे गिलाश पानी में दो चम्मच त्रिफला चूर्ण दो घंटे भिगोकर रखे. अब इसे छान ले, इस पानी से दिन में तीन चार पर छीटें मारकर आँखें धोने से लाभ होता है.
3. नीम के पानी से आँख धोने के बाद आँखों में गुलाबजल डाले इससे लाभ होगा.
4. हरी दूब घास का रस निकाले. अब इस रस में रुई भिगोकर पलकों पर रखें, आँखों में ठंडक मिलेगी.
5. हरड को रात भर पानी में भिगोकर रखे, सुबह उस पानी को छानकर उससे आँखे धोएं, आँखों की लाली व जलन दूर होगी.
6. दूध पर जमी मलाई उतार ले, अब इसे दोनों पलकों पर रखकर उपर से रुई रखकर पट्टी बाँध ले, यह प्रयोग रात को सोते समय करे, लाभ होगा.
7. प्रातःकाल उठते ही अपना बासी थूक भी आँखों पर लगा सकते है.

हल्दी का प्रयोग- conjunctivitis treatment With turmeric at home in hindi

आँख आने पर हल्दी भी एक अच्छा घरेलू उपाय है इसके लिए लगभग 10 gm हल्दी को 200 ml पानी के साथ उबालकर, जब पानी गुनगुना रह जाए तो छान लेवें. अब इस पानी की छीटों को मुंह पर डालकर अच्छी तरह धोएं. इससे आँखों का लाल होना, आँख में कीचड़ आना जैसी तमाम समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा. यदि आँख आना conjunctivitis की प्रोब्लम सता रही है तो इस पाने से आँखे धोने के बाद पौछ्ने के लिए पीले रंग का तौलिया प्रयोग में लाए इससे फायदा होगा.

पीला धतुरा गाय के घी के साथ आँखों पर लगाने से लाभ प्राप्त होता है. गाय के दूध के साथ अथवा दूध न मिलने की स्थति में घी के साथ इसे आँखों पर काजल की भांति लगाने से आँख आने की समस्या से निजात मिल जाती है. तथा आंखों पर सूजन व दर्द की समस्या से भी छुटकारा मिलता है.

आँख आने की बिमारी का कारण (conjunctivitis causes in hindi)

  • आँखों की श्लेष्मा झिल्ली में सूजन तथा संक्रामक अथवा बाहरी कचरे के चलते इसमें हल्की सी जलन व खुजली आती है. तथा यह झिल्ली लाल रंग की होने के बाद आँख आने की समस्या में बदल जाती है.
  • एलर्जिक कॉंजक्टिवेटाइटिस, बैक्टीरियल कोंजक्टिवेटाइटिस, केमिकल कॉंजक्टिवेटाइटिस, और वायरल कॉंजक्टिवेटाइटिस के संक्रमण के कारण भी ऐसा होता है.
  • मुख्य रूप से बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस संक्रमण होने की स्थति में आँखे जुड़ जाती है, तथा इसमें प्रातः कीचड़ आता है.
  • साबुन, शैम्पू, परफ्यूम या ऐसी कोई चीज जो आपके चेहरे के साथ एलर्जी की समस्या उत्पन्न करती है, उसके उपयोग से भी आँख आने की समस्या हो सकती है.
  • धूल और परागकणों के कारण भी कंजंक्टिवाइटिस की समस्या हो सकती है.
  • अक्सर यह इन्फेक्शन एक आँख के साथ भी देखा जाता है, समय रहते यदि इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह दूसरी आँख को भी चपेट में ले सकता है. इसकी वजह से आँखों में प्रकाश की किरण सहन नही हो पाती है. इसे फोटोफोबिया भी कहा जा है. यह अपना खतरनाक रूप धारण करने के पश्चात आँखों में खून की तरह झर्रिया दिखाई पडती है.

आँख आने के लक्षण (Symptoms of  conjunctivitis in hindi)

  1. एक आँख में लाल रंग की झर्रिया पड़ जाती है.
  2. आँख से चिपचिपा गोंद जैसे तरल पदार्थ स्रावित होता है, मुख्यतः रात के समय सोने के बाद आँखे पूरी तरह बंद हो जाती है. तेज धूप में देखने में कठिनाई का सामना करना व तेज दर्द व जलन का महसूस होना.
  3. आँख से लगातार आंसू व कीचड़ निकलते रहना.
  4. साफ़ रोशनी में भी धुंधला दिखना.
  5. आँख में कुछ अटका सा महसूस होना तथा तेज जलन व खुजली आना.
  6. हमारी आँख के अगले हिस्से से खून निकलना अथवा ऐसा प्रतीत होना ये मुख्य रूप से आँख आने के लक्षण है.

आँख आने पर रखी जाने वाली सावधानियाँ (बचाव के उपाय) | conjunctivitis treatment

  • अपने शरीर के अंगों की स्वच्छता बनाए रखे.
  • तेज धूप अथवा मौसम साफ़ न हो तो चश्मा पहनकर ही घर से निकले.
  • यदि कोई आंख आने की समस्या से पीड़ित है, तो उसे घर पर ही अलग रूम में रहना चाहिए.
  • संक्रमित व्यक्ति के नजदीक जाकर ज्यादा आँखों में न देखे, ऐसा करने से यह संक्रमण आपकों भी हो सकता है.
  • रोगी के लिए खाने पीने के बर्तन अलग रखे तथा किसी तरह शारीरिक सम्पर्क से दूरी रखे.
  • पीड़ित व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई किसी भी सामग्री का उपयोग न करे.
  • यदि आपके परिवार के किसी सदस्य को यह समस्या है. तो सभी लोग आस-पास मंडराने की बजाय एक ही व्यक्ति उसकी दवाई व खानपान का ध्यान रखे तथा उसकी आई ड्राप डालने के बाद स्वयं अपनी आँखों को जरुर धोएं.
  • डॉक्टर दवाई बताई गई मलहम को आँखों पर लगाकर ही सोए जिससे आँख छिपकने की समस्या नही होगी.

आँख आना ट्रीटमेंट इन हिंदी (conjunctivitis Treatment in Hindi)

आँख आना (कंजंक्टिवाइटिस) के इलाज के लिए आपकों मेडिकल स्टोर से बहुत सारी दवाएं मिल जाएगी. जिनके सेवन से कुछ ही दिनों में आपकी यह समस्या जड़ से समाप्त हो जाएगी. मगर बिना चिकित्सक के परामर्श के किसी तरह की दवाई न ले. आँख सबसे कीमती होती है. कही ऐसा न हो कोई बेकार दवाई की वजह से आँखों के लिए कोई खतरा मोल ले ले.

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