दीपावली से जुड़ी कुछ रोचक बातें और पौराणिक कथाएं

भारत में एक बात बहुत ही ख़ास हे “सात वार नो त्यौहार”. आये दिन कोई ना कोई त्यौहार होता ही रहता हे. अभी कुछ ही दिनों में दीपो का त्यौहार दीपावली आने वाला हे. इस दिन पूरा देश दीपो की रोशनी में जगमगा जाता हे. चारों और रोशनी ही रौशनी दिखाई देती हे. यह त्यौहार हमें इस बात की सीख देता हे की हमारी जिंदगी इन दीपो की तरह कितनी रोशन हे. यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हे. आईये जानते हे दीपो के इस त्यौहार दीपावली के बारे में कुछ ख़ास बातें और इससे जुड़ी पौराणिक कथाओं के बारे में.

कब मनाते है दीपावली ? (when Deepawali celebrates)

दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाई जाती हे. दीपावली को दीवाली भी कहा जाता हे. दीपावली अपने आप में अकेला त्यौहार नहीं है इसके साथ कई त्यौहार जुड़े हुए हे. दीपावली से 3-4 दिन पहले ही त्योहारों की शुरुआत हो जाती है. जिसमे रूप चौदस, धन तेरस आदि आते हे. हर त्यौहार से एक दंत कथा जुड़ी हुई है.

दीपावली से जुड़ी पौराणिक कथाएं (Stories related to Deepawali)

  • इस दिन भगवान राम अहंकारी रावण का वश करके अपने नगर अयोध्या लौटे थे और इस ख़ुशी में अयोध्या के लोगों ने दीपक जलाये थे और इसी दिन से इसका नाम दीपावली पड़ गया.
  • यह भी कहा जाता है की इस दिन कृष्ण भगवान ने अत्याचारी नरकासुर का वध किया था और इस राक्षस के मरने पर लोगों ने ख़ुशी से दीपक जलाये थे और इसी वजह से दीपावली मनाई जाती है.
  • इस दिन भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया था और लोगों ने इस ख़ुशी में दिये जलाये थे और इसी वजह से इस दिन दीपावली मनाते है.
  • जैनों का मत हे की इसी दिन भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस हुआ था. इसी दिन अमृतसर में स्वर्ण मंदिर का शिलान्यास हुआ था.
  • दीपावली मानाने के पीछे ऐसे कई पौराणिक कथाएं है, जिसकी वजह से दीपावली मनाई जाती है. इसलिए हम कह सकते है की दीपावली खुशियों, हर्षोल्लास, बुराई पर अच्छे और सच्चाई का प्रतीक है .

दीपावली के साथ मनाये जाने वाले त्यौहार

दीपवली के साथ रूप चौदस, धन तेरस, भाई-दूज, अन्नकुट आदि त्यौहार मनाये जाते हे. इसी वजह से दीपावली सभी त्योहारों में सबसे खास त्यौहार है.

दीपावली से जुडी कुछ रोचक बातें

  • दीपावली शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हे दीप+आवली. दीप का मतलब होता है दीपक और आवली का मतलब होता है लाइन या श्रृंखला अर्थात दीपों की श्रृंखला.
  • दीपावली को ज्ञान, प्रकाश, उम्मीद, आशा आदि का प्रतीक माना जाता है.
  • दीपावली के दिन ही समुन्द्रमंथन से लक्ष्मी और धन्वंतरी प्रकट हुए थे.

क्या-क्या होता है दीपावली के दिन?

इस दिन बच्चे, बूढ़े, जवान सब सुबह जल्दी उठ जाते हे. इसी दिन दुकानें भी जल्दी खुलती है और इस दिन पूरा बाज़ार लोगो के आवागमन से भरा रहता है. बच्चों के लिए यह बहुत ही ख़ास त्यौहार है. इस दिन बच्चे पटाखें और अपने लिए कपड़े खरीदते है, महिलाएं मिठाइयाँ और साड़ियाँ खरीदती है.
रात के टाइम घर के सब लोग स्नान करके तैयार होते हे माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है और पूजा के बाद सब साथ मिलकर खाना खाते है और फिर पटाखे जलाते है. इसके अगले दिन सब लोग एक-दुसरे के घर जाकर गले मिलते है. इस तरह यह त्यौहार हंसी-ख़ुशी के साथ पूरा होता है.

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