जमीन पर सोना फायदेमंद है या बेड पर ?? | Difference Between Sleeping Bed Or Lands

बेड या तख्त पर सोने से वया लाभ है और चारपाई पर सोने से क्या हानि है? (Difference Between Sleeping Bed Or Lands)

प्राचीन समय से ही ऋषि-महर्षि यह बताते आ  रहे हैं कि लकड़ी से निर्मित तख्त या बैड पर सोना चाहिये। परन्तु उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं देता। पूजा-पाठ, व्रत-उपवास करने वालों को । ये ऋषि-मुनि विशेष रूप से हिदायत देते थे कि वे चारपाई पर न  सोयें, सिर्फ सोने के लिये तख्त का प्रयोग कैरें। प्रश्न यह उठता है :
कि पूजा-पाठ या व्रत-उपवास करने वाले व्यक्ति को तख्त पर सोने से क्या लाभ है? उपवास करने वाला व्यक्ति भोजन की जगह अल्पाहार में फल व जूस लेता है। पूर्ण भोजन न करने से व्यक्ति को शक्ति क्षीणता का अनुभव होता है जिससे आलस्य की मात्रा बढ़ है। चारपाई ढीली-ढाली होती है, इससे उस पर सोने से शरीर को अधिक आराम मिलता है, इससे आलस्य अधिक आता है।
 sleeping on the ground

जमीन पर सोने के फायदे (Benefits of sleeping on the ground)

तख्त पर सोने से रीढ़ की हड्डी (मेरु रज्जु) सीधी रहती है। इससे उसमें न तो कोई दर्द पनपता है और न कोई रीढ़ की हड्डी की कोई बीमारी होती है। हड्डी के मध्य में मज्जा होती है उसका संचार ठीक प्रकार से होता रहता है। इससे हड्डी सम्बन्धी कोई बीमारी नहीं होती। चारपाई पर सोने से रीढ़ की हड्डी में झुकाव आ जाता है जिसके कारण अनेक प्रकार की बीमारियाँ पैदा हो जाती हैं। कभी-कभी इससे गले की हड्डी भी बढ़ जाती है जिससे ऑपरेशन तक की नौबत आ जाती है। इसलिये वैज्ञानिक दृष्टि से भी तख्त या  बैड पर सोना ही उत्तम है।
  1. हममे से बहुत से ऐसे लोग होंगे जिन्हें जिन्हें सीधे कमर बैठने में बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ता है. जिसकी मुख्य वजह हमारे गलत तरीके से बैठना होता है. मगर इस समस्या के समाधान के लिए आप जमीन पर सोकर निजात पा सकते है. जमीन पर सोने से कमर (रीढ़ की हड्डी) १८० डिग्री के एंगल पर रहती है.
  2. चलने में संतुलन की कमी या गर्दन में बार बार ऐठन आने की समस्या एवं झुककर चलने की समस्या का समाधान पर आप बेड पर सोने की बजाय जमीन पर सोकर प्राप्त कर सकते है.
  3. अत्यधिक मानसिक श्रम करने वाले लोग यथा विद्यार्थी अकसर पढाई के बोझ से तनाव ग्रस्त रहते है. अतः विद्यार्थियों को अपना तनाव दूर करने के लिए इस रामबाण नुस्खे का इस्तमोल करना चाहिए तथा आज से ही जमीन पर रजाई बिछाकर सोने की आदत डाल लेनी चाहिए. यह न सिर्फ विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है बल्कि मानसिक रोगियों के लिए भी उनके दिमागी संतुलन बनाने में सहायक है.
  4. कई बार बेड पर सोते समय करवट के वक्त कई बार नीद खुल जाती है मगर जमीन पर सोने से इस तरह की कोई समस्या नही आती है.
उम्मीद करते है मित्रों अब आप समझ गये होंगे कि Sleeping Bed Or Lands आपकों क्या चुनना है.
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