Diwali 2017 लक्ष्मी पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

Diwali 2017 19 अक्टूबर को हिन्दू धर्म का एक मुख्य त्यौहार यानि दीपावली आ रही है. जिन्हें दीवाली भी कहा जाता है. इसके आने की आहट से ही लोग अपने घरों दुकानों की सफाई और रंग-रोगन के कार्य में जुट गये है. दिवाली के दिन यानि कार्तिक अमावस्या की रात को भक्त जनों द्वारा धन और एश्वर्य की देवी महालक्ष्मी गणेश जी और विद्या की देवी सरस्वती का पूजन कर सभी के सुख सम्रद्धि की कामना की जाती है. यह माना जाता है यदि दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की सही विधि विधान के साथ पूजा आराधना की जाए, तो सुख एश्वर्य समेत सभी समस्याओं का निवारण हो जाता है.

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा में रखे इन बातों का ध्यान

  1. महालक्ष्मी, गणेश जी और सरस्वती की मूर्तियों की स्थापना पीले या लाल रंग के कपड़े को बिछाकर स्वच्छ चौकी पर की जानी चाहिए.
  2. मूर्ति स्थापना के समय माँ लक्ष्मी की मूर्ति का मुख उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है.
  3. प्रथमपूज्य गणेश जी की मूर्ति लक्ष्मी जी के दाहिने और सरस्वती की बाई ओर होनी चाहिए.
  4. मूर्ति स्थापना इस प्रकार की जानी चाहिए, जिससे सभी लोग उनमे सामने विराजमान हो सके, इसके लिए किसी दीवार का सहारा लिया जा सकता है.
  5. पूजा आरम्भ करने से पूर्व माँ लक्ष्मी को मेवे और पेड़ो का तथा गणेश जी को मोदक का भोग लगाया जाता है.
  6. पूजा सामग्री में एक बड़ा मिटटी का दिया या 11 छोटे मिट्टी के दिये उपयोग में लाए जाते है.
  7. घर की चौखट और अन्य दीवारों पर तेल के 21 दिए जलाकर पुरे घर को दियों की रोशनी से रोशन करे.
  8. दीपावली पर लक्ष्मी पूजन सामग्री में कपूर,सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप,इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती आदि को शामिल किया जाना चाहिए.
  9. जब पूजा समाप्त हो जाए कलश में रखे गंगाजल को घर में छिडकने के साथ ही पूजा दीपक में कपूर मिलाकर पूरे घर में उनकी रोशनी दिखाई जाती है.
  10. माँ लक्ष्मी की आरती तथा प्रसाद वितरण के बाद सभी परिवारजनों को बड़े बूढों के पैर छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए.

     

लक्ष्मी पूजन में यह गलती न करे

हमारे शास्त्रों में लक्ष्मी पूजन के सम्बन्ध में कुछ विधि विधान बताये गये है, दीवाली के अवसर पर लक्ष्मी पूजन में इन नियमों तथा विधियों का पालन किया जाना चाहिए. नही तो इस प्रकार की गलती से लक्ष्मी जी रूठ सकती है, जिससे गृह क्लेश और विविध परिवारिक समस्याओं का भी जन्म हो सकता है. इन सभी परेशानियों से बचने के लिए हमे इन पूजा नियमों का पालन करना चाहिए.

  1. पौराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है, तुलसी विष्णु की दूसरी स्त्री थी, जिसके कारण यह विष्णु को बेहद प्रिय थी. मगर महालक्ष्मी इसे बिलकुल पसंद नही करती थी इस कारण लक्ष्मी पूजन में इस बार का ध्यान रखे कि पूजन सामग्री में भुलकर भी तुलसी को नही रखे.
  2. पति पत्नी के बिच झगड़े और गृह अशांति से मुक्ति चाहिए तो लक्ष्मी पूजन के बाद विष्णु जी की पूजा अराधना भी की जानी चाहिए, क्युकि जब तक विष्णु की पूजा नही होती तब तक लक्ष्मी की पूजा को सफल नही माना जाता है.
  3. लक्ष्मी की मूर्ति के दाई ओर ही दीपक रखा जाना चाहिए.
  4. यदि आप पूजा सामग्री में फूल लाए हैं और माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इन्हे चढ़ाते है तो इस बात का ध्यान रखे कि लक्ष्मी स्वयं सुहागन नारी है इस कारण उन्हें गुलाबी या लाल रंग के फूल ही अर्पित किये जाने चाहिए.

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