छोटी कहानियाँ बड़ी शिक्षा : ek chhoti si kahani Badi Shiksha

ek Chhoti Si Kahani Badi Shiksha-छोटी कहानियाँ या बड़ी एक विधा में वह ताकत होती हैं, जो ऐसी शिक्षा (MORAL) दे जाती हैं, जो किसी सच्चे गुरु के बिना संभव नही हैं. यहाँ दी गईं कुछ कहानियाँ ” बड़ा बनने की कला (The art of becoming big) ” बुजुर्ग का न्याय जैसी पढने में तो बेहद छोटी लगेगी, मगर इनके भीतर छिपे सार को समझने की कोशिश की जाए तो यह बहुत बड़ी बात कह जाती हैं, व्यक्ति को जिनका अनुभव सालों के अध्ययन के बाद भी नही होता हैं.

बड़ा बनने की कला ( छोटी कहानी)

स्वामी रामतीर्थ सन्यास लेने के पूर्व तीरथराम थे. और लाहौर के एक स्कुल में गणित के प्राध्यापक थे. एक बार श्यामपट पर उन्होंने रेखा खीचकर विद्यार्थियों से पूछा कि – क्या इस रेखा को बिना मिटाए कोई छोटी कर सकता हैं?

कक्षा चुप रही| एक विद्यार्थी ने उठकर उस रेखा उस रेखा के पास लम्बी रेखा खीच दी, जिससे पहली रेखा छोटी हो गईं. प्राध्यापक तीरथराम बड़े प्रसन्न हुए और कहने लगे- ” जीवन का भी यही रहस्य हैं, यदि तुम बड़ा बनना चाहते हो तो बड़े बन जाने वाले व्यक्तियों को पीछे मत धकेलो, अपने आप को उनसे बड़ा बनाओ | वे अपने आप तुमसे छोटे हो जाएगे..

शिक्षा : बड़ा बनने के लिए अपने से आगे वाले की टांग खीचने की बजाय उनसे अधिक मेहनत कर आगे बढ़ो.

बुजुर्ग की सीख

एक बार तीन दोस्त किसी शहर की मुख्य सड़क से होकर गुजर रहे थे. तभी अचानक एक की नजर एक छिक्के पर गईं, और उस पड़े छिक्के को उठा लिया.

तभी दुसरे दोस्त बोले- इसे हम सबने एक साथ देखा, इसलिए यह हम सबका हैं.

तभी एक बोला- हाँ, भाई हाँ क्यों न हम कुछ खरीदकर आपस में बाँट लेते हैं.

दूसरा बोला- ठीक हैं ! पर क्या खरीदे.

पहला- मेरा मन तो मीठी चीज खाने को कर रहा हैं.

दूसरा- ठीक हैं पर कई मीठी चीजे खरीदेगे.

तीसरा- पर मुझे तो प्यास बुझाने के लिए कुछ चाहिए. तभी पहला बोला – सबके के एक मिठाई बहुत हैं, मगर दुसरे ने कहा मुझे तो कई सारी चाहिए.

तीसरा- मुझे तो प्यास लगी हैं.

तभी एक बुड्ढा वहा आया और बोला – क्या बात हैं, क्यों झगड़ रहे हो.

तीनो ने पूरी बात बुड्ढ़े को बताई, वह बुड्ढा बोला- अरे, बस इतनी सी बात बड़ा आसान उपाय हैं.

कुछ अंगूर खरीद लीजिए.

पहला- ये तो मीठे हैं.

दूसरा- ये तो बहुत सारे हैं.

तीसरा- ये मेरी प्यास बुझाएगे.

इस तरह बुजुर्ग ने हमारी समस्या हल कर दी.

शिक्षा : किसी विषय पर झगड़ने की बजाय अपने बुजुर्गो की राय लेनी चाहिए !

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