Essay On Hockey In Hindi | मेरा प्रिय हॉकी खेल पर निबंध

Essay On Hockey In Hindi| मेरा प्रिय हॉकी खेल पर निबंध: हमारे देश में हॉकी का खेल काफी लोकप्रिय है. भारत में इस खेल के अनेक महान खिलाड़ी हुए है. जो विश्व में सर्वश्रेष्ट खिलाड़ी माने जाते है. हॉकी का खेल कब और किस देश में प्रारम्भ हुआ, इस संबंध में काफी विवाद है. यह खेल हमारे देश में सनः 1905 में आरम्भ हुआ. ओलपिंक में भारत की हॉकी टीम ने सनः 1928 में सर्वप्रथम गई थी, और जीतकर आई थी. तब से भारतीय हॉकी टीम सभी अंतराष्ट्रीय मैचों और ओलम्पिक समारोहों में लगातार भाग लेती आ रही है.

Essay on my favorite game hockey in hindi | मेरा प्रिय हॉकी खेल पर निबंध

खेल खेलने का ढंग (How to play game)– हॉकी शक्ति और स्फूर्ति का खेल है. इसमें दोनों टीमों के ग्यारह ग्यारह खिलाड़ी खेलते है. फुटबाल के खेल की तरह ही इसमें गोलकीपर, फोरवर्ड, बैक, हाफ बैक आदि खिलाड़ी होते है.

यह खेल 35-35 मिनट की अवधि का होता है. तथा हॉकी में 10 मिनट का मध्यांतर रहता है. इसके लिए निश्चित आकार के खेल मैदान की आवश्यकता रहती है. प्रत्येक खिलाड़ी के हाथ में स्टिक रहती है, जिससे वह गेंद को खेलता है. हॉकी के खेल के कई नियम तथा उपनियम होते है.

हॉकी का खेल कैसे खेला जाता है (How is the game of hockey played)

हॉकी मेरा प्रिय खेल है. एक बार हमारे विद्यालय में हॉकी टीम का आदर्श विद्या मन्दिर की टीम के साथ प्रदर्शन मैच हुआ. उस मैच में दोनों विद्यालय के छात्र दर्शक बने और उनका काफी मनोरंजन हुआ.

उस मैच में मैंने हाफ बैक बनकर काफी अच्छा प्रदर्शन भी किया. विपक्षी टीम के खिलाड़ी आयु में कुछ हमसे बड़े थे, इस कारण वे हमारी टीम को परेशान करते रहे.

किन्तु हाफ बैक की जगह में मैंने फुर्ती दिखाकर स्टिक का कलापूर्ण उपयोग किया, जिसके चलते विपक्षी टीम हम पर कोई गोल नही कर सकी. खेल के अंतिम क्षणों में मैंने फॉरवर्ड खिलाड़ी को एक ऐसा पास दिया कि जिससे वह विपक्षी टीम के पेनल्टी में पहुचकर एक गोल करने में सफल रहा.

इस प्रकार गोल होते ही हमारे सभी खिलाड़ी ख़ुशी से उछल पड़े. मैदान के चारों और दर्शको ने तालियाँ बजाई और हमारा उत्साह बढ़ाया. खेल का समय शीघ्र ही समाप्त हो गया तथा हम एक गोल से विजयी रहे. खेल समाप्ति के बाद गुरुजनों ने हमे बधाई दी और हम हर्षोल्लास के साथ अपने विद्यालय में लौट आए.

उपसंहार

इस तरह हॉकी का खेल टीम भावना का परिचायक है. इसमे प्रत्येक खिलाड़ी का पूरा सहयोग रहता है. तभी टीम को विजय मिलती है.

स्वास्थ्य लाभ की द्रष्टि से इस खेल का विशेष महत्व है. इससे शरीर के स्नायु तन्त्र में स्वच्छ रक्त का संचार होता है और विशेष स्फूर्ति आती है. इससे अच्छा मनोरंजन भी हो सकता है.

Essay On Hockey In Hindi Language For Students

भारत के नेशनल गेम हॉकी की गणना दुनियां के लोकप्रिय खेलों में की जाती हैं. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह तो नहीं कहा जा सकता कि हॉकी खेल की शुरुआत कब और कहाँ से हुई. मगर आधुनिक हॉकी के प्रारूप का जन्मदाता ब्रिटेन को ही माना जाता हैं. तथा इन्हें ही भारत में इस खेल को लाने तथा लोकप्रिय बनाने का श्रेय जाता हैं.

पहली बार हॉकी एक अंतर्राष्ट्रीय खेल के रूप में 19 वीं शताब्दी में सामने आया. वर्ष 1924 में अंतर्राष्ट्रीय हॉकी संघ की स्थापना हुई तथा इसका आयोजन विश्व भर में किया जाने लगा. आने वाले कुछ सालों में इस खेल को ओलपिंक से लेकर राष्ट्र्मंडल, एशियाई खेलों में तथा सभी बड़े टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हो गया.

वर्ष 1974 को हॉकी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया, क्योंकि इसी वर्ष पुरुष और महिला दोनों वर्ग के लिए विश्वकप की शुरुआत की गई थी. एक सीमित समय में अच्छा मनोरंजक द्रश्य उपस्थित कर पाने में सफल रहे इस खेल ने दुनिया भर में अपनी छाप छोड़ी.

Essay On Hockey In Hindi in 400 words

एक विशिष्ट माप के मैदान में हॉकी का खेल खेला जाता हैं. भारत में इस खेल का यही स्वरूप सर्वाधिक लोकप्रिय रहा है. कुछ बर्फीले देशों में आइस हॉकी अधिक चलन में हैं. इस खेल में दो दल होते है तथा प्रत्येक दल में 11-11 सदस्य होते हैं. घास से भरे मैदान में इस खेल को खेला जाता हैं. विज्ञान की प्रगति ने हॉकी के खेल मैदान में कृत्रिम घास की तकनीक भी दे दी है जिसके चलते इसकों मनचाहे स्थान पर खेलना भी संभव हो पाया हैं.

यह खेल फुटबाल से कुछ मिलता जुलता ही है जिसमें एक रबड़ अथवा कठोर प्लास्टिक की बॉल को स्टिक की मदद से विपक्षी खेमे के गोल में दागने का प्रयत्न रहता हैं. दूसरी टीम गोल बचाव का प्रयत्न करती हैं. यदि कोई टीम इस बॉल को विपक्षी खेमे के गोल में डाल देने में सफल हो जाता हैं तो उसे एक गोल कहा जाता हैं, खेल की समाप्ति पर जो टीम खेल के समाप्ति समय तक सर्वाधिक गोल करती है उसे विजयी घोषित कर दिया जाता हैं.

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