एकाग्रता पर निबंध | Essay On Concentration In Hindi

Essay On Concentration In Hindi: जीवन में लक्ष्य तक पहुचने तक अपने मन में भटकाव न आने देना ही एकाग्रता कहलाती हैं. जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए Mind Concentration का बड़ा महत्व हैं. जीवन में किसी भी बड़े व्यक्ति के जीवन को उठाकर देख ले उन्होंने जीवन में एकाग्रता को बनाए रखा हैं. ekagrata in hindi निबंध में हम जानेगे कि What is Concentration, Concentration is important in life, How to increase Concentration आदि के बारे में जानकारी दी गई हैं.एकाग्रता पर निबंध | Essay On Concentration In Hindi

एकाग्रता पर निबंध | Essay On Concentration In Hindi

जब हम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, सानिया मिर्जा, साइना नेहवाल, आईएएस टोपर नंदिता के आर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखते है तो स्वयं को ऊर्जावान और आत्मविश्वास से भरा महसूस करते हो न और मन करता है कि तुम भी उनके जैसे कामयाब बन जाओ.

कोई भी कार्य या लक्ष्य मुश्किल नहीं होता हैं. हर कार्य चाहे कितना भी कठिन हो, उसे एकाग्रता से सरल बनाया जा सकता हैं. कोलंबस नई दुनिया की खोज इसलिए कर पाया क्योंकि उसने दो दशक से भी अधिक समय तक अपनी एकाग्रता को समुद्री अभियान पर केन्द्रित कर लिया था.

विद्यार्थी जीवन में एकाग्रता के महत्व पर निबंध (Essay on the importance of concentration in student life)

दिव्यांग होते हुए भी एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिंह, प्रशासनिक अधिकारी इरा सिंघल पूरी दुनिया को अपनी कामयाबी से इसलिए च्न्कित कर पाए, क्योकि उन्होंने एकाग्रता से अपने लक्ष्य को जीवन का उदेश्य बना दिया. विद्यार्थी जीवन से ही एकाग्रता की आदत डाल लेनी चाहिए. एकाग्रता भी एक आदत है एयर और यह एक ऐसी आदत है जो पूरी उम्रः आदमी को सुख और कामयाबी देती हैं.

पौराणिक काल से ही एकाग्रता के महत्व पर बल दिया जाता रहा हैं. जब कौरव और पांडव गुरुकुल में पढ़ते थे तो उनके गुरु भी उन्हें एकाग्रता का पाठ प्थाते थे. आपकों वह कहानी तो याद हैं न जब एक दिन गुरु द्रोण ने पेड़ पर लकड़ी की चिड़िया रखकर सभी शिष्यों को उस पर निशाना साधने के लिए कहा था.

निशाना लगाने से पहले उन्होंने सबसे पूछा था कि तुम्हे पेड़ पर क्या दिखाई देता हैं. अनेक शिष्यों ने उत्तर दिया कि उन्हें पेड़, पत्तियां, चिड़ियाँ आदि दिखाई देते हैं. अंत में उन्होंने अर्जुन से पूछा तुम्हे क्या दिखाई देता है, अर्जुन बोले- गुरूजी मुझे तो केवल चिड़ियाँ की आँख दिखाई देती हैं. आँख पर एकाग्रता केन्द्रित करने के कारण अर्जुन ने उस पर सही निशाना लगाया और यही कारण था कि वे महान धनुर्धर बन पाए.

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स्वामी विवेकानंद बेहद एकाग्र थे. उनकी एकाग्रता इतनी चमत्कारित होती कि वे एक बार में पूरी पुस्तक पढ़ लेते थे. जब वे एकाग्रता की राह पर थे तो उन्होंने कहा था कि अगर मेरा दुबारा जन्म हो तो मैं केवल एकग्रता की शक्ति विकसित करुगा.

जब व्यक्ति कार्य के प्रति एकाग्र हो जाता हैं तो वह मनोयोग के साथ उसे करता हैं. एकाग्रता के साथ काम करने से बहुत सारे लाभ होते हैं. यदि आप मन लगाकर पढ़ते है तो परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ पास होते हैं. किसी भी काम को एकाग्रता के साथ किया जाए तो उसमें असाधारण सफलता मिलती हैं.

एकाग्रता के साथ काम करने से तनाव और बिमारी भी दूर रहते हैं, क्योंकि एकाग्र व्यक्ति अपने कार्य को पूरा करने में तन मन से लगा रहता हैं. आप भी आज से ही एकाग्रता को अपनी आदत बना लीजिए और जीवन में सुंदर सुंदर रंग बिखेरिये.

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