पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध | Essay on Environmental Pollution In Hindi

Essay on Environmental Pollution In Hindi, पर्यावरण प्रदूषण आज के समय में एक ज्वलंत वैश्विक मुद्दा बन चूका है. आज के इस लेख में हम पर्यावरण प्रदूषण के कारण प्रभाव तथा समाधान के उपायों के साथ साथ जल प्रदूषण रोकने के उपाय,वायु प्रदूषण रोकने के उपाय, प्रदूषण के प्रकार व कारणों के सार रूप में विद्यार्थियों के लिए हिंदी में निबंध उपलब्ध करवा रहे है. सरल भाषा में लिखा गया यह लेख आप पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध तथा अन्य एनवायरमेंट प्रोग्राम में प्रस्तुत कर सकते है.

पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध | Essay on Environmental Pollution In Hindi

environmental pollution essay in hindi, essay on pollution hindi प्रस्तावना-पर्यावरण उन सभी दशाओं, प्रणालियों तथा प्रभावों का योग है जो कि जीवो व उनकी प्रजातियों के विकास, जीवन, मृत्यु को प्रभावित करता है. आज पूरा विश्व पर्यावरण सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है. आज संसार की हर एक वस्तु प्रदूषण से ग्रसित है. यहाँ तक पानी, हवा, मिटटी आदि सभी प्रदूषित हो गये है. जिसके कारण धरती का पर्यावरण प्रदूषित हो गया है और प्राणियों का जीवन अनेक बीमारियों से ग्रसित हो रहा है. इस तरह आज पर्यावरण प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चूका है.

पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार (Types of Environmental pollution in hindi)

मुख्य रूप से पर्यावरण प्रदूषण तीन प्रकार का ही होता है जिसकी तह तक जाने पर इन्हे छ: भागों में विभाजित किया गया है जो इस प्रकार है.

  • जल प्रदूषण (water pollution in hindi)– जल में किसी तरह के जैविक या रासायनिक पदार्थ के मिलने से यदि इसके रंग और गुण में परिवर्तन आ जाए तो उन्हें जल प्रदूषण कहा जाता है. जिससे जल की गुणवता में कमी आ जाती है. जल प्रदूषण के कारणों में मानव मल या गंदगी का जल स्त्रोतों में मिलाना, जलाशयों के पास स्वच्छता का ध्यान न रखा जाना, औद्योगिक इकाइयों से निष्काषित जल को नदी या नहरों में मिला देना जैसे मुख्य कारण है. जल प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार व् गैर सरकारी संगठनो द्वारा लोगों में जलाशयों को स्वच्छ रखने, इसमें प्रदूषण फैलाने वाले लोगों/ संस्थानों को चिन्हित कर दंडित किया जाए तो जल प्रदूषण को रोका जा सकता है.
  • वायु प्रदूषण (air pollution in hindi)-हमारे वायुमंडल में प्रकृति का बनाया एक नैसर्गिक संतुलन है. इस वायुमंडलीय गैसों में 78 फीसदी नाईट्रोजन 21 फीसदी ऑक्सीजन तथा शेष एक प्रतिशत में सभी गैसे विद्यमान है. तेजी से बढ़ती जनसंख्या तथा तीव्र औद्योगिक विकास जैसे कारणों की वजह से हमारा वायुमंडल दूषित हो रहा है. वाहनों तथा कल कारखानों से निकलने वाली खतरनाक गैसे वायु में सभी गैसों में असंतुलन की स्थति पैदा कर रही है. प्राणवायु ऑक्सीजन में कमी तथा कार्बन डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन जैसी गैसों की बढ़ती मात्रा वायु प्रदूषण कहलाती है. वायु प्रदूषण का प्रभाव को कम करने के लिए वनों की कटाई को रोककर, वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर, अधिक धुआ छोड़ने वाले वाहनों व् फैक्ट्रियो को निलंबित कर इसकी रोकथाम की जा सकती है.
  • ध्वनि प्रदूषण (Noise pollution)-कानों को सुनने की एक सिमित मात्रा होती है. कानों को अप्रिय लगने वाली तेज ध्वनियाँ जो शोर और अशांति के माहौल को बनाती है. इस प्रकार की स्थति ध्वनि प्रदूषण कहलाती है. ध्वनि प्रदूषण का सबसे विपरीत प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है. कानों की सुनने की क्षमता में कमी, चिडचिडापन तथा सिर दर्द की समस्याओ का मूल कारण अत्यधिक मात्रा में ध्वनि प्रदूषण है. इसे रोकने (नियंत्रित) करने के लिए ऐसें सयंत्रो को आबादी से दूर स्थापित करने, सरकार द्वारा निश्चित समय के बाद लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक जैसे प्रभावी कदम उठाए जा सकते है.
  • भूमि प्रदूषण (Ground pollution)-रसायनिक खादों और उर्वरको के अधिक मात्रा में खेतों में उपयोग से कृषि भूमि के मूल तत्वों में कमी होना ही भूमि प्रदूषण है.
  • प्रकाश प्रदूषण
  • रेडियोधर्मी प्रदूषण

पर्यावरण प्रदूषण के कारण (Causes Of Environmental Pollution)

वैज्ञानिकों ने अनुसन्धान करके पर्यावरण प्रदूषण के जो कारण गिनाए है, उनमे ये प्रमुख है- निरंतर बढती हुई जनसंख्या, तीव्र गति से होता शहरीकरण, बड़े उद्योगों की स्थापना, परमाणु सयंत्र, जमीन से अत्यधिक मात्रा में खनिज पदार्थो का अत्यधिक दोहन, सड़को एवं बड़े बांधो का निर्माण, पेट्रोल व डीजल से चलने वाले वाहनों की अधिकता आदि.

कारखानों से गन्दा पानी नदियों और जलाशयों में गिरकर उन्हें गन्दा कर रहा है. अधिक वाहनों की संख्या के कारण ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है. वन निरंतर काटे जा रहे है इस कारण हवा, पानी आदि में प्रदूषण बढ़ रहा है. गंगा जैसी नदियाँ इन कारणों से गन्दी हो गई है. तथा उनका पानी आज न तो पीने लायक न नहाने लायक रह गया है.

पर्यावरण प्रदूषण की समस्या और समाधान (Environmental pollution problems and solutions)

पर्यावरण प्रदूषण का प्रभाव बहुत हानिकारक है. इस कारण अब मानव पर अनुवांशिक प्रभाव पड़ने लगा है. आज कई असाध्य रोग ऐसे है जो दूषित जल, हवा व दूषित गैसों के कुप्रभाव से जानलेवा बन गये है. जल प्रदूषण के प्रभाव से उपजाऊ खेती नष्ट हो रही है. बड़ी बड़ी खानों से निकाले गये खनिज पदार्थो के साथ जो गंदा पदार्थ बाहर निकल रहा है, इससे बड़ी मात्रा में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है.

वाहनों की अधिकता से ध्वनि प्रदूषण बड़े पैमाने पर हो रहा है. इससे आदमी के सुनने और समझने की क्षमता निरंतर कम हो रही है. अब तो दिल्ली जैसे नगरों की हवा में श्वास लेना भी कठिन हो रहा है.

पर्यावरण प्रदूषण रोकने के उपाय (How To Control Pollution In Hindi)

प्रदूषण की समस्या का समाधान करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अनेक प्रयास कर रहा है. हमारे देश में भी इस दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रयास किये जा रहे है. जैसे- अधिक से अधिक पौधों को रोपना, गंदे नालों तथा जल मल की सफाई के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना, नदियों-जलाशयों को स्वच्छ रखना, हरित क्षेत्र में विकास करना, दूषित गैसों व रेडियोधर्मिता पर नियन्त्रण, वनों की कटाई को रोकना, खनिज पदार्थो के अत्यधिक दोहन पर रोक लगाना आदि कार्य किये जा रहे है.

इसके अतिरिक्त पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम और जन-जन तक इस संदेश को प्रचारित करने के लिए पर्यावरण दिवस, जनसंख्या दिवस, पृथ्वी दिवस जैसो दिनों का मनाया जाना इस दिशा में अहम कदम है. इनके अतिरिक्त सरकारों और विभिन्न गैर सरकारी संगठनो द्वारा जनजागरण का कार्य किया जा रहा है.

उपसंहार-

पर्यावरण प्रदूषण की इस समस्या का समाधान सरकार के कह देने भर या इस हेतु दिवसों को मना लेने भर से नही होगा. इसके लिए आम जनता में इसके प्रति जागरूकता लाना जरुरी है. प्रदूषण फैलाने वाले साधनों या कार्यो पर रोक लगाने से पर्यावरण संतुलन स्थापित किया जा सकता है.

Essay On Pollution In Hindi Language | पर्यावरण प्रदूषण की समस्या और समाधान

पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध इन हिंदी pollution in hindi.

introduction of pollution in hindi (प्रस्तावना)-पर्यावरण उन सभी दशाओं, प्रणालियों तथा प्रभावों का योग है जो की जीवों व उनकी प्रजातियों के विकास, जीवन व् मृत्यु को प्रभावित करता हैं. आज सारा संसार पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं. आज संसार की प्रत्येक वस्तु प्रदूषण से ग्रस्त हैं. यहाँ तक पानी हवा, मिटटी आदि सभी प्रदूषित हो गये हैं. इसके कारण धरती का पर्यावरण दूषित हो गया हैं और प्राणियों का जीवन अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो रहा हैं. इस कारण पर्यावरण प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन गया हैं.

पर्यावरण प्रदूषण के कारण (paragraph on pollution in hindi)– वैज्ञानिकों ने अनुसंधान करके पर्यावरण प्रदूषण जो कारण गिनाये है उनमे से प्रमुख है, निरंतर बढ़ती हुई जनसंख्या, तीव्र गति से शहरीकरण, बड़े उद्योगों की स्थापना, परमाणु संयंत्र जमीन से खनिज पदार्थों का अधिक मात्रा में दोहन, सडकों एवं बड़े बांधों का निर्माण, पेंट्रोल व डीजल से चलने वाले वाहनों की अधिकता आदि. कारखानों से गन्दा पानी नदियों और जलाशयों में गिरकर उन्हें प्रदूषित कर रहा हैं. वन काटे जा रहे हैं. इन सभी कारणों से हवा, पानी आदि में प्रदूषण बढ़ रहा हैं.

पर्यावरण प्रदूषण का प्रभाव (pollution information in hindi)– पर्यावरण प्रदूषण का प्रभाव अत्यधिक हानिकारक हैं. आज कई असाध्य रोग ऐसे है जो दूषित पानी हवा या दूषित गैसों के कुप्रभाव से जानलेवा बन गये हैं. जल प्रदूषण के प्रभाव से उपजाऊ खेती नष्ट हो रही हैं. बड़ी बड़ी खानों से निकाले गये खनिज के साथ गंदा पदार्थ बाहर आ जाता है और कारखानों से बड़ी मात्रा में अपशिष्ट निकलता है उससे जल एवं वायु में प्रदूषण बढ़ रहा हैं. वाहनों की अधिकता से ध्वनि प्रदूषण भी हो रहा हैं. इनसे आदमी की सुनने समझने की शक्ति कम हो रही हैं.

पर्यावरण सुधार के उपाय (pradushan essay in hindi)– प्रदूषण की समस्या का समाधान करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन अनेक उपाय कर रहा हैं. हमारे देश में भी अनेक उपाय किये जा रहे हैं. जैसे अधिक से अधिक पेड़ पौधों को रोपना, जल मल की सफाई के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना, नदियों जलाशयों को स्वच्छ रखना, हरित क्षेत्र का विकास करना, दूषित गैसों एवं रेडियोंधर्मीता पर नियंत्रण रखना, वनों की कटाई रोकना, खनिज दोहन पर रोक लगाना आदि. इसके लिए सरकार और कुछ समाज सेवी लोगों के द्वारा जन जागरण किया जा रहा हैं.

उपसंहार– पर्यावरण प्रदूषण का समाधान केवल सरकार के कहने से नही हो सकता, इसके लिए जनता में जागरूकता जरुरी हैं. प्रदूषण फैलाने वाले साधनों या कार्यों पर रोक लगाने से पर्यावरण में संतुलन स्थापित हो सकता हैं.

आशा करता हूँ दोस्तों पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध आपको अच्छा लगा होगा, यदि आपकों Essay on Environmental Pollution In Hindi का यह निबंध भाषण   पसंद आया हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर

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