मेंढक पर निबंध Short Essay on Frog in Hindi

मेंढक पर निबंध Short Essay on Frog in Hindi आज के इस  मेंढक निबंध Frog Essay Speech Paragraph Few Lines Information About Frog Nibandh In Hindi में  आपका स्वागत हैं.  बरसात के  दिनों में  टर्र टर्र  की आवाज करता हूँ एक छोटा सा जीव कई बार हमारे घरों तक आ जाता हैं. आकार में बेहद छोटा एवं बच्चों के लिए  यह विशिष्ट  आकर्षण का केंद्र भी होता हैं. चलिए फ्रॉग एस्से में मेंढक के विषय में इस निबंध में विस्तार से जानते हैं.

मेंढक पर निबंध Short Essay on Frog in Hindi

मेंढक पर निबंध Short Essay on Frog in Hindi

अमूमन मेंढक ठंडे स्थान वाली जलवायु में पाया जाता हैं. हमारें देश में बारिश के समय इनकी टोलियों को देखा जा सकता हैं. ये शीतोष्ण जलवायु में रहने वाला जीव जमीन और जल दोनों में रहता हैं. मेंढक की शीतनिद्रा बेहद अनूठी व हैरान कर देने वाली होती हैं. सर्दियों में यह तालाब आदि में ठंड से बचाव के लिए तल में चला जाता हैं तथा कुछ फुट जमीन खोदकर वहां पड़ा रहता हैं इस अवस्था में मेंढक को लम्बे समय तक भूख भी नहीं लगती हैं.

इसके चार पैर होते हैं जिसमें पिछली जोड़ी आगे वाले तुलना में बड़ी होती हैं इसी अनुकूलता के चलते वह आसानी से उछल कूद कर पाता हैं. मेंढक के अग्रपाद में चार एवं पश्चपाद में पांच पांच अंगुलियाँ नुमा अंग होते हैं जो इन्हें जल में तैरने में मदद करते हैं. मेंढक का शारीरिक आकार 5 से 12 इंच तक का होता हैं. आकार में मादा मेंढक नर की अपेक्षा बड़ी होती हैं. इनकी त्वचा में कई विष ग्रंथियां होती हैं मगर ये बड़ी जीवों द्वारा शिकार से इनका बचाव कर पाने में समर्थ नहीं होती हैं.

इसका सिर तिकोना आकार का होता है लगभग सभी महाद्वीपों में मेंढक पाए जाते है अब तक इसकी पांच हजार से अधिक प्रजातियों की खोज की जा चुकी हैं. जंगलों तथा जल स्थलों के निकट मेंढक बहुतायत पाए जाते हैं. विगत कुछ दशकों से कई प्रजातियाँ लुप्त हो चुकी है तथा लुप्त होने की कगार पर हैं.

मेंढक स्थल की बजाय जल में रहना अधिक पसंद करता है छोटे कीट पतंग व कीड़े मकोड़े मेंढक का मुख्य आहार होते हैं. नाक के उपर दो छोटी छोटी आँखे होती है ये अपनी त्वचा की मदद से जलपान करते है जबकि अपने मुख से छोटे कीटो को निगलकर भूख शांत करता हैं.

शायद आप नहीं जानते होंगे मेंढक केवल मीठे पानी में ही रहते हैं. ये खारे जल के जलाशयों में बिलकुल नहीं देखे जाते हैं. संसार का सबसे जहरीला गोल्डन डार्क फ्रॉग माना जाता हैं. कई जंगली मेंढक बेहद जहरीले होते है शिकारी लोग अपने बाणों में इसे लगाकर अन्य जीवों का शिकार करते हैं. इस कारण इस प्रजाति के मेंढकों को एरो फ्रॉग भी कहा जाता हैं.

साधारणतया मेढक की आयु कम से कम १० वर्ष से १२ वर्ष तक होती हैं. अफ्रीका महाद्वीप में सबसे बड़ा मेंढक पाया जाता है जिसका आकार बिल्ली के बराबर होता हैं. मादा मेंढक का द्वारा अन्डो से प्रजनन होता हैं. आमतौर पर भारतीय समाज में मेंढक को लेकर यह धारणा है कि बरसात के समय ये गिरते हैं जबकि असल में ऐसा नहीं हैं. बारिश के दिनों में मेंढक जमीन से बाहर निकल आते हैं.

मेंढक के अंडे Frog eggs

मेंढक के अंडे

वैज्ञानिकों का यह मानना था कि मेंढक बच्चों को जन्म देने की बजाय अंडे द्वारा प्रजनन करता हैं. जबकि कुछ समय पूर्व ही एक इण्डोनेशियाई शोधकर्ता द्वारा लिम्नोनेक्टेस लार्वीपार्टस प्रजाति के मेंढक की पहचान की गई. इस मेंढक को पहले नर समझा गया था मगर बाद में यह मादा मेंढक निकली तथा इसनें अंडे की बजाय टेडपोल को जन्म दिया. जो पूर्ण मेंढक बनने से पूर्व अवस्था में था.

मेंढक की आवाज Sound of frog

हिन्दू धर्म के वेद ऋग्वेद में मेंढक (मंडूक)  को बेहद मांगलिक माना गया हैं. रिमझिम बारिश के बाद टर्रटर्राते मेंढक की आवाज मन को खुश करने वाली होती हैं. सोम यज्ञ में भी मेंढक की शुभ ध्वनि को पवित्र माना जाता है तथा इसे सुख समृद्धि का प्रतीक माना जाता हैं.

मेंढक का वैज्ञानिक नाम क्या है What Is The Scientific Name Of Frog

मेंढक का वैज्ञानिक नाम Rana Trgrina कहते हैं. ये जमीन तथा जलीय दोनों स्थलों पर रहने वाला जीव हैं. यह शीत रक्ति जीव है वातावरण के अनुसार इसका तापमान बढ़ता एवं घटता रहता हैं. सर्दियों के मौसम में अत्यधिक ठंड से बचने के लिए तालाब आदि की निचली सतह को खोदकर जमीन के अंदर बैठ जाता हैं. शीत ऋतू में इस तरह की निद्रा अवस्था को शीतनिद्रा तथा गर्मियों में निष्क्रिय अवस्था को ग्रीष्मसुषुप्तावस्था के नाम से जानते हैं.

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उम्मीद करता हु दोस्तों मेंढक पर निबंध Short Essay on Frog in Hindi का यह लेख आपकों पसंद आया होगा, यदि आपकों मेंढक निबंध में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें.

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