भारतीय लोकतंत्र पर निबंध | Essay on Indian Democracy In Hindi

Essay on Indian Democracy In Hindi य विद्यार्थियों आज हम भारतीय लोकतंत्र पर निबंध आपके साथ साझा कर रहे हैं. लोकतंत्र क्या है, भारतीय लोकतंत्र का भविष्य सम्भावनाएं व चुनौतियों पर आज का यह निबंध कक्षा 1,2,3,4,5,6, 7,8,9, 10 के बच्चों के लिए 100, 200, 250, 300,400, 500 शब्दों में यहाँ इंडियन डेमोक्रेसी इन हिंदी का छोटा बड़ा निबंध दिया गया हैं.

भारतीय लोकतंत्र पर निबंध | Essay on Indian Democracy In Hindiभारतीय लोकतंत्र पर निबंध | Essay on Indian Democracy In Hindi

Essay on Indian Democracy In Hindi paragraph on democracy में आज हम जानेगे कि आखिर हमारे देश में लोकतंत्र की क्या स्थति हैं, इसके सामने क्या चैलेंजेज हैं.

भारतीय लोकतंत्र पर निबंध | Essay on Indian Democracy In Hindi

लोकतंत्र जिन्हें जनता का शासन भी कहा जाता हैं, विश्व के अधिकातर देशो ने इसी शासन व्यवस्था को अपनाया हैं. कई पश्चिमी देश कई सैकड़ो साल से इसी पद्दति को अपनाए हुए हैं. जिन्हें लोकतंत्र का जनक भी कहा जाता हैं. मगर भारतीय लोकतंत्र को विश्व का सबसे बड़ा डेमोक्रेसी कहा जाता हैं. इसकी वजह निरंतर समय के साथ अपनी शासन व्यवस्था को सुद्रढ़ किया जाना भी हैं.

वर्तमान समय में भारत एक बड़ा लोकतान्त्रिक देश हैं. यह 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ. उस समय भारतीय राष्ट्रिय आन्दोलन के नेता व प्रबुद्दजन भारत की नई शासन व्यवस्था को लेकर चिंतित थे. उन्होंने कई वर्षो के अथक प्रयासों से पुरे विश्व से शासन व सुशासन प्रक्रिया के विचार को लेकर उन्हें एक जगह संग्रहित किया. इस विचारों व शासन की कार्यविधि को बताने वाले दस्तावेज को ही सविधान कहा गया.

लोकतंत्र क्या हैं-लगभग सभी लोकतान्त्रिक व्यवस्था रखने वाले देशो का अपना सविधान होता हैं. भारतीय सविधान में लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता भारतीय जनता के राष्ट्रिय लक्ष्य माने गये. हमारे देश के सविधान ने यहाँ लोकतान्त्रिक पद्दति की स्थापना की. लोकतान्त्रिक शासन प्रणाली के अंतर्गत मनमानी ढंग से निर्णय लिए जाने की सम्भावना नही होती हैं. यह लोकतान्त्रिक शासन जनता के प्रति उत्तरदायी होता हैं. भारत में प्रत्येक नागरिक को 6 मौलिक अधिकार दिए गये हैं. हर व्यस्क नागरिक को मतदान करने व चुनाव लड़ने का अधिकार हैं.

लोकतंत्र की विशेषताएँ

लोकतान्त्रिक व्यवस्था में शक्ति एक अंग तक सिमित नही होती हैं. यहाँ शक्ति विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में विकेन्द्रित कर दी जाती हैं. भारत में कार्यपालिका एवं विधायिका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय व्यस्क जनता द्वारा चुनी जाती हैं. लोकतंत्र में राष्ट्रिय स्तर पर कुछ राजनितिक पार्टिया होती हैं. जो अपने उम्मीदवारों को चुनाव में उतरती हैं. इन पार्टियों में से जिस पार्टी को बहुमत मिलता हैं, वह अपनी सरकार बनाती हैं.

अगर किसी को भी बहुमत ना मिले तो तो 2 या इससे अधिक पार्टिया मिलकर सरकार बनाती हैं. जिसे गठबंधन सरकार कहते हैं. इस प्रकार लोकतंत्र शासन का ऐसा रूप हैं, जिनमे शासकों का चुनाव जनता द्वारा किया जाता हैं. एक लोकतान्त्रिक देश में इतने अधिक लोग रहते हैं. कि हर बात पर सबको एक साथ बैठकर सामूहिक निर्णय या फैसला नही लिया जा सकता. इसलिए एक निश्चित क्षेत्र से जनता अपना एक प्रतिनिधि चुनती हैं. भारत में लोकतंत्र सभी नागरिको की समानता की वकालत करता हैं यह व्यक्ति की गरिमा को बढ़ता हैं.

लोकतंत्र और अधिकार

लोकतंत्र में नागरिको को सरकार के क्रिया कलापों पर विचार-विमर्श करने और उसकी त्रुटियों की आलोचना करने का अधिकार हैं. भारत में जनता को सूचना का अधिकार (RTI) दिया गया हैं. सूचना का अधिनियम, 2005 हमारी संसद द्वारा पारित एक ऐतिहासिक कानून हैं. इसके द्वारा सामान्य नागरिक सरकारी कार्यालयों से उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता हैं. इस तरह भारत में लोकतान्त्रिक व्यवस्था में उतरोतर सुधार किया जा रहा हैं.

यह भी पढ़े-

मैं उम्मीद करता हूँ दोस्तों यहाँ दिए गये Essay on Indian Democracy In Hindi आपकों पसंद आए होंगे यदि आपकों यहाँ दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे. Essay on Indian Democracy In Hindi का लेख आपकों कैसा लगा यदि आपके पास भी इस तरह के स्लोगन हो तो कमेंट कर हमें अवश्य बताए.

इस लेख से सम्बन्धित अन्य पोस्ट
प्लीज अच्छा लगे तो शेयर करे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *