मनोरंजन के आधुनिक साधन पर निबंध (manoranjan ke adhunik sadhan) | Essay on Modern Means of Entertainment in Hindi

Essay on Modern Means of Entertainment in Hindi/ (manoranjan ke adhunik sadhan) मनोरंजन का अर्थ है मन को प्रसन्न रखना, अर्थात उसका काम में मन नही लगता है. तब उसे मनोरंजन की जरुरत पडती है. मनोरंजन के बाद थका हारा व्यक्ति भी नवीं उत्साह को महसूस करता है और फिर से अपने काम में दुगुने जोश से जुट जाता है.

मनोरंजन के आधुनिक साधन | Modern Means of Entertainment

  • मनोरंजन का जीवन में महत्व (Importance of Life in Entertainment)

    आज वैज्ञानिक युग में यांत्रिकता बढ़ गई है. और मानवजीवन अधिकाधिक जटिल, नीरस एवं संघर्षमय बनता जा रहा है. आज हम एक क्षण के लिए भी संतोष और विश्राम का अनुभव नही कर पाते है. इस कारण अब मानव स्वयं को भी एक यंत्र और हर समय स्वय को अत्यंत व्यस्त मानने लगा है.

    इसलिए आज मानव जीवन के लिए मनोरंजन का विशेष महत्व है. जिस प्रकार शरीर को पुष्ट बनाने के लिए उतम भोजन एवं स्वच्छ जल की आवश्यकता होती है. उसी प्रकार मन के लिए मनोरंजन को परम विश्रांतिदायक माना जाता है.

  • मनोरंजन के साधनों का विकास (Evolution of means of entertainment)

    प्राचीनकाल में मानव का जीवन बहुत सहज और सरल था. तब भी मनोरंजन की आवश्यकता अनुभव की जाती थी, उस समय लोगों के पास समय की कमी नही थी. इस कारण उनके मनोरंजन के साधन ऐसें थे, जिससे अधिक से अधिक समय कट सके.

    इसलिए उस समय नाटक, मेले तमाशे, एवं महोत्सव ऐसें होते थे, जिनसे कई दिनों और रातों का जनता का मनोरंजन हो जाता था. परन्तु वर्तमान में सभ्यता के विकास और मानव रूचि के परिवर्तन के साथ मनोरंजन के साधन भी बदल गये है.

  • मनोरंजन के आधुनिक साधन (modern means of entertainment)

    वर्तमान समय में मनोरंजन के साधनों के रूप में रेडियों, टेलीविजन, फोटोग्राफी, वीडियो गेम्स, टेपरिकार्डर एवं खेलों का अत्यधिक महत्व है. ग्रामीण क्षेत्रों में सिनेमा घर न होने से टेलीविजन का महत्व और बढ़ गया है. अब टेलीविजन पर विविध धारावाहिक, प्रश्नोतरी प्रतियोगिता, विज्ञान अभिरुचि के कार्यक्रम, क्रिकेट और हॉकी आदि खेलों के मैच विशिष्ट समारोहों का आखों देखा प्रसारण और समाचार दर्शन आदि कार्यक्रम आने लगे है, जिनसे घर बैठे ही मनोरंजन हो जाता है.

    ललित कला से संबधित साधनों जैसे मुशायरा, कवि सम्मेलन, संगीत नृत्य के कार्यक्रम, हास्य सम्मेलन आदि से भी आधुनिक समय में अच्छा मनोरंजन हो जाता है. इससे व्यावहारिक ज्ञान भी बढ़ता है. आधुनिक मनोरंजन के साधनों में वैज्ञानिक उपकरणों के अधिक प्रयोग होने से इसमे गतिशीलता एवं चमत्कार आ गया है. इससे अच्छे कौतुहल का आनंद मिल जाता है.

    जीवन में अन्य कार्यो की भांति मनोरंजन का उपयोग भी उचित मात्रा में होना चाहिए. मनोरंजन सदैव स्वस्थ प्रकृति का होना चाहिए. आधुनिक समय में मनोरंजन के साधन उतरोतर बढ़ते जा रहे है. इससे आज के व्यस्तम मानव को भी आनन्द मिल सकेगा और उनके जीवन की नीरसता और यांत्रिकता समाप्त हो जाएगी.

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