Essay on My School In Hindi – मेरा विद्यालय पर निबंध

Essay on My School In Hindi मेरा विद्यालय पर निबंध: स्कूल के विषय में हम सभी जानते हैं जिन्हें पाठशाला भी कहा जाता हैं. सरकारी या निजी संस्थानों द्वारा भारत में विद्यालय चलाए जाते हैं. जहाँ बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं. कई बार बच्चों में मेरे विद्यालय निबंध छोटा बड़ा भाषण आदि लिखने को कहा जाता हैं. यहाँ हम my school essay प्रस्तुत कर रहे हैं इन्हें आप 100, 200, 250, 300, 400 और 500 शब्दों के निबंध कक्षा [Class] 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 व 12 वीं के स्टूडेंट्स या किड्स के लिए उपयोग कर सकते हैं.

Essay on My School In Hindi - मेरा विद्यालय पर निबंध

Essay on My School In Hindi – मेरा विद्यालय पर निबंध

परीक्षा में कई बार बच्चों को मेरे विद्यालय पर निबंध लिखने के लिए कहा जाता हैं. आप यहाँ पर शब्द सीमा 100 से लेकर 500 तक का छोटा व विस्तृत निबंध पढ़ पाएगे, तो चलिए सरल भाषा में लिखे इस निबंध को पढ़ना आरम्भ करते हैं.

मेरा विद्यालय पर निबंध, my school essay in hindi (100 शब्द)

मैं एक सरकारी विद्यालय में अध्ययन करता हूँ, चार मंजिल से बना मेरा स्कूल हुबहू मन्दिर की तरह नजर आता हैं, जहाँ हम नित्य पढ़ने के लिए जाते हैं. विद्यालय में जाते ही हमारा पहला कार्यक्रम सर्वधर्म प्रार्थना का होता हैं. ईश् वन्दना के बाद बच्चे क्लाशों को प्रस्थान करते हैं. तथा अपने कक्षा अध्यापक को सुप्रभात कहने के साथ ही हमारे दिन की नियत पढाई शुरू हो जाती हैं.

मुझे नित्य स्कूल जाना बहुत अच्छा लगता हैं. मेरे विद्यालय में शिक्षा व अनुशासन की अच्छी व्यवस्था हैं. प्रत्येक विद्यार्थी स्कूल के कानून कायदों का कड़ाई से पालन करते हैं. मैं सवेरे नित्यादी कर्मों से निवृत्त होने के बाद विद्यालय की गणवेश में स्कूल जाता हूँ, यह मेरे घर से डेढ़ किमी की दूरी पर स्थित हैं. इस कारण मैं अपने घर के आगे की सड़क पर स्कूल बस का इन्तजार करता हूँ, तथा मेरी बस की मदद से शहर से दूर एक शांत चित वातावरण के स्कूल में अध्ययन के लिए लग जाता हूँ.

मेरा विद्यालय पर निबंध, Essay on My School In Hindi (150 शब्द)

मेरा विद्यालय दो मंजिले भवन के रूप में हैं मैं नित्य विद्यालय की गणवेश में पढ़ने के लिए जाता हूँ. मेरे विद्यालय के सभी शिक्षक मुझे बहुत प्रिय थे. जो नित्य हमें अनुशासन के साथ शिक्षा देते हैं. मेरा विद्यालय शहर की भीडभाड़ तथा कोलाहल से दूर एक शांत वातावरण में बना हुआ हैं.

स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों ओर लहलहाते बाग़ बने हुए हैं जहाँ भिन्न भिन्न तरह के फूल तथा लताएं पर्यावरण को सुरम्य बनाती हैं. मेरे स्कूल में आधुनिक शिक्षा की लगभग समस्त सुविधाएं उपलब्ध हैं. यहाँ एक एक कंप्यूटर तथा विज्ञान की प्रयोगशाला के कक्ष बने हुए हैं. एक वाचनालय, पुस्तकालय तथा एक खेल का मैदान हमारे विद्यालय में हैं.

मेरा विद्यालय एक आदर्श विद्यालय हैं जहाँ नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक की नियमित कक्षाए चलती हैं. स्कूल में पढाने वाले सभी शिक्षक तथा शिक्षिकाएं बेहद अनुभवी तथा मददगार हैं. मेरे स्कूल में 15 अध्यापक 2 हेल्पर, 1 गेट मैंन एक माली हैं. सभी अध्यापक हमें बड़े अच्छे तरीके से पढाते हैं अपने ज्ञान को आकर्षक एव रचनात्मक तरीके से विद्यार्थियों के समक्ष रखते हैं.

मेरा स्कूल पर निबंध, essay on my school in hindi (250 शब्द)

हमारी संस्कृति में विद्यालय को ज्ञान के मन्दिर की संज्ञा दी जाती है. यहाँ पेशेवर विद्वान शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से बालकों को अध्ययन कराया जाता हैं. गाँव के मध्य बसे मेरे विद्यालय की स्थापना आज से २० वर्ष पूर्व सरकारी भूमि पर की गई थी. स्कूल का माहौल बेहद खुशनुमा तथा मनोहारी हैं.

मेरे स्कूल के भवन दो मंजिले हैं दोनों तरह के भवनों के मध्य एक विशाल खेल मैदान बना हुआ हैं. विद्यालय के मुख्य गेट के पास ही एक सुंदर बगीचा और छोटा सा जल तलैया भी बना हुआ हैं, जिनमें छोटे छोटे जलीय जीव पाले गये हैं. मेरी स्कूल में कक्षा प्रथम से कक्षा 12 वीं तक की कक्षाएं नित्य चलती हैं.

हमारे विद्यालय की गिनती जिले के आदर्श विद्यालय में की जाती हैं. विद्यालय भवन मेंएक बड़ी लाइब्रेरी, प्रिंसिपल ऑफिस, हेड ऑफिस, क्लर्क ऑफिस, एक साइंस लेबोरेटरी, एक कंप्यूटर लैब, एक कॉमन स्टडी रूम, एक बड़ी लॉबी, टीचर कॉमन रूम, एक बड़ा स्पोर्ट्स ग्राउंड तथा एक गर्ल्स व एक बॉयज के लिए आवासीय हॉस्टल भी बने हुए हैं.

मेरे विद्यालय में तकरीबन 12 सौ छात्र छात्राएं अध्ययन करते हैं. २० अनुभवी एवं योग्य शिक्षक हमें रोचक तरीके से शिक्षण कार्य करवाते हैं. स्कूल में समय समय पर भिन्न भिन्न तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाता हैं. जिनमे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ बड़ी संख्या में छात्र भाग लेते हैं. सभी बच्चों को विद्यालय बेहद प्रिय लगता हैं वे नित्य उचित गणवेश में नियत समय पर आते है.

स्कूल साल भर में दो पारियों में चलती हैं. गर्मी तथा वर्षा के मौसम में विद्यालय आरम्भ होने का समय 7 :30 होता हैं तथा दोपहर को 12:30 में छुट्टी कर दी जाती हैं. जबकि सर्दी के मौसम में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 10 बजे से चार बजे तक की शिफ्ट में शिक्षण कार्य करवाया जाता हैं. स्कूल में एक बड़ी लाइब्रेरी भी हैं जहाँ नित्य बच्चें ज्ञानवर्धक पुस्तके तथा पत्र पत्रिकाएँ पढ़ते हैं.

मेरा स्कूल पर निबंध, essay on my school in hindi (300 शब्द)

मेरा विद्यालय मेरे घर से तीन किमी की दूरी पर स्थित हैं, दूर से देखने पर यह भवन बेहद सुंदर आकर्षक व शांत माहौल में बना हैं. हम सभी स्टूडेंट्स के लिए विद्यालय एक शिक्षा का पावन धाम हैं जहाँ हम नित्य गणवेश में जाते हैं. सुबह की शुरुआत ईश्वर की प्रार्थना से की जाती हैं. इसके बाद आगामी साढ़े पांच घंटे तक पढ़ाई करवाई जाती हैं. सभी छात्र छात्राएं संयम तथा धैर्य के साथ गुरुजनों को सुनते हैं.

हमारी स्कूल में शिक्षा, स्वच्छता तथा अनुशासन इन तीनों का विशेष कठोरता से पालन किया जाता हैं. मेरी माताजी मुझे सवेरे जल्दी उठाकर स्कूल के लिए तैयार करती हैं, वह मुझे विद्यालय में सभी के साथ व्यवहार करने तथा सभी कानून कायदों के पालन की सीख भी देती हैं. हमारी स्कूल में शिक्षा का स्तर काफी ऊँचे स्तर का हैं जहाँ सभी शिक्षक शिक्षिकाएं रोचक अंदाज में बच्चों को पाठ्यक्रम के साथ साथ नैतिक व खेल कूद की शिक्षा भी प्रदान करते हैं.

प्राकृतिक रमणीय स्थल के बीच बसा मेरा विद्यालय मुझे बहुत प्रिय लगता हैं. चारों ओर स्कूल के ग्राउंड में हरी भरी घास मन में शांति का एहसास दिलाती हैं. विद्यालय में एक छोटा बगीचा भी हैं जिनमें तरह तरह के सुगन्धित फूलों तथा लताओं की क्यारियाँ बनी हुई हैं, विद्यालय के प्रांगण में हरे भरे पेड़ प्राकृतिक सुन्दरता तथा छाया प्रदान करते हैं.

मेरे स्कूल में क्रिकेट, हॉकी तथा बोस्केट बॉल खेल के कोर्ट व मैदान बने हुए हैं. जहाँ हम मध्यांतर के समय तथा स्कूल की छुट्टी के बाद खेल खेलते हैं. छोटे बच्चों से लेकर उच्च माध्यमिक के सीनियर दोस्तों के साथ घुलमिल सभी एक परिवार की तरह विद्यालय में व्यवहार करते हैं. हमारे प्रिंसिपल बेहद विनम्र एवं विद्वान् पुरुष हैं जो प्रत्येक विद्यार्थी की जरूरतों के हिसाब से विद्यालय का प्रबन्धन करते हैं.

हमारी स्कूल की अपनी एक बस भी हैं जो दूर से आने वाले छात्र छात्राओं को उनके घर तक ले आती जाती हैं. छुट्टी होने के बाद बस द्वारा जाने वाले बच्चे स्कूल के ग्राउंड में एकत्रित हो जाते हैं. पैदल निकलने वाले बच्चों के बाद बस रवाना हो जाती हैं. मेरी शाळा में कक्षा 1 से 12 वीं तक के बच्चों को नियमित रूप से अध्ययन कराया जाता हैं.

मेरे विद्यालय में २० अध्यापक हैं जो 1200 स्टूडेंट्स को शिक्षा प्रदान करते हैं. सभी शिक्षक विद्वान् व अपने अपने विषयों के विद्वान् और विशेषज्ञ हैं. पीटी, मैथ्स, अंग्रेजी, हिंदी, जी.के., संगीत, नृत्य, पेंटिंग और ड्राइंग के लिए भी हमारे विद्यालय में अलग अलग शिक्षकों की उत्तम व्यवस्था हैं. हर साल वर्ष के अंत में हमारे विद्यालय में वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जाता हैं.

मेरी पाठशाला पर निबंध, my school essay in hindi (400 शब्द)

दिव्य ज्योति प्रेरणा पब्लिक स्कूल दिल्ली मेरे विद्यालय का नाम हैं. चार मंजिले भवन में बने मेरे विद्यालय की ख्याति पूरे शहर में हैं हर साल दसवीं और बाहरवीं की बोर्ड परीक्षाओं में मेरा विद्यालय अव्वल रहता हैं. शिक्षा के साथ साथ खेलकूद व अन्य शिक्षा सहगामी क्रियाओं में हमारे साथियों ने स्कूल का नाम रोशन किया हैं.

शिक्षा की गुणवत्ता एवं अनुशासन के कारण मेरा विद्यालय जाना जाता हैं. यहाँ आने वाला प्रत्येक बच्चा अपने उज्ज्वल भविष्य के सपनों को साकार कर पाता हैं. कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा हमारे विद्यालय में दी जाती हैं. स्कूल के प्रवेश द्वार पर शिक्षा की देवी माँ सरस्वती का मन्दिर हैं जिनकों नमन कर हम सुबह की भगवान की प्रार्थना करने के बाद कक्षाओं में जाते हैं.

गर्मी के सीजन में स्कूल का टाइम 7 से 12 तथा ठंड के मौसम में यह समय 10 से चार बजे का रहता हैं. प्रत्येक दिन की शुरुआत इश्वर की प्रार्थना से होती हैं. प्रार्थना स्थल पर प्रिंसिपल महाशय हमें ज्ञान की बाते बताते हैं. तथा विद्यालय के कार्यक्रमों के सम्बन्ध में समय समय पर सूचनाएं प्रदान करते हैं.

कक्षा 6 से उपर की सभी कक्षाओं में छात्र छात्राओं की अधिक संख्या के चलते अलग सेक्शन की व्यवस्था हैं. 12 कक्षाओं के लिए १८ बड़े कमरे बने हुए हैं जिनमें बैठने के लिए आरामदायक फर्नीचर तथा हवादार पंखे लगे हुए हैं. मेरा विद्यालय शिक्षकों के शिक्षण के तौर तरीकों विद्यार्थियों की राय भी लेता हैं.

स्कूल में एक सुंदर उपवन हैं जहाँ हम मध्यांतर के समय बाग़ में बैठकर खाना खाते हैं विद्यालय में केंटिन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, वाचनालय, प्रिंसिपल ऑफिस, स्टाफ कक्ष, अभिभावक कक्ष तथा स्कूल के कार्यकर्मों के आयोजन के लिए एक बड़ा हॉल भी बनाया गया हैं.

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