Essay On Population Growth In Hindi | जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम पर निबंध

Essay On Population Growth In Hindi जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम पर निबंध दुनिया की आधी से अधिक आबादी दक्षिण एशिया में बसती हैं विश्व की कुल जनसंख्या का 1/6 वाँ भाग हम भारतीय हैं. तेजी से हो रहे जनसंख्या के विस्फोट के चलते नित्य नई समस्याएं हमारे सामने आ रही हैं. अधिकतर समस्याओं का मूल कारण तेज जनसंख्या वृद्धि  ही हैं. आज हम भारत की Population Growth पर निबंध (Essay) यहाँ साझा कर रहे हैं.

Essay On Population Growth In Hindi

Essay On Population Growth In Hindi

प्रस्तावना– आज भारत की जनसंख्या एक अरब पच्चीस करोड़ से ऊपर जा पहुची हैं. महान भारत की इस उपलब्धि पर भी इतराने वाले कुछ विचार विमूढ़ हो सकते हैं. हर बुद्धिमान व्यक्ति जानता हैं कि जनसंख्या का यह दैत्याकार रथ विकास के सारे कीर्तिमानों को रौदता हुआ देश के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा रहा हैं.

बढ़ती जनसंख्या की समस्या– भारत की जनसंख्या में अनियंत्रित वृद्धि सारी समस्याओं का मूल कारण बनी हुई हैं. गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, अपराध वृद्धि, तनाव, असुरक्षा सभी जनसंख्या वृद्धि के ही परिणाम हैं. भारत के विश्व की महाशक्ति बनने के सपने जनसंख्या के प्रहार से ध्वस्त होते दिखाई दे रहे हैं. एक अनार सौ बीमार यह कहावत चरितार्थ हो रही हैं. जनसंख्या वृद्धि के महा अश्वमेध का घोडा शेयर बाजार के उफान, मुद्रा कोष की ठसक, विदेशी निवेश की दमक सबको अंगूठा दिखाता आगे आगे दौड़ रहा हैं.

जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम– जनसंख्या और उत्पादन दर में चोर सिपाही का खेल होता रहता हैं. जनसंख्या वृद्धि आगे आगे दौड़ती हैं और पीछे पीछे उत्पादन वृद्धि, वास्तविकता यह हैं कि उत्पादन वृद्धि के सारे लाभ जनसंख्या की वृद्धि व्यर्थ कर देती हैं. आज हमारे देश में यही हो रहा हैं. जनसंख्या वृद्धि सारी समस्याओं की जननी हैं. बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, कृषि भूमि की कमी, उपभोक्ता वस्तुओं का अभाव, यातायात की कठिनाई सबके मूल में यही बढ़ती जनसंख्या हैं.

नियंत्रण के उपाय– आज के विश्व में जनसंख्या पर नियंत्रित रखना प्रगति और समृद्धि के लिए अनिवार्यत आवश्यकत हैं. भारत जैसे विकासशील देश के लिए जनसंख्या नियंत्रण परम आवश्यक हैं. जनसंख्या पर नियंत्रण के अनेक उपाय  हैं.  वैवाहिक आयु में वृद्धि करना एक सहज उपाय हैं. बाल विवाहों पर कठोर नियंत्रण होना चाहिए.

दूसरा उपाय संतति निग्रह अर्थात छोटा परिवार हैं. परिवार नियोजन के अनेक उपाय आज उपलब्ध हैं. तीसरा उपाय राजकीय सुविधाएं उपलब्ध कराना हैं. परिवार नियोजन अपनाने वाले व्यक्तियों को वेतन वृद्धि देकर पुरस्कृत करके तथा नौकरियों में प्राथमिकता देकर भी जनसंख्या नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा सकता हैं.

इनके अतिरिक्त शिक्षा के प्रसार द्वारा तथा धार्मिक और सामजिक नेताओं का सहयोग भी जनसंख्या नियंत्रण में सहायक हो सकते हैं. ये सभी तो प्रोत्साहन और पुरस्कार से संबंधित हैं किन्तु कठोर दंड के भय के बिना विशेष सफलता नहीं मिल सकती, धर्म जाति के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवस्था के रहते हुए जनसंख्या पर नियंत्रण असम्भव हैं.

उपसंहार– आज देश के सामने जितनी समस्याएं हैं. प्रायः सभी के मूल में जनसंख्या वृद्धि ही मुख्य कारण दिखाई देता हैं जनता और सरकार दोनों ने ही इस भयावह समस्या से आँखें बंद कर रखी हैं. इस खतरे की घंटी की आवाज को अनसुना किया जा रहा हैं कहीं ऐसा न हो कि यह सुप्त ज्वालामुखी एक दिन अपने विकट विस्फोट से राष्ट्र के कुशल क्षेम को जलाकर राख कर दे.

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