Essay on Radio in Hindi | रेडियो पर निबंध

Essay on Radio in Hindi: आज हम रेडियो पर निबंध Radio Essay प्रस्तुत कर रहे हैं. जिनमें रेडियो का जन्म इतिहास और विकास को जानेगे. महत्वपूर्ण संचार के साधन रेडियो पर बच्चों लिए उपयोगी Essay on Radio in Hindi को आप कक्षा 1, 2,3,4,5,6,7,8,9,10 के बच्चों के लिए 5, 10 लाइन, 100, 200, 250, 300, 400, 500 में यहाँ से देखकर बेहतरीन निबंध अथवा भाषण आसानी से लिख सकते हैं.

Essay on Radio in Hindi | रेडियो पर निबंधEssay on Radio in Hindi रेडियो पर निबंध

Get Free Pdf Of Short Essay on Radio in Hindi Language For School Students And Kids In Long And Short Word Length Like 500 Words Radio Hindi Essay Giving Blow.

Essay on Radio in Hindi In 500 Words For Kids

एक जमाना था जब संदेश प्रसारित करने के लिए कबूतर काम में लिए जाते थे. तकनीक के अभाव में वह दौर कितना रोचक रहा होगा, जब किसी को अपना राज्य में क्या हो रहा है कोई जानकारी नहीं रही होगी. मगर बीसवीं सदी के रेडियो अर्थात आकाशवाणी के आविष्कार ने तो काया पलट ही कर दिया. अब एक यंत्र के माध्यम से दुनियां के किसी भी हिस्से में बैठकर देश दुनिया के समाचार प्राप्त किये जा सकते थे.

आकाशवाणी अथवा रेडियो आधुनिक विज्ञान की एक ऐसा उपहार हैं. जिसने मानव समाज को सर्वाधिक प्रभावित एवं आकर्षित किया हैं. यह एक ऐसा श्रव्य माध्यम हैं जो अनेक प्रकार की जानकारियाँ, शिक्षाएं, समाचार आदि देने के साथ साथ घर बैठे एक तरह से हमारा मनोरंजन किया करता हैं. रेडियो मानव का बहुत अच्छा मित्र हैं.

रेडियो का आविष्कार इटली के मार्कोनी नामक एक वैज्ञानिक ने किया था. उसने शांत जल में पत्थर का टुकड़ा फेकने से उत्पन्न लहरों से प्रेरणा पाकर रेडियो का आविष्कार किया था. इसके बाद कई वैज्ञानिकों ने रेडियों में काफी सुधार किया. उनके सुधार के फलस्वरूप ही यह अधिक उपयोगी तथा महत्वपूर्ण बन पाया हैं. आज रेडियो इतना सरल साधन बन गया हैं कि इसे हम ट्राजिस्टर के रूप में अपने जेब तक में लिए घूम फिर सकते हैं. यह हमारा प्रत्येक स्थान पर मनोरंजन कर सकता हैं.

वर्ष 1921 में रेडियो प्रसारण की शुरुआत हुई थी. यह सुचना की क्रांति में बहुत बड़ा कदम था, जिसमें आकाशवाणी के माध्यम से इंग्लैंड से न्यूजीलैंड तक समाचार प्रसारण किया गया, इस अद्भुत आविष्कार ने सम्पूर्ण जगत को आश्चर्य में डाल दिया. क्योकि यह मानव कल्पना से परे होकर कार्य कर रहा था.

सर्वप्रथम तो रेडियो पर केवल लोगों की बातचीत आदि का प्रसारण हो पाता था. मगर धीरे धीरे तकनीकी के सहयोग से इसके रूप में और विस्तार दिया गया तथा गीत, संगीत, कविता, कहानी एवं नाटक आदि का सीधा प्रसारण भी रेडियो के द्वारा किया जाने लगा. धीरे धीरे श्रोताओं की संख्या बढने के साथ ही देश दुनियां में रेडियो स्टेशन भी बढ़ते गये तथा इसने एक इण्डस्ट्री का रूप ले लिया. जिसमें लाखों लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलने लगा. रेडियो लोगों को घर बैठे उनसे जुड़ी जानकारियाँ पहुचाता रहा.

से केवल संवाद सुने जाते थे. बाद में अनेक वैज्ञानिक सुधार के बाद तो उसके द्वारा गीत, संगीत, कविता, कहानी एवं नाटक आदि भी सुने जाने लगे. इसके द्वारा कार्यक्रमों को प्रसारित कने के लिए विश्व के कई देशों में रेडियो स्टेशन खुले. यह हजारो लाखो कलाकारों, तकनीशियन, निर्माताओं, विक्रेताओं व अन्य कर्मचारियों के घर परिवार के लिए रोजी रोटी का साधन बना हुआ हैं.

इसके माध्यम से व्यापारी वर्ग अपनी वस्तुओं के विज्ञापन देकर अपने लाभ में वृद्धि कर लेते हैं. यह प्रतिदिन प्रातः से लेकर सायं तक ताजे समाचारों के अनेक बुलेटिन प्रसारित कर्जे लोगों की जानकारियों को सहज ही अंतर्राष्ट्रीय आयाम प्रदान कर देता हैं. यह हमें नई से नई सूचनाएं, कृषि कार्य एवं मौसम की जानकारी भी देता रहता हैं.

वह छात्रों के लिए परीक्षाउपयोगी विषयों का प्रसारण भी करता हैं. इसके द्वारा खोया, पाया, रेलवे और वायुयान आदि की समय सारणी तथा बाजार भाव दिखाए जाते हैं. इन्ही सब तथ्यों के आधार पर रेडियो के महत्व को समझा जा सकता हैं. विज्ञान की एक महत्वपूर्ण देन आज का एक सदाबहार अविष्कार बन गया हैं. उपरोक्त तथ्यों के आधार पर आकाशवाणी/ रेडियो को भानुमती का पिटारा कहना सर्वथा उचित ही हैं.

यह भी पढ़े-

हम आशा करते है कि हमारे द्वारा Essay on Radio in Hindi पर लिखा गया निबंध आपको पसंद आया होगा। अगर यह लेख आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूले। इसके बारे में अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *