यदि मैं वैज्ञानिक होता हिंदी निबंध | Essay on Scientist in Hindi

यदि मैं वैज्ञानिक होता हिंदी निबंध | Essay on Scientist in Hindi: जीवन में हर व्यक्ति का कोई न कोई लक्ष्य व उद्देश्य व होता हैं. यदि मैं वैज्ञानिक होता अथवा If I Were Scientist Essay in Hindi आपके साथ साझा कर रहे हैं. कक्षा 1,2,3, 4,5,6,7,8,9,10 के विद्यार्थियों के लिए छोटा बड़ा  काल्पनिक हिंदी निबंध बता रहे हैं. परीक्षा के लिहाज से यह निबंध आपके लिए काफी उपयोगी सिद्ध हो सकता हैं.

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Here We Know About Essay on Scientist in Hindi Language Short & Long Essay In 5,10 Lines, 100, 150, 200, 250, 300, 400, and 500 Words I Want To Become Scientist Essay in Hindi.

Essay on Scientist in Hindi

आज के दौर को विज्ञान अथवा संचार क्रांति का युग कहा जाए तो गलत नहीं होगा. विज्ञान की प्रगति व उन्नति के चलते सचमुच हमारा जीवन बहुत आसान हो गया हैं. हमें गर्व करना चाहिए कि देश के कई महान वैज्ञानिकों ने अपनी प्रतिभा व खोजों के जरिये हमें बहुत कुछ प्रदान किया हैं. आज भी बहुत से वैज्ञानिक और अनुसन्धानकर्ता इस दिशा में लगे हुए हैं.

ज्ञान विज्ञान तथा आधुनिक तकनीकी में भारतीय वैज्ञानिकों की भागीदारी का आंकलन किया जाए तो अवश्य ही सूनापन नजर आता हैं. भले ही हमने कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हो मगर वैज्ञानिक आविष्कारों में हमारी उपस्थिति बहुत कम है. इन्ही बातों को सोचते कई बार मेरे दिमाग में आता है काश यदि मैं वैज्ञानिक होता तो.

यदि मैं वैज्ञानिक होता तो मैं उन नवीन तकनीकी विषयों के नयें आविष्कारों के बारे में सोचता, जिसकी तरफ किसी का ध्यान न गया हो. संभव है यदि मैं किसी नयी खोज में सफल हो पाता तो निश्चय ही मेरे भारत का नाम दुनियां में एक बार फिर उच्च तकनीक वाले देशों की श्रेणी में शुमार होता. मानव की सुख सुविधा के लिए विज्ञान में कई खोजे हुई है आर्यभट्ट, वराहमिहिर, सी वी रमन जैसे भारतीयों ने इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान भी दिया हैं.

प्राचीन भारत खगोल विज्ञान ग्रह नक्षत्र विद्या में विश्व गुरु कहलाता था. दुनियां को तारों सितारों के रहस्यों एवं कालगणना का परिचय हमारे देश के वैज्ञानिकों ने ही कराया था. मानवता के भले तथा मनुष्य के कष्टों को कम करने के लिए मैं भी इस दिशा में कोई कार्य कर उनके दुःख दर्द को दूर करने में भागीदार बनता.

भारत अपने प्राचीन मानव सम्मान धरोहर को पुनः प्राप्त करे. यदि मैं वैज्ञानिक होता तो तकनीकी के क्षेत्र में कोई ऐसा कार्य भी करता जिससे हमारी सदियों पुरानी परम्परा को आगे बढ़ सके. हम सभी जानते है कि विज्ञान दुधारू तलवार हैं. अपने राष्ट्रीय स्वार्थों के चलते इसका दुरूपयोग करने से कई राष्ट्र नहीं चूकते हैं.

यही वजह है कि मानवता की भलाई और मनुष्य के विकास एव सुखी जीवन के लिए नयें तरीके खोजने की बजाय आज हार देश घातक एवं विनाशकारी हथियारों की होड़ में लगा हुआ हैं. हर देश परमाणु सम्पन्न राष्ट्र बनना चाहता है तथा अपने दुश्मन देशों को दवाब में रखने के लिए वह हमेशा इस तरह के नयें हथियारों के निर्माण तथा उनके प्रोत्साहन में लगा हुआ है.

दुनियां आज समस्याओं के दौर से गुजर रही हैं. हर तरफ समस्याओं का आलम हैं चाहे जनसंख्या विस्फोट हो या महंगाई, बेरोजगारी, बेकारी, भूख-प्यास, पानी अथवा संसाधनों का अनवरत उपयोग, प्रकृति का प्रकोप तथा नई नई बीमारियाँ आने वाले समय की बड़ी समस्याएं हैं. मानव समाज को इन समस्याओं से पार पाना जरुरी हैं.

यदि मैं वैज्ञानिक होता तो मानव से जुड़ी प्रत्यक्ष समस्याओं के निदान तथा उनके हल के उपायों पर अपनी क्षमता तथा कौशल से प्रयत्न करता हैं. दुखी मानव के दुःख व पीड़ा पर कुछ मरहम लगाने का प्रयास करता.

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