सौर ऊर्जा पर निबंध Essay on Solar Energy in Hindi

Essay on Solar Energy in Hindi: नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत हैं आज हम रिन्यूवल एनर्जी के एक माध्यम सौर ऊर्जा पर निबंध, भाषण, अनुच्छेद, लेख यहाँ हिंदी में जानेगे. सोलर एनर्जी सिस्टम क्या है कैसे काम करता है इसका इतिहास, महत्व प्रकार आदि बिन्दुओं को समेकित करते हुए सौर ऊर्जा पर यह एस्से शोर्ट में स्टूडेंट्स के लिए यहाँ दिया गया हैं.

Essay on Solar Energy in Hindi

Essay on Solar Energy in Hindi

सौर ऊर्जा पर निबंध Essay on Solar Energy: सूर्य किरणों से प्राप्त सौर ऊर्जा हैं. यह हमारे लिए ऊर्जा प्राप्ति का असीमित स्रोत हैं. भारत में सौर ऊर्जा गैर परम्परागत ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत हैं. सौर कुकरों, सौर हीटरों और सौर सेलों में सौर ऊर्जा इस्तेमाल होती हैं. सौर ऊर्जा को संग्रहित करके ताप और विद्युत् ऊर्जा में बदला जाता हैं, मानव निर्मित उपग्रहों तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग प्रमुख ऊर्जा स्रोत के रूप में किया जाता हैं.

रेडियो अथवा बेतार संचार क्षेत्रों अथवा सुदूर क्षेत्रों के टीवी रिले केन्द्रों में भी सौर सेल पैनल उपयोग किये जाते हैं. ट्रैफिक सिग्न लों परिकलको तथा बहुत से खिलौनों में सौर सेल लगे होते हैं. सौर सेलों का रखरखाव सस्ता होता हैं. इन्हें सुदूर अगम्य और ऐसे छितरे बसे हुए क्षेत्रों में भी स्थापित किया जा सकता हैं, जहाँ शक्ति संचरण के लिए केबल बिछाना अत्यंत खर्चीला और व्यापारिक दृष्टि से व्यवहारिक नहीं होता हैं.

सौर सेल द्वारा सौर ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में रूपांतरित करते हैं. जब बहुत अधिक संख्या में सौर सेलों को संयोजित करते हैं तो यह व्यवस्था सौर पैनल कहलाती हैं. सौर सेल बनाने में सिलिकॉन का उपयोग किया जाता हैं जो प्रकृति में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं सौर सेलों को परस्पर संयोजित करके सौर पैनल बनाने में सिल्वर का उपयोग किया जाता हैं.

सौर ऊर्जा पर निबंध Essay on Solar Energy in Hindi

ज्यों ज्यों मानव सभ्यता प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर उन्नत स्वरूप बनाती गई त्यों त्यों ऊर्जा की खपत भी बढ़ती ही गई. आदिकाल में जहाँ व्यक्ति की आवश्यकताएं सिमित थी, लोग कम थे जिसके चलते कृत्रिम रूप से उत्पादित ऊर्जा की कभी आवश्यकता ही महसूस नहीं की गई. जैविक रूप से सुलभ ऊर्जा के भंडारों का उत्तरोतर दोहन इस द्रुतगती से हुआ कि आगामी एक सदी में ऊर्जा के समस्त परम्परागत स्रोत समाप्त हो जाएगे.

यदि इसी तरह ऊर्जा के परम्परागत साधनों का उपयोग बढ़ता गया, तो भविष्य में भयानक ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा. मानव ऊर्जा के परम्परागत स्रोतों में वृद्धि नहीं कर सकते, यह जैविक प्रक्रिया द्वारा लाखों करोड़ों वर्षों में बनते हैं अतः विकल्प के तौर पर पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा तथा बायोगैस के विकल्प तलाशे गये. सूर्य ऊर्जा जिन्हें सोलर एनर्जी कहा जाता हैं यह सस्ती, सर्वसुलभ, निरापद, निरंतर उपयोग लाई जाने वाली अक्षय ऊर्जा हैं.

सौर ऊर्जा का अर्थ है सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा या ऊष्मा. जिन्हें पृथ्वी के हर उस स्थान पर तैयार किया जा सकता है जहाँ सूर्य दिखाई देता हैं. भविष्य में इसकी प्राप्ति के पथ में कोई अवरोध भी प्रतीत नहीं होता हैं. अन्य ऊर्जा स्रोतों की तुलना में यह पूर्ण पर्यावरण मित्र हैं. जिनसे किसी तरह का प्रदूषण भी नहीं होता हैं.

हमारी पृथ्वी के लिए ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत सूर्य ही हैं, जिसके कारण हम देख पाते है प्रकाश की किरणों से रोशनी, उष्मा से ताप तथा जलवायु को संतुलित बनाने में सहायक हैं. इस तरह सूर्य की ऊष्मा का उपयोग विविध रूपों में किया जाता हैं. मगर सूर्य की ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा के रूप में रूपांतरित करने की तकनीक को सूर्य ऊर्जा संयंत्र कहा जाता हैं.

सौर ऊर्जा के असीमित अनुप्रयोग हैं. प्रकाश के लिए बल्ब आदि से लेकर घरेलू उपयोग के विद्युत् उपकरणों कुकर, फ्रिज, एस सी, छोटी औद्योगिक इकाईयों, पानी की मोटर चलाने तथा भोजन पकाने में सोलर यंत्र सहायक होता हैं. वैज्ञानिकों ने सोलर कुकिंग यंत्र बनाया हैं जो सूर्य की किरणों का उपयोग भोजन बनाने में करता हैं. सौर ऊर्जा के दैनिक जीवन में उपभोग करने के नयें नयें तरीके खोजे जा रहे हैं. भविष्य में यह आम आदमी के जीवन में महत्वपूर्ण साबित होगी.

यदि हम सौर ऊर्जा के लाभ/ फायदे की बात करें तो इन्हें मोटे तौर पर दो भागों में विभक्त कर सकते हैं पहला व्यक्तिगत लाभ तथा दूसरा पर्यावरणीय लाभ. अब तक हमने ऊर्जा के कई वैकल्पिक स्रोतों को पहचान लिया हैं जैसे परमाणु या पवन ऊर्जा आदि मगर ये उन्नत तकनीक, उच्च खर्च एवं प्रदूषण बढ़ाने वाले होते हैं. वहीँ सौर ऊर्जा इस मामले में सर्वसुलभ, सस्ती एवं पर्यावरण हितैषी हैं. इससे ऊर्जा निर्माण की प्रक्रिया में किसी तरह के रासायनिक उत्पाद या अवशिष्ट भी नहीं निकलते है जिससे पर्यावरण दूषित हो.

इसका दूसरा पहलू आसान पहुँच का हैं. विद्युत् ऊर्जा को देश के दूर दराज इलाकों तक पहुंचाना एक चुनौती भरा काम हैं इसमें अपार जन शक्ति एवं धन का अपव्यय होता हैं. वहीँ सौर ऊर्जा की उपलब्धता बेहद सरल है चाहे मरुसथल हो या पर्वत हो या कोई द्वीप समूह यह सर्वस्थानिक सुलभ हैं. सरकार के घर घर बिजली पहुचाने के लक्ष्य को सौर ऊर्जा संयंत्रों की मदद से पूर्ण किया जा सकता हैं. इससे अधिकाँश लोगों तक न केवल बिजली सुविधाएं पहुंचाई जा सकेगी बल्कि लागत में भी बचत होगी.

दुनियां के लगभग सभी देशों में व्यापक स्तर पर ऊर्जा के इस नवीकरणीय स्रोत को नई सम्भावनाओं के साथ अपनाया जा रहा हैं. इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह ऊर्जा निकट भविष्य में कभी भी समाप्त नहीं होगी. इस तरह कहा जा सकता हैं बदले हुए युग की आवश्यकताओं के अनुरूप सोलर एनर्जी ऊर्जा का अच्छा व सस्ता विकल्प हैं. जिसे प्रोत्साहित किये जाने की जरूरत हैं.

यदि हम सौर ऊर्जा से होने वाले नुकसान या हानियों की बात करें तो सम्भवतः कोई बड़ा नुकसान नहीं हैं. मगर इसकी अपनी कुछ सीमाएं हैं जो इसके उपयोग को सिमित करती हैं. पहली सीमा यह है कि इसका अधिकतम उपयोग सूर्य की रौशनी अर्थात दिन के समय ही किया जा सकता हैं जब सूरज की किरणें स्पष्ट रूप से धरती तक आ रही हो. इसके अतिरिक्त बड़े सौर पैनल को स्थापित करने में अधिक खर्च की आवश्यकता पड़ती हैं. साथ ही इन उपकरणों का रखरखाव भी सावधानी से करना होता हैं. 

अधिक मात्रा में ऊर्जा के संचय क लिए पर्याप्त बड़े आकार के सौर पैनलों की जरूरत पड़ती हैं आमतौर पर ये घरों की छत को पूरा कवर कर लेते हैं. सर्दियों के मौसम या मानसून के दिनों में जब सूर्य बादलों के पीछे छिप जाता हैं ऐसी स्थिति में सौर पैनल से ऊर्जा प्राप्ति संभव नहीं होती हैं. ऐसी स्थिति में हमें ऊर्जा के अन्य स्रोतों पर निर्भर होना पड़ता हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता हैं खुले मौसम के समय में खासकर दिन के समय सौर ऊर्जा का उपयोग अबाधित रूप से किया जा सकता हैं जबकि अन्य समय के लिए घरेलू विद्युत् का सहारा ले सकते हैं.

सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) के महत्व | Solar Energy (Saur urja) and its importance in hindi

भारत 130 करोड़ आबादी वाला विशाल देश है जहाँ के जीवन के लिए विपुल मात्रा में ऊर्जा भंडार की आवश्यकता हैं. केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा अपने नागरिकों की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए विभिन्न नवीकरणीय और अनवीकर णीय ऊर्जा विकल्पों का सहारा लिया जाता हैं. संसार में कोयले द्वारा विद्युत् उत्पादन एवं उसकी खपत में भारत का पांचवा स्थान हैं. जिस दर से जनसंख्या वृद्धि हो रही है उसी अनुपात में हमारी ऊर्जा सम्बन्धी आवश्यकताएं एवं निर्भरता भी बढ़ती है.

वर्तमान में देश की कुल ऊर्जा का 53 प्रतिशत भाग कोयले द्वारा उत्पादित विद्युत् ऊर्जा हैं. एक अनुमान के अनुसार आने वाले 25-30 वर्षों में कोयले के अधिकांश भंडार समाप्त हो जाएगे. साथ ही देश में ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है जो बिना विद्युत् या 24 घंटे में एक छोटे कालखंड में ही रोशनी के दर्शन हो पाते हैं. ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सौर ऊर्जा आदि को प्रोत्साहन देने की महत्ती आवश्यकता हैं.

सौर ऊर्जा के प्रयोग (Use of solar energy essay in hindi)

शरद ऋतु का मौसम चल रहा हो तब चाहे पानी पीना हो या स्नान करना हो. ठंडा पानी हमेशा सिरदर्द बना रहता है उस वक्त हमे जरूरत होती है एक ऐसे साधन कि जो पानी को गर्म करे. मगर यदि हम थोडा विवेक से काम ले और पानी के बर्तन को कुछ समय के लिए धूप में छोड़ दे तो वह गुनगुना हो जाएगा. सौर ऊर्जा के ये सामान्य उपयोग है जो हमारे जीवन के अभिन्न अंग है.

इसके अलावा कई अन्य तरीको से सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जाता हैं. दो तरीको से हम सौर ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में बदल कर इच्छित उपयोग कर सकते हैं. पहला है विद्युत् सेल एवं दूसरा है किसी द्रव पदार्थ को सूरज की गर्मी से गर्म करने के बाद विद्युत् जनित्र चलाकर ऊष्मा उत्पन्न की जा सकती हैं. हमारे जीवन में सौर ऊर्जा प्रकाश तथा ऊष्मा के रूप में उपयोग में ली जाती हैं. इसका प्रयोग अनाज को सुखाने, जल उष्मन, खाना पकाने, प्रशीतन, जल परिष्करण तथा विद्युत उत्पादन आदि में भी व्यापक स्तर पर किया जा सकता हैं.

सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में कैसे बदलें? (How to convert solar energy into electrical energy?)

वर्तमान में ऐसी दो विधियाँ प्रचलित हैं जिनका उपयोग करके सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदला जा सकता हैं. पहली विधि को सौर तापीय अथवा सोलर थर्मल कहा जाता है जिन्हें बड़े बड़े पावर स्टेशन बनाकर भी विद्युत् कन्वर्जन होता हैं. इसमें सूर्य की ऊष्मा को गर्म कर घरेलू या व्यावसायिक उपयोग हेतु तैयार किया जाता हैं. दूसरी विधि प्रकाशविद्युत विधि है इसे हम फोटो इलेक्ट्रिक मैथड के रूप में जानते है जिसमें सौर ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में बदलने के लिए फोटोवोल्टेक सेलों की मदद ली जाती हैं.

सौर ऊर्जा का कारण क्या है? (What is the reason for solar energy?)

सौर ऊर्जा वह उर्जा कहलाती है जिन्हें हम प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सूर्य से प्राप्त करते हैं. इन्हें दो विधियों से विद्युत् ऊर्जा में बदल कर घरेलू उपयोग किया जाता हैं. फोटो इलेक्ट्रिक विधि का अधिक उपयोग किया जाता है जिसमें विद्युत् जनित्र को चला कर ऊर्जा उत्पन्न की जाती हैं.

सौर ऊर्जा से क्या लाभ है? (What is the benefit of solar energy?)

सौर’ का अर्थ है सूर्य से ऊर्जा प्राप्त करना, अर्थात वह ऊर्जा जो हमें सीधे सूरज से मिलती हैं. यह प्रकाश की किरणों तथा धूप के रूप में अर्जित की जाती हैं. इसके कई लाभ है यथा यह पर्यावरण का सबसे अनुकूल ऊर्जा स्रोत हैं जिससे सबसे कम मात्रा में पर्यावरण का प्रदूषण होता हैं. यह कार्बनडाई ऑक्साइड जैसे प्रदूषकों से मुक्त हैं. सौर ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए बड़े संयंत्र अथवा स्थान की आवश्यकता भी नहीं होती हैं. अपने घर की छत पर इसे स्थापित किया जा सकता हैं. सौलर कुकर से भोजन बनाकर हम बिजली की खपत को भी कम कर सकते हैं.

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