ट्रैफिक पुलिस पर निबंध essay On Traffic police in hindi

ट्रैफिक पुलिस पर निबंध essay On Traffic police in hindi: नमस्कार आज हम आपके साथ ट्रेफिक पुलिस यातायात पुलिस सड़क सुरक्षा पर निबंध बता रहे हैं. वह पुलिस दस्ता जो सड़क चौराहों पर कभी हेल्मेंट पहनने की अपील करते नजर आते है तो कभी यातायात संकेतकों का पालन करने के लिए चालकों को सलाह देते हैं. हमारी सुरक्षा को अपना दायित्व समझने वाली ट्रैफिक पुलिस के बारे में इस निबंध में विस्तार से जानेगे. 

essay On Traffic police in hindi

essay On Traffic police in hindi

हमारे देश में कई प्रकार की पुलिस होती हैं जिनमें से ट्रैफिक पुलिस भी एक हैं. इन्हें यातायात पुलिस भी करते हैं इसका कार्य सड़क परिवहन एवं सुरक्षा से सम्बन्धित होता हैं. पिछले दशक की तुलना में आज वाहनों की संख्या दो गुना से अधिक हो चुकी हैं. वाहनों की बढ़ती अनियंत्रित संख्या से सड़क हादसों में भी बेहताशा वृद्धि हो रही हैं. बड़ी संख्या में वाहन चालक सड़क सुरक्षा के नियमों की अवहेलना करते हैं. जागरूकता की कमी अथवा अज्ञान के कारण हर दिन लाखों बेगुनाह लोग सड़क दुर्घटना में अपना जीवन गंवा देते हैं.

अतः ट्रैफिक पुलिस का यह दायित्व है कि वह यह सुनिश्चित करे कि सड़क पर वाहन चलाने वाला प्रत्येक व्यक्ति नियमों का पालन करे. यदि कोई तय स्पीड से अधिक वाहन चलाता है, लाइसेंस विहीन, सीट बेल्ट या हेलमेट नहीं पहनता अथवा सिग्नल तोड़ देता हैं तो यातायात पुलिस उनका चालान कर गिरफ्तार कर सकती हैं. सामान्य व्यक्ति को भी सड़क पर वाहन चलाने के नियमों की जानकारी होनी चाहिए यथा आपकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो, वाहन चलाने के लिए उपयुक्त लाइसेंस हो यदि ऐसा नहीं है तो आप यातायात के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं इसके हर्जाने के स्वरूप पुलिस आपका चालान कर सकती हैं.

जिस तरह से सड़कों पर वाहनों की रेलमपेल बढ़ रही हैं ट्रैफिक पुलिस की भूमिका और अधिक अहम हो जाती हैं. इनकी वजह से लोग सावधानी से नियमों में रहकर ड्राइविंग करने लगते हैं. इससे न केवल व्यवस्था बनती हैं बल्कि बड़ी जनहानि होने से भी बचाव हो जाता हैं. पूरी तरह से सड़क सुरक्षा एवं सड़क हादसों में कमी करने के लिए चाहिए कि प्रत्येक ट्रैफिक पुलिस मैंन पूर्ण ईमानदारी से अपने कर्तव्यो का निर्वहन करें. तभी हम सड़क पर जान खोने के खतरों को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं.

यदि मैं यातायात पुलिस का सिपाही होता तो निबंध

  • मैं यातायात के नियमों का सख्ती से पालन करवाता ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे और दुर्घटनाएं न हो.
  • मैं यह देखता कि सभी वाहन चालक ड्राइविंग लाइसेंस अपने साथ रखते है या नहीं. वे हेलमेट या सीट बेल्ट पहनते है या नहीं.
  • यदि कोई अवयस्क वाहन चला रहा है तो मैं उसे पकड़ता और उस एवं वाहन मालिक पर जुर्माना लगाता ताकि अवयस्क व्यक्ति आगे वाहन न चलाए तथा वाहन मालिक यह ध्यान रखे कि किसी अवयस्क को अपना वाहन न दे.
  • मैं यह देखता कि सभी चौपहिया वाहन के ड्राईवर अपनी सीट बेल्ट पहनकर ही वाहन चलायें. यदि कोई इसका कोई उल्लंघन करता पाया जाए तो उस पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 138 (3) सी एम वी आर 177 के तहत सीट बेल्ट न पहनने वाले वाहन चालक से जुर्माना लेता.
  • मैं यह देखता कि लाल बत्ती होने पर सभी वाहन स्टॉपलाइन से पहले रूकें तथा हरी बत्ती होने पर ही चलें
  • मैं यह देखता कि जब पैदल यात्री जेब्रा कोर्सिंग से सड़क पार कर रहे हो तो वाहन धीरे करें और उनको सड़क पार करने दे.
  • शराब पीकर वाहन चलाने वालों की धर पकड़ करता.

इस प्रकार एक ट्रैफिक पुलिस के सिपाही के कंधों पर सड़क पर चलने वाले सभी लोगों की जिम्मेदारी होती हैं. कोई शराब पीकर या अनियंत्रित गाड़ी चलाने वाला चालक किसी को नुकसान न पहुचाए तथा सभी लोग एक व्यवस्था के तहत नियमों की पालना करते हुए सड़क पर चले इसमें यातायात पुलिस की निर्णायक भूमिका होती हैं.

यह भी पढ़े

आशा करता हूँ फ्रेड्स essay On Traffic police in hindi का यह निबंध आपकों पसंद आया होगा, यहाँ संक्षिप्त में यातायात पुलिस पर निबंध दिया गया हैं. यदि आपकों निबंध में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *