सब्जी पर निबंध | Essay on Vegetables in Hindi

Essay on Vegetables in Hindi: हरी सब्जियाँ एवं ताजे फल हमारे भोजन का अभिन्न अंग हैं, आज हम सब्जियाँ या सब्जी पर निबंध बता रहे हैं. इस निबंध, स्पीच, भाषण, अनुच्छेद लेख में हम जानेगे कि सब्जी क्या है इसका अर्थ औषधीय गुण, उपयोग आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे तो चलिए इस शोर्ट निबंध को पढ़ना आरम्भ करते हैं.

 Essay on Vegetables in Hindi

Essay on Vegetables in Hindi

अच्छे स्वास्थ्य व तंदुरस्ती के लिए भोजन में पर्याप्त मात्रा में फल एवं हरी सब्जियों का होना जरुरी हैं. सब्जी किसी पादप के उस भाग को कहा जाता हैं, जिन्हें आंच पर पकाकर खाने के उपयोग में लाया जाता हैं. इन्हें किसान (माली) अपने खेतों में उगाते हैं तथा पकने पर बाजार में ठेला सजाकर बेचते है अथवा सब्जी के थोक विक्रेताओं को मंडी में बेच आते हैं.

हमारा देश सब्जियों के मामले में आत्मनिर्भर हैं. प्रत्येक राज्य में सब्जियों का बड़ा उत्पादन होता हैं जिन्हें आवश्यकतानुसार परिवहन के द्वारा एक दूसरे स्थान पर पहुंचाया जाता हैं. कुछ अधिकतर सब्जियों का सेवन पकाकर ही भोजन के रूप में होता है जबकि कुछ का कच्चे रूप में सलाद बनाकर खाया जाता हैं. सभी सब्जियों के गुणधर्म अलग अलग होते है यह कई रोगों के ईलाज में औषधि के रूप में भी काम करती हैं.

जीवन में सब्जी का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि इसके बिना रसोई उसी तरह है जिस तरह बिना पहियों के गाड़ी, हम अक्सर गोभी, टमाटर, आलू, लाल व हरी मिर्च, भिंडी, प्याज, करेला, पालक, मेथी, खीरा आदि का बहुतायत उपयोग करते हैं, ये ऋतुओं के अनुसार खेतों में उगाई जाती है. विश्व भर में कुल 80 किस्म की सब्जियाँ उगाई जाती है, जिनमें अधिकतर का उत्पादन हमारे देश में भी होता हैं.

सब्जियों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों में विटामिन, प्रोटीन, खनिज, रेशे प्रमुखतया हैं. इनका सिमित मात्रा में उपयोग ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना गया हैं. बच्चें, बूढ़े, स्त्री, पुरुष, विद्यार्थी, मरीज, एथलीट सभी को सब्जियों का नियमित सेवन करना चाहिए. ये शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद करते हैं.

हरी सब्जियों का महत्व

शरीर के संतुलित विकास एवं आरोग्य के लिए शाक सब्जियाँ महत्वपूर्ण हैं, इनमें शरीर के विकास एवं वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाएं जाते हैं. पालक, तोटाकुरा, गोंगुरा, मेथी, सहजन की पत्तियाँ व पुदीना को बिना पकाएं भी खाया जा सकता हैं, सब्जियों को अग्नि पर कम समय पर रखना चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा में पकाने से विटामिन सी के गुण समा प्त हो जाते हैं.

पत्तेदार सब्जियों में आयरन की मात्रा भरपूर होती है यह गर्भवती स्त्रियों के लिए अच्छा पोषण माना जाता हैं, नित्य पत्तेदार सब्जी के सेवन से एनीमिया की समस्या से निपटा जा सकता हैं. भारत में कम उम्रः के बच्चों में अंधेपन की समस्या आम है विटामिन ए की कमी के कारण ऐसा होता हैं. यदि उन्हें नियमित रूप से सब्जियों का सेवन कराया जाए तो सब्जियों में केरोटीन तत्व पाया जाता है जो अंधेपन की समस्या को समाप्त कर सकता हैं.

हरी सब्जियों के पोषक का एक मानक स्तर निर्धारित हैं जिसके अनुसार हमें इसका सेवन करना चाहिए, महिलाओं के लिए 100 ग्राम, पुरुषों के लिए 50 ग्राम, स्कूल जाने वाले व यूकेजी एलकेजी के बच्चों के लिए भी 50 ग्राम सब्जी प्रतिदिन पर्याप्त हैं. इससे अधिक मात्रा में अनियंत्रित उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता हैं.

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