युवा शक्ति पर लेख | Essay On Youth Power

Essay On Youth Power जिस देश में 65 फीसदी आबादी 35 वर्ष से कम आयु की हो, भला वह देश कहा पीछे रह सकता हैं. युवा शक्ति ही किसी भी देश के लिए सबसे बड़ी पूंजी होती हैं. यदि सरकारों द्वारा अच्छा दिशानिर्देश और आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध करवाया जाए तो वह देश प्रगति में पीछे कभी नही रखता. ठीक जैसे आज भारत की युवी शक्ति अपना परचम दुनिया में फहरा रही हैं. आईटी क्षेत्र हो चिकित्सा शिक्षा हो शांति इस देश का युवा मोर्डेन डे महाराजा की भांति विश्व के बहुत से देशो की अर्थव्यस्था का बहुत बड़ा जिम्मा उठा रहे हैं, चाहे सयुक्त राज्य अमेरिका में ही देख लो न.

युवा शक्ति पर लेख | Essay On Youth Power

युवा शक्ति क्या हैं या किन्हें युवा शक्ति कहेगे- किसी भी देश के वे नौजवान जो 15 से 35 वर्ष की आयुसीमा के हैं. उन्हें हम युवा कह सकते हैं. किसी भी देश का वर्तमान और भविष्य उनके युवाओं के कौशल पर निर्भर करता हैं.वर्तमान समय में 70 करोड़ के आस-पास युवाओं की संख्या हैं. विश्व के 95 ऐसें देश हैं जिनकी आबादी नही हैं उतनी संख्या में भारत के पास युवा शक्ति हैं. दुसरे शब्दों में यदि भारत को युवा देश अर्थात यूथ सुपर पॉवर कहा जाए तो कुछ भी गलत नही होगा.

कुछ समस्याए जो आजादी के बाद से हमारा पीछा छोड़ने का नाम ही नही ले रही जिनमे पिछड़ेपन, बेरोजगारी, अशिक्षा, रूढ़ीवाद, भ्रष्टाचार जैसी विकराल समस्या होने के उपरान्त भी भारतीय युवा विश्व में अपनी अद्भुत क्षमता के साथ विशेष पहचान बनाए हुए हैं.

यदि पिछले एक दशक का आकलन किया जाए तो हमारा देश आर्थिक तकनिकी और सांस्कृतिक क्षेत्र में अन्य प्रतिस्पर्धी देशो के मुकाबले में तेजी से आगे बढ़ रहा हैं. इस तेज और तीखी रफ़्तार का केंद्र बिंदु हमारी युवा शक्ति ही तो हैं. पुरानी पीढ़ी के लोगों से अधिक कार्यकुशल, तकनीक उन्नत और साहसी हैं. जो दुसरो के निर्णयों या आदेश पर चलने की बजाय स्वय अपने निर्णय लेने में कुशल हैं.

आज की युवा शक्ति बनाम ओल्ड जनरेशन

आज युवा US डोलर या पोंड की बजाय अपने ही रूपये के दम पर अपनी पहचान को बनाकर इन्हे मंजिल तक पहुचाते हैं. किसी भी मामले में आज के युवा पुरानी पीढ़ी के लोगों से कही बेहतर और आगे हैं. आज के तकनिकी युग में ओल्ड जनरेशन इन सभी तकनिकी उपकरणों में असहाय नजर आती हैं. वही आज की पीढ़ी के युवा के पास लेटेस्ट स्मार्टफोन बाइक, कंप्यूटर से लेकर वे तमाम चीजे उनके उपयोग में रहने के साथ-साथ वह इनमे पूर्णतया दक्ष भी हैं.

युवा और पुरानी पीढ़ी के लोगों में कई मुलभुत अंतर हैं, जिनमे सोच और नजरिया भी शामिल हैं. किसी समस्या पर ओल्ड जनरेशन के लोग उन्ही पारम्परिक तरीके या इलाज की तरफ रुख करते हैं. जबकि युवा शक्ति इन मामलो में नए प्रयोग अथवा आविष्कार की ओर देखती हैं.

नईं पीढ़ी की भारतीय युवा शक्ति ने अपनी बुद्दि कौशल और क्षमता के आधार पर दुनियाभर में अपना लोहा मनवाया हैं. आज बहुराष्ट्रीय कंपनिया आईआईएम और iit के भारतीय युवाओं के लिए उचे वेतनमान और सुविधाएँ उपलब्ध करवा रही हैं. आज के परिद्रश्य में सभी क्षेत्रो में तुलना की जाए तो सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में भारतीय युवा ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, चाइना, सयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, कनाडा सहित दुनिया के सभी देशो में फैले हुए हैं.

भारतीय युवा और जिम्मेदारी पर निबंध,आज का युवा वर्ग

आज खेल कूद में विराट कोहली साइन नेहवाल, पीवी सिन्धु, महाबली शेरा, विजेंद्र, कृष्णा पुनिया जैसे दिग्गज खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओ में अपनी धाक जामाए हुए हैं. राजनीती में अरविन्द केजरीवाल, सचिन पायलट, अगाथा संगमा, नवीन जिंदल, जैसे युवा समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने हुए हैं.

इन्टरनेट की इस दुनिया में भारतीय युवा शक्ति विश्व के तकनीक सम्पन्न देशो की स्पर्धा कर रहे है. इनके अतिरिक्त जीने का ढंग, रहन-सहन, व्यवहार बोलचाल इत्यादि में इस युवा शक्ति का कोई जवाब नही हैं., तमाम परेशानियों के होने के बावजूद आज के युवा अपनी राह बनाकर आगे बढ़ रहे हैं. यही सुनहरे भारत के भविष्य के प्रतीक हैं.

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